
✍️ भागीरथी यादव
दिल्ली से इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज के दौरान मृत हुई बुजुर्ग महिला के शव से सोने के गहने चुरा लिए गए। यह घटना 11 नवंबर की बताई जा रही है, जिसका सीसीटीवी फुटेज सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। फुटेज में अस्पताल की एक महिला स्टाफ मृतका के कानों के टॉप्स और गले की चेन उतारते हुए साफ दिखाई देती है।
अस्पताल की लीपापोती और दबाव में आया एक्शन
परिजनों का आरोप है कि शुरुआत में अस्पताल प्रबंधन ने चोरी पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। लेकिन जब वीडियो सामने आया, तब जाकर अस्पताल प्रशासन ने बयान जारी करते हुए बताया कि गहने चोरी करने वाली महिला स्टाफ को टर्मिनेट कर दिया गया है। हालांकि, शुरुआत में अस्पताल की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।
यह हरकत न सिर्फ पेशेवर नैतिकता के खिलाफ है, बल्कि मानवता को भी शर्मसार करती है। वायरल वीडियो ने अस्पताल की साख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस की उदासीनता भी आई सामने
परिजनों ने गहने गायब होने की शिकायत 12 नवंबर को ही कृष्णा नगर थाने में दर्ज कराई थी, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने 20 दिनों तक मामले में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। परिवार का कहना है कि पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया और बार-बार टालती रही।
लगातार दबाव और सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग के बाद अब जाकर पुलिस ने FIR दर्ज की है। पुलिस की इस लापरवाही ने भी सिस्टम पर गंभीर सवाल उठा दिए हैं, खासकर तब जब वीडियो में स्टाफ की करतूत साफ दिख रही है।
कैसे हुआ खुलासा?
महिला को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था।
परिजनों के अनुसार, उस समय गहने मौजूद थे।
देर रात ‘क्रिटिकल’ बताकर महिला को सरकारी अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन तब तक मौत हो चुकी थी।
शव पर गहने नहीं मिले तो परिवार को संदेह हुआ।
सीसीटीवी जांच में चोरी की पूरी वारदात सामने आ गई।
समाज और सिस्टम दोनों पर उठे सवाल
यह घटना सिर्फ एक अस्पताल की नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की संवेदनहीनता को उजागर करती है—
एक तरफ मरीज की मौत का दुख झेलता परिवार, दूसरी ओर अस्पताल स्टाफ की शर्मनाक करतूत और पुलिस की उदासीनता।
परिजन अब न्याय की मांग कर रहे हैं, और इस मामले ने स्वास्थ्य सेवाओं में भरोसे को झकझोर कर रख दिया है।






