
✍️ भागीरथी यादव
प्रदेश में लगातार बढ़ रही ठंड और शीतलहर की तीव्रता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आमजन की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और अत्यधिक ठंड के दौरान यात्रा से परहेज़ करें।
अधिकारियों ने बताया कि गर्म कपड़ों का उपयोग, शरीर को गर्म रखने वाले तरल पदार्थों का सेवन और ठंड से बचाव ही शीतलहर के प्रभाव को कम कर सकता है। यदि किसी व्यक्ति में अत्यधिक कंपकंपी, उंगलियों का पीलापन/सफेदपन या सुन्नता जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सकीय मदद लेनी चाहिए। बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि वे तापमान में गिरावट से अधिक प्रभावित होते हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी दी है कि बंद कमरे में कोयला जलाकर आग सेंकना जानलेवा साबित हो सकता है। इससे निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस शरीर में जाकर गंभीर विषाक्तता पैदा कर सकती है। विभाग ने नागरिकों से ऐसी खतरनाक प्रथाओं से बचने की अपील की है।
हाइपोथर्मिया के मामलों को लेकर भी चेताया गया है। शरीर का तापमान अत्यधिक गिरने, बोलने में कठिनाई, लगातार कंपकंपी, सांस भारी होना, मांसपेशियों में जकड़न जैसे लक्षण दिखने पर व्यक्ति को तुरंत गर्म स्थान पर ले जाकर कंबल में लपेटना चाहिए और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करना चाहिए। गंभीर स्थिति में हाइपोथर्मिया अचेतन अवस्था तक ले जा सकता है।
जिला स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम के अनुरूप वस्त्र पहनें, सतर्क रहें और किसी भी स्वास्थ्य समस्या को हल्के में न लें। समय पर उपचार से बड़ी दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।






