
एक खाकी वर्दी पहने महिला अफसर… जिसने कानून की रक्षा की शपथ ली थी, आज वही खुद टूटे भरोसे और धोखे की पीड़ा से गुजर रही है।
प्यार के नाम पर मिले वादों ने उसकी ज़िंदगी को ऐसे मोड़ पर ला खड़ा किया, जहाँ सवाल सिर्फ रिश्ते का नहीं, बल्कि इंसाफ का भी है।
सूत्रों के अनुसार, एक जिले में पदस्थ DSP और एक खूबसूरत पुलिस अधिकारी के बीच नज़दीकियाँ बढ़ीं। दोनों की मुलाकातें धीरे-धीरे भरोसे में बदलीं और भरोसा प्यार में। वर्दी के पीछे छिपी इंसानी भावनाएँ रिश्ते की डोर में बंध गईं। शादी के सपने देखे गए, भविष्य की योजनाएँ बनीं।
लेकिन कहानी का अंत उम्मीदों जैसा नहीं निकला।
आरोप है कि प्यार में पड़े DSP साहब ने इस रिश्ते के लिए अपनी डॉक्टर पत्नी को तलाक तक दे दिया। वहीं दूसरी ओर, जब हालात बदले और मुश्किल वक्त आया, तो वही रिश्ता सवालों के घेरे में आ गया।
आज हालात यह हैं कि पुलिस मैडम एक मामले में फंस गई हैं और DSP साहब खुद को ठगा-सा महसूस कर रहे हैं। प्यार, जो कभी ताकत बना था, अब कमजोरी बन चुका है।
यह कहानी सिर्फ एक अफसर या एक रिश्ते की नहीं है…
यह उस भरोसे की कहानी है, जो टूटने के बाद इंसाफ मांगता है।
अब सवाल यही है —
क्या कानून के रखवाले खुद अपने जज़्बातों के इंसाफ तक पहुँच पाएँगे?






