
एमसीबी/ चिरमिरी।
शहर में विदेशी शराब की बिक्री को लेकर मिलावट की आशंका ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। चिरमिरी में संचालित 5 विदेशी शराब दुकानों में बने केबिन अब संदेह के केंद्र बन गए हैं। उपभोक्ताओं का दावा है कि इन केबिनों के भीतर कुछ लोगों को बोतलों की सील खोलते, छेड़छाड़ करते और संदिग्ध गतिविधियाँ करते देखा गया है, जिससे शराब की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बोतलों की सील इतनी सफाई से खोली जाती है कि आम ग्राहक को ज़रा भी अंदाजा नहीं लगता। इससे उपभोक्ताओं में यह आशंका और गहरी हो गई है कि कहीं बाजार में मिलावटी या घटिया शराब तो नहीं पहुंच रही।
इसके उलट, मनेंद्रगढ़ से लगे एमपी क्षेत्र की दुकानों में किसी तरह का केबिन नहीं है, जिससे वहां ऐसी गतिविधियों की संभावना कम मानी जाती है। यह अंतर चिरमिरी की दुकानों की कार्यप्रणाली को और संदिग्ध बना रहा है।
निवासियों ने शराब दुकानों की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि किसी उपभोक्ता को शिकायत दर्ज करवानी हो तो विभागीय अधिकारियों से संपर्क करना आसान नहीं होता। कई बार शिकायतें सही जगह तक पहुँच ही नहीं पातीं, जिससे उपभोक्ताओं की समस्याएँ अनसुनी रह जाती हैं।
लोगों ने आबकारी विभाग से व्यापक और पारदर्शी जांच की मांग की है ताकि दुकानों में बेची जा रही शराब की गुणवत्ता की पुष्टि हो सके और किसी भी संभावित अनियमितता पर अंकुश लगाया जा सके।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि वर्षों से एक ही जगह जमे हुए कुछ सुपरवाइजर और उनके सहयोगियों ने दुकान संचालन को अपने नियंत्रण में कर रखा है। “अंगद की तरह पैर जमाए बैठे ये लोग ऐसा खेल खेल रहे हैं कि सब कुछ पानी की तरह बह रहा है, लेकिन कोई रोकने वाला नहीं,” लोगों ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा।
इसके साथ ही कुछ अधिकारी भी सवालों के घेरे में हैं। लोगों का आरोप है कि अधिकारियों की प्राथमिकता जनता की सुरक्षा और स्वास्थ्य नहीं, बल्कि अपना लाभ साधना रह गया है। परिणामस्वरूप आम उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ हो रहा है।
स्थानीय जनता ने स्पष्ट कहा है कि यदि विभाग समय-समय पर कड़ी निगरानी, नियमित चेकिंग और सीसीटीवी आधारित पारदर्शी मॉनिटरिंग लागू करे, तो ऐसी शंकाओं पर स्वतः रोक लग सकती है और उपभोक्ता सुरक्षित रहेंगे।
चिरमिरी के नागरिक अब आबकारी विभाग से कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहे हैं, ताकि सच सामने आ सके और शराब बिक्री व्यवस्था में सुधार लाया जा सके।






