**‘दृश्यम’ स्टाइल मर्डर का पर्दाफाश

✍️ भागीरथी यादव 

पत्नी और तीन साल के बेटे की हत्या का मास्टरमाइंड निकला पति, 28 दिन बाद नदी से मिला शव**

कोंडागांव। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला एक ऐसा सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। फरसगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सिरपुर में महिला भगवती सेठिया और उसके तीन साल के मासूम बेटे वात्सल्य की रहस्यमयी गुमशुदगी का मामला अब एक पूर्व नियोजित दोहरे हत्याकांड में बदल गया है। इस जघन्य वारदात का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि महिला का पति रोहित सेठिया ही निकला।

पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या को छुपाने के लिए आरोपी ने फिल्म ‘दृश्यम’ की तर्ज पर साजिश रची, ताकि शव कभी बरामद न हो सके। हालांकि, अपराधी कितनी भी चालाकी कर ले, कानून से बच नहीं पाया।

28 दिन बाद नदी से मिला शव, मासूम अब भी लापता

22 नवंबर 2025 को भगवती सेठिया अपने बेटे के साथ अचानक लापता हो गई थी। परिजनों द्वारा संपर्क करने पर मोबाइल बंद मिला। लगातार तलाश के बावजूद जब कोई सुराग नहीं मिला, तब 6 दिसंबर को मृतिका के भाई आमदेव महावीर ने फरसगांव थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई।

लगातार 28 दिनों की गहन जांच के बाद 23 दिसंबर को ओडिशा के नवरंगपुर जिले के कुसुमगुड़ा थाना क्षेत्र में इंद्रावती नदी से महिला का शव बरामद किया गया, जिसकी पहचान भगवती सेठिया के रूप में हुई। वहीं, तीन साल के मासूम बेटे का शव अब तक नहीं मिल पाया है, जिससे मामला और भी संवेदनशील बना हुआ है।

प्रेम संबंध बना हत्या की वजह

पुलिस के अनुसार, आरोपी रोहित सेठिया का पिछले छह वर्षों से बसंती प्रधान नामक युवती के साथ प्रेम संबंध था। वह उसी से शादी करना चाहता था। प्रेमिका के दबाव में रोहित ने पत्नी और बेटे को रास्ते से हटाने की साजिश रची और करीब चार महीने पहले ही हत्या की योजना तैयार कर ली थी।

घूमाने के बहाने ले गया, सुनसान जगह पर उतारा मौत

फरसगांव एसडीओपी अभिनव उपाध्याय ने प्रेस कांफ्रेंस में खुलासा किया कि 22 नवंबर को रोहित पत्नी और बच्चे को विशाखापट्टनम घुमाने के बहाने घर से लेकर निकला। उसके साथ उसके दोस्त मिथलेश मरकाम और नरेश पांडे भी थे।

ओडिशा पहुंचने के बाद सुनसान इलाके में भगवती की निर्मम हत्या कर शव को पत्थरों से बांधकर इंद्रावती नदी में फेंक दिया गया। इसके बाद मासूम बेटे की भी हत्या कर उसका शव तालाब में फेंक दिया गया।

पुलिस को चकमा देकर फरार हुआ आरोपी

घटना के बाद मुख्य आरोपी रोहित लगातार लोकेशन बदल-बदलकर अलग-अलग राज्यों में छिपता रहा। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोंडागांव एसपी पंकज चंद्रा ने तीन विशेष जांच टीमों का गठन किया। एडिशनल एसपी कौशलेंद्र देव पटेल और एसडीओपी अभिनव उपाध्याय स्वयं पूरे मामले की निगरानी कर रहे थे।

तकनीकी साक्ष्य और साइबर इनपुट के आधार पर पुलिस ने पहले 13 दिसंबर को मिथलेश मरकाम को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर नरेश पांडे और मुख्य आरोपी रोहित सेठिया को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

साजिश में पूरा परिवार और प्रेमिका शामिल पुलिस ने इस मामले में

मुख्य आरोपी रोहित सेठिया,

दोस्त मिथलेश मरकाम और नरेश पांडे,

आरोपी के पिता रामचंद सेठिया,

मां उर्मिला सेठिया,

मामा प्रभु पांडे,

और प्रेमिका बसंती प्रधान

समेत कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।