
✍️ भागीरथी यादव
पटना के अति संवेदनशील बेऊर केंद्रीय कारा में शनिवार तड़के पुलिस ने व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। कार्रवाई इतनी अचानक और बड़े पैमाने पर थी कि जेल प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई। यह छापेमारी बिहार के नए गृह मंत्री सम्राट चौधरी द्वारा जेलों में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों पर सख्त कदम उठाने के निर्देश के बाद की गई है।
बेऊर जेल वह स्थान है जहां फिलहाल मोकामा के विधायक और बाहुबली नेता अनंत सिंह बंद हैं, जिसके कारण यह छापेमारी और भी संवेदनशील मानी जा रही है।

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सुबह 5 बजे अचानक शुरू हुआ ऑपरेशन
सर्च ऑपरेशन सुबह करीब 5 बजे शुरू हुआ, जब सभी कैदी अपने-अपने वार्डों में बंद थे। अभियान का नेतृत्व सिटी एसपी पूर्वी, सिटी एसपी मध्य और एडीएम ने किया।
भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सभी वार्डों की गहन तलाशी ली गई और किसी बाहरी व्यक्ति को जेल परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।
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बेऊर जेल से आपराधिक गतिविधियों के तार जुड़ने का शक
सूत्रों के अनुसार, राजधानी पटना और आसपास के जिलों में हाल ही में हुई हत्या, लूट और डकैती जैसी बड़ी वारदातों के तार बेऊर जेल में बंद कुछ अपराधियों से जुड़े होने की आशंका थी।
इसी शक के आधार पर पुलिस ने निगरानी बढ़ाई और औचक छापेमारी को लगातार जारी रखा है।
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बरामदगी को लेकर इंतजार, पुलिस बोले—जांच पूरी होने पर खुलासा
सर्च के दौरान क्या-क्या सामग्री मिली है, इस पर आधिकारिक बयान अभी नहीं दिया गया है।
सिटी एसपी पूर्वी ने बताया कि छापेमारी पूरी होने के बाद ही बरामदगी और आगे की कार्रवाई के बारे में जानकारी दी जाएगी।
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अन्य जिलों में भी एक्शन, बाढ़ उपकारा में भी छापा
बिहार के कई जिलों में जेलों में छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। बाढ़ उपकारा में भी पुलिस ने इसी तरह की कार्रवाई की है।
स्पष्ट है कि गृह मंत्रालय के नए नेतृत्व के बाद पुलिस पूरे राज्य में जेलों में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क को तोड़ने के लिए कड़े कदम उठा रही है।
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यह छापेमारी राज्य सरकार के सख्त रुख और जेलों में अपराध पर लगाम लगाने की बड़ी पहल का संकेत मानी जा रही है।








