
✍️ भागीरथी यादव
बिहार के काइमूर जिले में हुई दो मासूम भाई-बहन की संदिग्ध मौतों ने पूरे इलाके को दहला दिया है। 10 साल की शिवानी और 12 साल के सुधीर की लाशें खेतों के बीच बने एक झोपड़े में मिलने के बाद गांव में मातम के साथ दहशत फैल गई है। घटना के हालात इतने उलझे हुए हैं कि पूरा मामला रहस्य में डूब चुका है और पुलिस भी हर एंगल से जांच में जुट गई है।
कैसे खुला दर्दनाक हादसा?
सुबह शिवानी रोज की तरह खेतों की ओर गई थी, लेकिन देर तक नहीं लौटी। पिता घुर्बिगन राजभर चिंतित हो उठे। बड़ी बहन और भाई सुधीर उसे खोजने निकले। थोड़ी दूरी पर बने एक झोपड़े तक पहुंचने पर जो दृश्य उन्होंने देखा, उसने सबको हिला दिया—
झोपड़ी के अंदर शिवानी फंदे से लटकी थी। यह देखकर बहन डरकर घर की ओर भागी, लेकिन सुधीर वहीं रुक गया।
कुछ देर बाद जब पिता मौके पर पहुंचे तो हालात और भी संदिग्ध पाए गए। शिवानी को फंदे से उतारकर जमीन पर रख दिया गया था और सुधीर अब खुद फांसी पर लटका मिला। घटनास्थल का यह बदलता हुआ परिदृश्य कई सवाल खड़े करता है।
शिवानी ने अस्पताल पहुंचते ही दम तोड़ दिया, जबकि गंभीर हालत में भर्ती सुधीर छह दिनों तक जिंदगी से जूझता रहा और आखिरकार शुक्रवार को उसकी भी मौत हो गई।
परिवार का सनसनीखेज आरोप
पिता घुर्बिगन राजभर ने दावा किया कि गांव के एक दबंग व्यक्ति ने कुछ दिन पहले पानी पीने का विवाद होने पर उनके बच्चों को जान से मारने की धमकी दी थी।
परिवार को शक है कि यह घटना कोई हादसा नहीं, बल्कि उसी धमकी का नतीजा है।
पुलिस की जांच तेज – 9 पर FIR
सूचना मिलते ही चैनपुर थाना पुलिस और बभुआ डीएसपी मनोरंजन भारती मौके पर पहुंचे।
परिवार की तहरीर पर 9 आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
पुलिस सभी संदिग्धों से पूछताछ कर रही है।
डीडीएसपी ने बताया कि शिवानी और सुधीर दोनों का पोस्टमॉर्टम हो चुका है।
तकनीकी जांच, घटनास्थल की परिस्थितियों और पीएम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है—
“दोषी जो भी होगा, किसी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा।”
गांव में दहशत, परिवार सदमे में
दो मासूमों की रहस्यमयी मौत ने पूरे गांव पर सदमे का साया डाल दिया है। लोग दबी आवाज़ में चर्चा कर रहे हैं कि क्या यह वाकई आत्महत्या है या किसी बड़ी साजिश की कड़ी?
जांच के नतीजों से ही इस दर्दनाक रहस्य से पर्दा उठेगा।








