
कोरबा में ‘मौत का हाथी’ बना दहशत का कारण, 3 जानें लेने के बाद 40 गांवों में खौफ
कोरबा।
कोरबा वन मंडल में एक नर हाथी ग्रामीणों के लिए भय का पर्याय बन गया है। बीते कुछ दिनों में तीन लोगों की जान लेने के बाद यह हाथी लगातार अलग-अलग वन क्षेत्रों और गांवों के आसपास विचरण कर रहा है, जिससे जिले के दर्जनों गांवों में दहशत का माहौल है। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीण रात-रात भर जागकर अपने परिवार और खेतों की सुरक्षा करने को मजबूर हैं।
जानकारी के अनुसार, यह हाथी पहले बिलासपुर रेंज में एक महिला को कुचलने के बाद कटघोरा वन मंडल पहुंचा, जहां इसने दो और महिलाओं की जान ले ली। इसके बाद हाथी कोरबा शहर से सटे बालको रेंज में भी सक्रिय रहा, जहां एक ग्रामीण की मौत हुई। लगातार घटनाओं के बाद हाथी की मौजूदगी से पूरे इलाके में भय व्याप्त हो गया है।
वर्तमान में हाथी करतला रेंज के सुईयारा जंगल के बड़मार बीट में डेरा डाले हुए है। बताया जा रहा है कि हाथी ने पिछले 72 घंटों में करीब 75 किलोमीटर की दूरी तय की है और लगभग 40 गांवों से होकर गुजरा है। उसका रास्ता खेतों और आबादी वाले इलाकों से होकर निकल रहा है, जिससे खतरा और बढ़ गया है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग अलर्ट मोड पर है। दो विशेष टीमों को तैनात कर हाथी की 24 घंटे ड्रोन कैमरे से निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। वन विभाग लगातार ग्रामीणों को सतर्क रहने और जंगल की ओर न जाने की अपील कर रहा है।
कोरबा में यह नर हाथी अब सिर्फ एक वन्यजीव नहीं, बल्कि ग्रामीणों के लिए डर और अनिश्चितता का प्रतीक बन चुका है।






