
मथुरा।
जनपद मथुरा से शुक्रवार सुबह एक दिल दहला देने वाली तस्वीर सामने आई, जब बलदेव थाना क्षेत्र अंतर्गत यमुना एक्सप्रेसवे पर माइलस्टोन 127 के पास भीषण सड़क हादसा हो गया। घने कोहरे और शून्य के करीब दृश्यता के बीच एक के बाद एक 8 बसें और 3 कारें आपस में टकरा गईं। इस भयावह दुर्घटना में अब तक 13 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 25 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सबसे पहले एक बस और कार अनियंत्रित होकर आपस में भिड़ गईं। कोहरे के कारण पीछे से आ रहे वाहन समय पर ब्रेक नहीं लगा सके और देखते ही देखते एक्सप्रेसवे पर वाहनों की कतारें टकराती चली गईं। टक्कर इतनी भीषण थी कि कुछ वाहनों में आग लग गई, जिससे चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। कई यात्री जले हुए और क्षतिग्रस्त वाहनों में फंसे रह गए।
घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी चंद प्रकाश सिंह और एसएसपी श्लोक कुमार सहित प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। फायर ब्रिगेड, पुलिस और राहत दलों ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद घायलों को वाहनों से बाहर निकाला गया और एंबुलेंस के जरिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार, कई घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है।
हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर लंबा जाम लग गया और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। घंटों की मशक्कत के बाद क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर मार्ग को आंशिक रूप से सुचारू किया जा सका।
प्रशासन ने प्रारंभिक जांच में घने कोहरे और कम दृश्यता को हादसे का मुख्य कारण बताया है। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है और उनके परिजनों को सूचना दी जा रही है।
यह हादसा एक बार फिर एक्सप्रेसवे पर कोहरे के दौरान तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के खतरों की भयावह सच्चाई को उजागर करता है। मथुरा की यह सुबह कई परिवारों के लिए कभी न भूलने वाला दर्द छोड़ गई।






