
✍️ भागीरथी यादव
ग्रामीण और आदिवासी युवाओं को मिलेगा विश्व स्तरीय प्रशिक्षण, 20.53 करोड़ से बनेगा आर्चरी सेंटर
जशपुर।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में खेल अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में जशपुर जिले को एक और बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि मिली है। जिले के बगीचा विकासखंड अंतर्गत पंडरा पाठ में अत्याधुनिक तीरंदाजी अकादमी (आर्चरी सेंटर) के निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए एनटीपीसी लिमिटेड द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) मद से 20.53 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी।
यह अत्याधुनिक तीरंदाजी अकादमी केवल एक भवन नहीं, बल्कि जशपुर के युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने वाला केंद्र बनेगी। यहां विश्व स्तरीय प्रशिक्षण व्यवस्था, आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित इनडोर एवं आउटडोर तीरंदाजी रेंज, हाई परफॉर्मेंस ट्रेनिंग सेंटर और खिलाड़ियों के लिए छात्रावास जैसी उत्कृष्ट सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
ग्रामीण और आदिवासी प्रतिभाओं को मिलेगा अंतर्राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का अवसर
अकादमी के निर्माण से जिले के ग्रामीण और आदिवासी अंचलों में छिपी तीरंदाजी प्रतिभाओं को निखरने का सुनहरा अवसर मिलेगा। यह केंद्र आने वाले वर्षों में जशपुर को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय तीरंदाजी मानचित्र पर एक मजबूत पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और उन्हें वैश्विक स्तर तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता का यह सशक्त प्रमाण है। उनके नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार ऐसे प्रयास कर रही है, जिससे छत्तीसगढ़ के युवा खेलों में देश और दुनिया का नाम रोशन कर सकें।
एनटीपीसी का CSR सहयोग बना विकास का आधार
एनटीपीसी लिमिटेड द्वारा CSR के तहत दिया जा रहा यह वित्तीय सहयोग सामाजिक विकास और खेल प्रोत्साहन की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल है। स्थानीय युवाओं में इस घोषणा को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है और उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।
अत्याधुनिक तीरंदाजी अकादमी के निर्माण के साथ ही जशपुर न केवल खेल के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाएगा, बल्कि देश के उभरते तीरंदाजों के लिए एक प्रमुख प्रशिक्षण केंद्र के रूप में स्थापित होगा। यह परियोजना निश्चित रूप से खेलों के विकास और भावी अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों की तैयारी की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम साबित होगी।






