
✍️ भागीरथी यादव
राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के बोरतलाव थाना क्षेत्र के कौहापानी जंगल में बुधवार सुबह पुलिस और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। इस दौरान मध्यप्रदेश पुलिस के इंस्पेक्टर आशीष शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनकी इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है और सुरक्षा बलों ने संयुक्त अभियान तेज कर दिया है।
सुबह-सुबह घात लगाकर हमला
जानकारी के अनुसार, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की संयुक्त पुलिस टीम बुधवार सुबह नक्सल विरोधी सर्च ऑपरेशन पर निकली थी। इसी दौरान जंगल में घात लगाए बैठे नक्सलियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की और दोनों तरफ से लंबे समय तक गोलीबारी चलती रही।
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फायरिंग के दौरान इंस्पेक्टर आशीष शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत डोंगरगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि उनके पेट, सीने और पैर में कई गोलियां लगी थीं।
नक्सलियों की मौजूदगी पर खुफिया इनपुट के बाद शुरू हुआ था अभियान
राजनांदगांव रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अभिषेक शांडिल्य ने बताया कि एमएमसी (महाराष्ट्र-मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़) जोन में नक्सलियों की सक्रिय मौजूदगी की पुष्टि के बाद यह संयुक्त ऑपरेशन चलाया जा रहा था। अचानक हुई फायरिंग में इंस्पेक्टर आशीष शर्मा बुरी तरह घायल हो गए और बाद में शहीद हो गए।
विधायक भी पहुंचीं अस्पताल, परिजनों को दी जाएगी सूचना
डोंगरगढ़ विधायक हर्षिता स्वामी बघेल अस्पताल पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि शहीद इंस्पेक्टर आशीष शर्मा मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के रहने वाले थे। प्रशासन द्वारा परिजनों को सूचना देकर शव पैतृक गांव भेजने की व्यवस्था की जाएगी।
नक्सल ऑपरेशन पर सवाल भी उठे
विधायक ने मुठभेड़ में शहीद को श्रद्धांजलि देते हुए नक्सल उन्मूलन अभियान की सराहना की, लेकिन यह भी कहा कि कई बार ऑपरेशन के दौरान आदिवासी समुदाय के निर्दोष लोगों पर कार्रवाई की शिकायतें मिलती हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है।
फिलहाल क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन और भी मजबूत कर दिया है। मुठभेड़ क्षेत्र में नक्सलियों की तलाश जारी है।






