
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नगर पालिका बोदरी की मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) और एक क्लर्क को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई तब की गई, जब दोनों अधिकारी मकान का नक्शा पास कराने के बदले 12 हजार रुपए की रिश्वत ले रहे थे।

जानकारी के अनुसार, सरकंडा के नूतन चौक निवासी वेदराम निर्मलकर ने ACB में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि बोदरी क्षेत्र में स्थित उसकी जमीन पर मकान निर्माण के लिए नगर पालिका से नक्शा पास कराना था। इसके लिए कार्यालय में निर्धारित शुल्क के तहत 20 हजार रुपए का डिमांड ड्राफ्ट और 47 हजार 257 रुपए की अन्य फीस जमा करने की बात कही गई। इसके बावजूद नगर पालिका के बाबू सुरेश सिहोरे ने अलग से 15 हजार रुपए रिश्वत की मांग की।
पीड़ित की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए ACB ने पहले पूरे मामले का सत्यापन कराया। बातचीत के दौरान रिश्वत की रकम 12 हजार रुपए में तय हुई। इसके बाद ACB की टीम ने ट्रैप की योजना बनाई।
योजना के मुताबिक, CMO भारती साहू ने पीड़ित को अपने कार्यालय बुलाया। जैसे ही पीड़ित रिश्वत की रकम लेकर पहुंचा, CMO ने उसे अपने प्राइवेट असिस्टेंट सुरेश सिहोरे को पैसे देने के निर्देश दिए। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठी ACB की टीम ने मौके पर दबिश देकर दोनों को रिश्वत की रकम के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया।
इस कार्रवाई से नगर पालिका में व्याप्त भ्रष्टाचार उजागर हुआ है और आम जनता के बीच यह संदेश गया है कि सरकारी कामों में रिश्वत मांगने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल ACB दोनों आरोपियों से पूछताछ कर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।





