
दुर्ग। जिले में सूदखोरी के खिलाफ पुलिस की सख्त कार्रवाई जारी है। थाना भिलाई भट्टी क्षेत्र में सेवानिवृत्त कर्मचारी से ब्याज के नाम पर जबरन 10 लाख रुपये वसूलने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों—ओमप्रकाश, प्रदीप नायक और एम. कृष्णा रेड्डी—को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
पीड़ित ने शिकायत में बताया कि उसने 3 लाख रुपये उधार लिए थे, जिसकी पूरी राशि वह ब्याज सहित चुका चुका था। इसके बावजूद आरोपी चेक और एग्रीमेंट वापस नहीं कर रहे थे। मामला तब बिगड़ा जब पीड़ित 30 नवंबर को रिटायर हुआ और 3 दिसंबर को बैंक पहुंचा। वहां आरोपियों ने पति-पत्नी को धमकाकर और गाली-गलौज कर RTGS के जरिए 9 लाख रुपये और 1 लाख रुपये नगद—कुल 10 लाख रुपये जबरन ट्रांसफर करा लिए।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी संगठित रूप से सूदखोरी का नेटवर्क चलाते थे। छापेमारी में पीड़ित के कोरे चेक और एग्रीमेंट दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। पुलिस ने आरोपियों पर बीएनएस की विभिन्न धाराओं और छत्तीसगढ़ ऋणियों का संरक्षण अधिनियम 1937 के तहत मामला दर्ज किया है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।






