
✍️ पाली (कोरबा) से ज्ञान शंकर तिवारी की रिपोर्ट
मनखे–मनखे एक समान का अमर संदेश देने वाले महान संत, समाज सुधारक एवं सतनाम पंथ के प्रवर्तक गुरु बाबा घासीदास जी की जयंती के पावन अवसर पर कोरबा जिले के पाली क्षेत्र में आस्था, श्रद्धा और समरसता का अनुपम दृश्य साकार होने जा रहा है। सनातन हिन्दू समाज के तत्वावधान में भव्य राम नाम लेखन महायज्ञ का शुभारंभ किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत तीन अरब तैंतीस करोड़ राम नाम लेखन का विराट और ऐतिहासिक लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इस आध्यात्मिक महासंकल्प को जन–जन तक पहुंचाने के लिए पाली विकासखंड को 14 मंडलों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक मंडल की जिम्मेदारी समाज के पदाधिकारियों और समर्पित सामाजिक कार्यकर्ताओं को सौंपी गई है, जो पूरे समन्वय और अनुशासन के साथ आयोजन को गति दे रहे हैं।
महायज्ञ को लेकर गांव–गांव में जनसंपर्क अभियान तेज हो चुका है। घर-घर राम नाम लेखन की पुस्तिकाएं पहुंचाई जा रही हैं। महिलाएं, पुरुष, युवा और बुजुर्ग—सभी वर्गों में अद्भुत उत्साह देखने को मिल रहा है। जैसे-जैसे राम नाम लेखन प्रारंभ हो रहा है, वैसे-वैसे क्षेत्र में भक्ति, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार महसूस किया जा रहा है।
यह राम नाम लेखन महायज्ञ गुरु घासीदास जी के जन्मदिवस से प्रारंभ होकर 24 दिसम्बर तक निरंतर चलेगा। इस अवधि में श्रद्धालु सामूहिक एवं व्यक्तिगत रूप से राम नाम लेखन कर आध्यात्मिक साधना करेंगे।
25 दिसम्बर को महायज्ञ का भव्य समापन राम नाम संकीर्तन, भजन-कीर्तन एवं राम खिचड़ी प्रसाद वितरण के साथ किया जाएगा।
आयोजकों का कहना है कि यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, भाईचारे और नैतिक चेतना को मजबूत करने का अभियान है। राम नाम लेखन के माध्यम से समाज को एक सूत्र में बांधने, सद्भाव और मानवता के मूल्यों को सुदृढ़ करने का संदेश दिया जा रहा है।
पूरे पाली अंचल में इस महायज्ञ को लेकर भक्तिमय वातावरण बन चुका है और हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता से यह आयोजन आस्था, एकता और संस्कारों का ऐतिहासिक अध्याय रचने की ओर अग्रसर है।






