
मनेंद्रगढ़। शहर के रहवासी इलाकों में पिछले तीन महीनों से भालुओं की रोज़ाना मौजूदगी ने लोगों की नींद उड़ा दी है। हालात ये हैं कि लोग घरों से निकलने से पहले दरवाज़ा नहीं, सड़क पर भालू तो नहीं—यह देख रहे हैं। शनिवार की रात फिर मादा भालू अपने दो शावकों के साथ NH-43 और आमाखेरवा रोड में घूमती दिखी, जबकि लोग वीडियो बनाने में जुटे रहे और वन विभाग दूर खड़ा केवल समझाइश देता रहा।

कुछ दिन पहले इसी मादा भालू ने एक व्यक्ति पर हमला भी किया था, बावजूद इसके विभाग अब तक किसी ठोस कार्रवाई की बजाय केवल “निगरानी” का दावा कर रहा है। सवाल यह है कि आखिर भालू बार-बार शहर में क्यों घुस रहे हैं—क्या जंगल में भोजन की कमी है या विभाग के पास पकड़ने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं?
नागरिक दहशत में हैं, बच्चे-बुजुर्ग घरों में कैद हैं, और शहर हर आवाज़ पर चौकन्ना है। लोगों की एक ही मांग है—सलाह नहीं, समाधान चाहिए। वन विभाग कब वास्तविक कार्रवाई करेगा, इसी का इंतजार है।






