
रायपुर।
छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन की कार्यवाही के दौरान जनहित से जुड़े अहम मुद्दे सदन में छाए रहे। प्रश्नकाल में डोंगरगढ़ विधानसभा की जर्जर सड़कों और GPM जिले में उच्च शिक्षण संस्थानों की स्थिति को लेकर विधायकों ने सरकार से जवाब मांगा।

प्रश्नकाल के दौरान डोंगरगढ़ विधायक हर्षिता बघेल ने पीएम-सीएम सड़क योजना के तहत विधानसभा क्षेत्र की सड़कों की जानकारी मांगी। इस पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सदन को बताया कि डोंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र में 48 सड़कें मरम्मत योग्य हैं। विधायक ने प्रक्रियाधीन सड़कों की जांच की मांग करते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं को भेजकर स्थिति का आकलन कराया जाए।

इस पर स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने हस्तक्षेप करते हुए स्पष्ट किया कि जांच कार्यकर्ताओं से नहीं, बल्कि अधिकारियों से कराई जाएगी। डिप्टी सीएम अरुण साव ने आश्वासन दिया कि आवश्यक जानकारी मिलने पर जांच कराई जाएगी और दिसंबर तक सड़कों की मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
इसी दौरान भाजपा विधायक प्रणब कुमार मरपच्ची ने गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले में उच्च शिक्षण संस्थानों का मुद्दा उठाया। उन्होंने जिले में नए कॉलेज और संस्थानों की स्वीकृति को लेकर सवाल किया। जवाब में उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने बताया कि वर्तमान में जिले में 4 उच्च शिक्षण संस्थान संचालित हैं और फिलहाल किसी नए संस्थान का प्रस्ताव नहीं है।
विधायक मरपच्ची ने कॉलेजों में कमरों और शौचालयों की कमी का भी मुद्दा उठाया। इस पर मंत्री टंकराम वर्मा ने सदन में घोषणा करते हुए कहा कि कॉलेजों में कमरों और शौचालयों की कमी जल्द पूरी की जाएगी।
शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन हुई चर्चा में सड़क और शिक्षा जैसे बुनियादी मुद्दों पर सरकार के आश्वासन ने सदन का ध्यान आकर्षित किया।






