
✍️ भागीरथी यादव
सिविल O&M विभाग अनजान या फिर अंदरूनी मिलीभगत?**
कोरबा।
एनटीपीसी कोरबा में CISF कॉलोनी स्थित 150 KLD क्षमता की STP (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) परियोजना को लेकर लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं। यह परियोजना Greenagers Enviro Solutions & Services Pvt. Ltd. द्वारा MBER टेक्नोलॉजी पर संचालित की जा रही है।
एनटीपीसी परिसर में कार्यरत कर्मचारियों से मिली जानकारी के अनुसार, परियोजना से जुड़े बिल, केमिकल सप्लाई और भुगतान प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि क्या एनटीपीसी कोरबा का सिविल O&M विभाग इन तथ्यों से अनजान है, या फिर अधिकारियों की जानकारी में यह प्रक्रिया चल रही है?
सूत्रों के अनुसार STP प्लांट में उपयोग होने वाले सोडियम हाइपोक्लोराइड के नाम पर लगातार भारत केमिकल, कोरबा के नाम से बिल दर्शाए गए।
जब इस संबंध में भारत केमिकल से संपर्क किया गया, तो वहां से यह जानकारी सामने आई कि उल्लिखित तिथि, बिल नंबर और दर्शाई गई मात्रा में किसी भी प्रकार का केमिकल उनकी ओर से सप्लाई नहीं किया गया।

इस खुलासे के बाद बिलों की सत्यता और भुगतान प्रक्रिया पर गंभीर संदेह उत्पन्न हो गया है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि
केमिकल खरीद से जुड़े बिल,
स्टॉक रजिस्टर,
उपयोग लॉग,
मापन पुस्तिका (MB)
और भुगतान फाइलों का मिलान कराया जाए, तो स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकती है।
जानकारों का मानना है कि बिना सिविल O&M विभाग की जानकारी या लापरवाही के इस तरह की प्रक्रिया लंबे समय तक चल पाना संभव नहीं लगता। इसी कारण अब यह सवाल चर्चा में है कि यह महज प्रशासनिक चूक है या फिर अंदरूनी समन्वय का परिणाम।
फिलहाल इस पूरे मामले में Greenagers Enviro Solutions & Services Pvt. Ltd., भारत केमिकल, तथा एनटीपीसी प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
हालांकि कर्मचारियों से मिली जानकारी के बाद प्रशासनिक और तकनीकी स्तर पर हलचल तेज हो गई है और मामले की आंतरिक जांच व तकनीकी ऑडिट की मांग जोर पकड़ रही है।





