सूरजपुर में बाघ की करंट से हत्या: महिला सरपंच समेत 6 गिरफ्तार, टाइगर रिजर्व से सटे जंगल में सनसनी

✍️ भागीरथी यादव

 

सूरजपुर।

गुरु घासीदास–तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व से सटे सूरजपुर जिले के घुई वन परिक्षेत्र अंतर्गत रेवटी जंगल में नर बाघ की करंट लगने से हुई मौत के मामले में वन विभाग ने कड़ा एक्शन लेते हुए बड़ी कार्रवाई की है। इस सनसनीखेज वन्यजीव अपराध में ग्राम पंचायत परसडीहा (विकासखंड वाड्रफनगर, जिला बलरामपुर) की महिला सरपंच सिसका कुजूर समेत कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

 

वन विभाग की जांच में सामने आया कि बाघ की मौत करंट प्रवाहित तार बिछाकर की गई। आरोपियों के कब्जे से बाघ के नाखून, बाल, करंट देने में उपयोग किया गया तार और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है। गुरुवार को सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

 

सरपंच की संलिप्तता से हड़कंप

 

जांच के दौरान ग्राम पंचायत परसडीहा की सरपंच सिसका कुजूर की भूमिका सामने आने के बाद प्रशासनिक और ग्रामीण स्तर पर हड़कंप मच गया। पूछताछ में उसकी निशानदेही पर उसके घर से बाघ के नाखून और बाल बरामद किए गए, जिन्हें परीक्षण के लिए सुरक्षित रखा गया है। बरामदगी के तुरंत बाद सरपंच को गिरफ्तार कर लिया गया।

 

साजिश में शामिल अन्य आरोपी भी बेनकाब

 

पूछताछ में करंट प्रवाहित तार बिछाने और पूरे घटनाक्रम में सहयोग करने वाले अन्य आरोपियों के नाम भी सामने आए, जिसके बाद सभी को दबोच लिया गया।

गिरफ्तार आरोपी

 

सिसका कुजूर (35) – सरपंच, ग्राम पंचायत परसडीहा

दिनेश कुजूर (31) पिता सहल कुजूर, निवासी ग्राम भैंसामुंडा

अभिषेक रोशन (25) पिता बिरसू बड़ा

मिथलेश सिंह (24) पिता बिफन सिंह, निवासी ग्राम कैलाशपुर

रामनाथ सिंह (25) पिता जय सिंह

भोला प्रसाद (46) पिता पहलू राम

 

 

वन विभाग का सख्त संदेश

 

वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों के खिलाफ अपराध किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। मामले की गहन जांच जारी है और आगे भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

 

यह कार्रवाई न केवल वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक मजबूत संदेश है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कानून से ऊपर कोई नहीं, चाहे वह जनप्रतिनिधि ही क्यों न हो।