
✍️ भागीरथी यादव
नई दिल्ली। मोबाइल कनेक्टिविटी के तेजी से विस्तार के बीच संचार मंत्रालय ने नागरिकों को मोबाइल उपकरणों और सिम कार्ड से जुड़े दुरुपयोग को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है। मंत्रालय ने सोमवार को स्पष्ट किया कि छेड़छाड़ किए गए IMEI नंबर, फर्जी दस्तावेजों से खरीदे गए सिम कार्ड और अपने नाम पर लिए गए सिम को किसी अनजान व्यक्ति को देने पर कड़े कानूनी परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
आधिकारिक बयान के अनुसार, छेड़छाड़ किए गए IMEI नंबर वाले मोबाइल का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है। मंत्रालय ने बताया कि कई नागरिक अनजाने में फर्जी या छेड़छाड़ किए गए मोबाइल डिवाइस और सिम का उपयोग करते हैं, जो साइबर अपराधों को बढ़ावा देता है और उन्हें भी अपराधी की श्रेणी में ला देता है।
मंत्रालय का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति के नाम पर खरीदा गया सिम कार्ड किसी और के द्वारा साइबर धोखाधड़ी में उपयोग किया जाता है, तो मूल खरीदार भी दोषी माना जाएगा। इसलिए नागरिकों के लिए यह बेहद जरूरी है कि वे अपने नाम पर खरीदे गए सिम किसी अनजान व्यक्ति को न दें और न ही फर्जी पहचान का उपयोग करके सिम प्राप्त करें।
सरकार ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे संचार साथी पोर्टल या संचार साथी ऐप के माध्यम से अपने मोबाइल डिवाइस के IMEI नंबर को अवश्य सत्यापित करें। ऐप पर उपयोगकर्ताओं को डिवाइस का ब्रांड, मॉडल और निर्माता की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाती है।
मंत्रालय ने महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों का उल्लेख करते हुए बताया कि दूरसंचार अधिनियम, 2023 टेलीकम्युनिकेशन आइडेंटिफायर्स से छेड़छाड़ पर कठोर दंड का प्रावधान करता है।
धारा 42(3)(c): किसी भी प्रकार से टेलीकम्युनिकेशन आइडेंटिफायर, जैसे IMEI, में छेड़छाड़ पर प्रतिबंध।
धारा 42(3)(e): फर्जी दस्तावेजों से सिम कार्ड या टेलीकम्युनिकेशन आइडेंटिफायर लेने पर रोक।
मंत्रालय ने एक बार फिर जोर देकर कहा कि डिजिटल सुरक्षा में लापरवाही अब महंगी पड़ सकती है। नागरिकों को जिम्मेदारी और सावधानी के साथ मोबाइल व सिम का उपयोग करने की अपील की गई है, ताकि साइबर अपराधों पर रोक लगाई जा सके और डिजिटल वातावरण को सुरक्षित बनाया जा सके।








