
छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में बुधवार को अमेरा कोयला खदान के एक्सटेंशन को लेकर भारी तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। खदान विस्तार का विरोध कर रहे ग्रामीणों और पुलिस के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला हिंसक रूप ले लिया। गुस्साए ग्रामीणों ने सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिस बल पर पथराव शुरू कर दिया, जिसमें करीब 40 पुलिसकर्मी घायल हो गए।
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़कर मोर्चा संभाला। इसके बाद काफी प्रयासों के बाद हालात काबू में आए। हालांकि इलाके में तनाव अब भी बना हुआ है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, अमेरा क्षेत्र में कोयला खदान के विस्तार का स्थानीय ग्रामीण लंबे समय से विरोध कर रहे हैं। उनका आरोप है कि खदान विस्तार से उनकी जमीन, घर और पर्यावरण पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। बुधवार को अधिकारियों की टीम चर्चा के लिए पहुंची, लेकिन बातचीत विवाद में बदल गई और हालात तेजी से बिगड़ गए।
प्रशासन की ओर से बताया गया है कि घटना की जांच के निर्देश दे दिए गए हैं और घायल पुलिसकर्मियों का उपचार जारी है। वहीं ग्रामीणों ने भी अपनी मांगों पर पुनर्विचार की अपील करते हुए कहा है कि जब तक उनकी चिंताओं का समाधान नहीं होगा, आंदोलन जारी रहेगा।
अंबिकापुर के अमेरा क्षेत्र में यह घटना खदान विस्तार से जुड़ी असंतुष्टि और स्थानीय लोगों के बढ़ते आक्रोश को उजागर करती है, जिसके चलते क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है।






