
पाली से ज्ञान शंकर तिवारी की विशेष रिपोर्ट
कोरबा। ग्राम पंचायत डोड़की में सचिव जुगुल श्रीवास के खिलाफ ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का आक्रोश चरम पर है। सचिव की कथित मनमानी, अनियमितता और लापरवाही से परेशान होकर सरपंच समेत ग्रामीणों ने कलेक्टर को एक विस्तृत शिकायत आवेदन सौंपते हुए उनके तत्काल स्थानांतरण और अन्य कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सचिव जुगुल श्रीवास पंचायत कार्यालय में शायद ही नियमित रूप से दिखाई देते हैं। बताया गया है कि वे अधिकतर दिनों में अपने घर से ही कामकाज निपटाते हैं और केवल ग्राम सभा या विशेष बैठकों के दौरान ही कार्यालय पहुंचते हैं। इस वजह से जाति–निवास प्रमाणपत्र, पात्रता–अर्हता जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए आने वाले लोगों को कई-कई दिनों तक भटकना पड़ता है।
आवेदन में यह भी उल्लेख है कि सचिव न तो फोन पर सही जानकारी देते हैं और न ही ग्रामीणों से शालीन व्यवहार रखते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सचिव की कार्यशैली के कारण शासन की योजनाओं की जानकारी समय पर नहीं मिलती, जिससे लाभार्थियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि कार्यालय में किसी कार्य को बोलने पर उनसे पैसे मांगने जैसी शिकायतें सामने आई हैं।

सरपंच प्रतिमा पैकरा भी नाराज़
पहली बार निर्वाचित सरपंच श्रीमती प्रतिमा पैकरा ने भी सचिव पर सहयोग न करने का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सचिव का गैर-जिम्मेदाराना रवैया पंचायत के विकास कार्यों को सीधा प्रभावित कर रहा है।
“सचिव न दिशा दिखाते हैं, न मार्गदर्शन देते हैं। कई योजनाएं रुकी पड़ी हैं और ग्रामीण लगातार शिकायत कर रहे हैं,” सरपंच ने कहा।

ग्रामीणों की कलेक्टर से दोटूक मांग
ग्रामीणों का कहना है कि सचिव की लापरवाही ने पंचायत के सुचारू संचालन पर असर डाला है। इसलिए कलेक्टर से स्पष्ट मांग की गई है कि वर्तमान सचिव को तत्काल हटाकर उनकी जगह किसी जिम्मेदार, सक्रिय और संवेदनशील अधिकारी की नियुक्ति की जाए, ताकि गांव की समस्याओं का समाधान और योजनाओं का क्रियान्वयन सही तरीके से हो सके।
ग्राम पंचायत डोड़की के लोग अब कलेक्टर कार्यालय की कार्रवाई की प्रतीक्षा में हैं, ताकि पंचायत के कार्यों में फिर से पारदर्शिता और गति आ सके।






