
रायपुर के मैग्नेटो मॉल में छत्तीसगढ़ बंद के दौरान हुए हंगामे और तोड़फोड़ के मामले में पुलिस कार्रवाई के विरोध में बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने तेलीबांधा थाने के सामने चक्काजाम कर दिया। चौंकाने वाली बात यह रही कि पुलिस को चक्काजाम की पूर्व सूचना नहीं थी। प्रशासन को केवल यह जानकारी थी कि बजरंग दल के कार्यकर्ता गिरफ्तारी देने पहुंचेंगे।

मैग्नेटो मॉल में हुई तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने बलवा सहित अन्य धाराओं में FIR दर्ज की है। शुक्रवार (26 दिसंबर) देर रात पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने कार्रवाई करते हुए करीब एक दर्जन बजरंग दल कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को हिरासत में लिया था। इसी कार्रवाई के विरोध में शनिवार को अन्य कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए।
बजरंग दल के जिला संयोजक विजेंद्र वर्मा ने आरोप लगाया कि कांकेर में 800 लोगों ने मिलकर 25 हिंदू युवकों के साथ मारपीट की, लेकिन वहां सख्त कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस-प्रशासन समय रहते कार्रवाई करता तो छत्तीसगढ़ बंद नहीं होता और ऐसी स्थिति पैदा ही नहीं होती।
विजेंद्र वर्मा ने मॉल प्रबंधन पर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा बंद का आह्वान किया गया था, इसके बावजूद बजरंग दल को चिढ़ाने के उद्देश्य से मॉल में संता की मूर्ति लगाई गई। उन्होंने दावा किया कि इससे किसी की धार्मिक भावना आहत नहीं हुई है और बाइबल में भी संता का उल्लेख नहीं है।
बजरंग दल का कहना है कि उन्होंने मॉल में तोड़फोड़ नहीं की और केवल डेकोरेशन को लेकर हुई कार्रवाई को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। कार्यकर्ताओं के अनुसार, सजावट को नुकसान पहुंचाने के आरोप में इतनी बड़ी पुलिस कार्रवाई करना गलत है, इसी के विरोध में यह प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने साफ कहा कि आज का चक्काजाम उनके पूर्व नियोजित कार्यक्रम का हिस्सा था और जिस थाने में FIR दर्ज हुई है, उसी थाने का घेराव किया जाएगा।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तेलीबांधा थाने में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। मौके पर 2 एएसपी, 4 सीएसपी और दर्जनभर थाना प्रभारियों के साथ अतिरिक्त पुलिस बल मौजूद है। सुरक्षा व्यवस्था के चलते मंदिर हसौद और एयरपोर्ट की ओर से रायपुर शहर में आने वाले यातायात को तेलीबांधा चौक के पास नेशनल हाईवे की ओर डायवर्ट किया गया है।
फिलहाल इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस हालात पर नजर बनाए हुए है।






