
✍️ भागीरथी यादव
शासन को ₹3 लाख की क्षति से बचाया
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के धान उपार्जन केंद्र नागपुर में सोमवार को अवैध धान विक्रय का संगठित रैकेट उजागर हुआ। राजस्व और प्रशासनिक अमले की तत्परता से कोचिया संदीप जायसवाल को रंगे हाथों पकड़ा गया, जिससे शासन को लगभग तीन लाख रुपये की संभावित आर्थिक क्षति से बचा लिया गया।
कटे टोकनों के सत्यापन के दौरान सामने आया बड़ा सुराग
1 दिसंबर को दोपहर 2 बजे पटवारी हल्का नागपुर टीम द्वारा आगामी दिवस के लिए कटे टोकनों का भौतिक सत्यापन किया जा रहा था। उसी दौरान ग्राम लाई निवासी कृषक सोहन रामसिंह से पूछताछ में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
सोहन ने स्पष्ट बताया कि उसके खेत में धान की न बोवाई हुई, न रोपाई और न ही कटाई—केवल बीज का छिड़काव तक नहीं हुआ था। इसके बावजूद नागपुर निवासी संदीप जायसवाल ने उसे समिति में उपस्थित होने और धान चढ़ाने का झांसा देकर उसका बैंक पासबुक व एटीएम भी ले लिया। इससे प्रशासन को अवैध धान विक्रय के सुनियोजित नेटवर्क का शक गहरा गया।
रणनीति बनाकर पकड़ा गया पूरा खेल
सूचना की गंभीरता को देखते हुए 2 दिसंबर को सोहन को समझाइश देकर वैसा ही व्यवहार करने कहा गया जैसा संदीप निर्देश देगा, ताकि पूरे रैकेट को पकड़ना संभव हो सके।
योजना के अनुरूप सुबह 10 बजे पहली ट्रिप में 124 बोरी (49.80 क्विंटल) धान समिति में उतारा गया। इसके बाद दोपहर 3 बजे दूसरी ट्रिप में 120 बोरी (47.20 क्विंटल) धान सोनालिका ट्रैक्टर में लाया गया, जिसे संदीप अपने नागपुर बस्ती स्थित घर से लोड करवा रहा था।
टीम के मौके पर पहुंचते ही सारा खेल खुल गया—कुल 96.80 क्विंटल धान सोहन के नाम पर अवैध रूप से बेचने की कोशिश की जा रही थी, जबकि उसके खेत से एक दाना भी उत्पादन नहीं हुआ था।
तत्काल कार्रवाई: ट्रैक्टर और धान जब्त
प्रशासन ने मौके पर ही कार्रवाई करते हुए—
पहली ट्रिप के 124 बोरी धान को समिति में जप्त कर प्रभारी को सौंप दिया।
दूसरी ट्रिप के लगभग 120 बोरी धान और सोनालिका ट्रैक्टर को थाना सुपुर्द कर दिया गया।
जांच में पुष्टि हुई कि आरोपी संदीप जायसवाल शासन को ₹3,00,080 की आर्थिक क्षति पहुंचाने का प्रयास कर रहा था। पूरे मामले का विस्तृत पंचनामा तैयार कर आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए विभागीय अधिकारियों को भेज दिया गया है।
सख्त संदेश—धान खरीदी में हेराफेरी करने वालों को नहीं मिलेगी राहत
यह कार्रवाई न सिर्फ राजस्व अमले की सतर्कता का मजबूत उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि धान खरीदी प्रणाली में किसी भी तरह की धोखाधड़ी को सख्ती से कुचला जाएगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।





