
✍️ भागीरथी यादव
खुर्सीपार पुलिस की बड़ी सफलता, ओडिशा से गिरफ्तार हुआ पतीता बाघ
दुर्ग – खुर्सीपार पुलिस ने वर्षों पुराने चर्चित एल्युमिनियम वायर गबन मामले में बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए 9 साल से फरार मुख्य आरोपी पतीता बाघ को ओडिशा से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस से लगातार बचता फिर रहा आरोपी आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गया। 13 दिसंबर को उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
🔴 पहले ही जेल जा चुके हैं 9 आरोपी
थाना खुर्सीपार में दर्ज इस हाई-प्रोफाइल मामले में धारा 407, 511, 120बी एवं 34 भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया था। मामले में पूर्व में 9 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी थी, लेकिन घटना के बाद से ही मुख्य आरोपी पतीता बाघ फरार चल रहा था।
🧾 क्या था पूरा मामला?
साल 2016 में झारसागुड़ा (ओडिशा) निवासी अनिल कुमार मिश्रा ने खुर्सीपार थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार उनका ट्रक ड्राइवर 19 टन 319 किलो एल्युमिनियम वायर लेकर बैंगलोर जा रहा था, लेकिन रास्ते में ट्रक मालिक को धोखे में रखकर अन्य आरोपियों के साथ मिलकर माल को मिलाई में बेचने और गबन करने की साजिश रची गई।
सूचना मिलते ही खुर्सीपार पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ट्रक समेत पूरा एल्युमिनियम वायर जब्त कर लिया था और 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
🕵️♂️ ओडिशा में छिपकर काट रहा था फरारी
मुख्य आरोपी पतीता बाघ घटना के समय मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया था। वर्षों तक पुलिस को चकमा देता रहा। हाल ही में विश्वसनीय सूचना के आधार पर खुर्सीपार पुलिस की टीम ओडिशा पहुंची और 13 दिसंबर 2025 को आरोपी को धर-दबोचा।
👤 गिरफ्तार आरोपी का विवरण
नाम: पतीता बाघ
उम्र: 45 वर्ष
निवासी: खीरपुर
थाना: सुबरनापुर
जिला: वीर महाराजपुर (ओडिशा)
✅ पुलिस की सतर्कता से टूटा फरारी का रिकॉर्ड
लगातार प्रयास और मजबूत खुफिया तंत्र के चलते खुर्सीपार पुलिस ने यह साबित कर दिया कि अपराधी चाहे जितने साल छिपा रहे, कानून से बच नहीं सकता। 9 साल बाद हुई यह गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।








