
✍️ भागीरथी यादव
कोरबा। दर्री मेन रोड पर राखड़ से भरे हाईवा वाहनों की मनमानी खुलकर सामने आ रही है। बिना ढके राखड़ लेकर चल रहे भारी वाहन चलते-चलते रोड में राखड़ गिराते जा रहे हैं, जिससे पूरा मार्ग राखड़ से पट गया है। हालात यह हैं कि दोपहिया वाहन चालक और पैदल राहगीर सड़क पर गिरे राखड़ और उड़ती धूल के बीच चलने को मजबूर हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रोड में गिरे राखड़ से चारों ओर धूल का गुबार बना हुआ है। इससे आंखों में जलन, सांस लेने में तकलीफ और गले की समस्याएं बढ़ रही हैं। सड़क किनारे बसे इलाकों में घर, दुकानें और खड़े वाहन राखड़ की परत से ढकते जा रहे हैं। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।
नियमों के अनुसार राखड़ जैसे प्रदूषणकारी पदार्थों का परिवहन पूरी तरह ढककर किया जाना अनिवार्य है, लेकिन दर्री मेन रोड पर ये नियम खुलेआम तोड़े जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह समस्या लंबे समय से जारी है, इसके बावजूद परिवहन विभाग और प्रदूषण नियंत्रण अमले की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही।
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि बिना ढके राखड़ ले जा रहे हाईवा वाहनों पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए, संबंधित ठेकेदारों पर भारी जुर्माना लगाया जाए और रोड में गिरे राखड़ की तत्काल सफाई कराई जाए। साथ ही सड़क पर नियमित पानी का छिड़काव कर धूल पर नियंत्रण किया जाए।
दर्री मेन रोड की यह स्थिति अब प्रशासनिक उदासीनता का बड़ा उदाहरण बनती जा रही है। अब देखना यह है कि शासन-प्रशासन समय रहते कार्रवाई करता है या फिर आमजन को यूं ही राखड़ और धूल के बीच जीवन बिताने को मजबूर होना पड़ेगा।






