
✍️ भागीरथी यादव
शनिवार सुबह मानपुर नाका क्षेत्र उस समय दहशत में डूब गया, जब एक खेत में रखे पैरा (भूसा) के ढेर से धुआं उठता दिखाई दिया। आग की लपटें देखकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो पैरा के भीतर एक वृद्ध का जला हुआ शव नजर आया। यह दृश्य देखते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और सनसनी फैल गई।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया गया, जिसके बाद पैरा के ढेर के बीच से शव निकाला गया। घटनास्थल पर मिली छड़ी और अन्य पहचान संबंधी तथ्यों के आधार पर मृतक की पहचान दुर्जनराम वर्मा (95 वर्ष), पिता स्व. धरसिया वर्मा, निवासी मानपुर नाका क्षेत्र के रूप में की गई।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, दुर्जनराम वर्मा अक्सर उसी खेत के आसपास रहते थे, जहां पैरा का ढेर रखा हुआ था। ऐसे में यह सवाल और गहरा गया है कि आखिर आग कैसे लगी और वृद्ध पैरा के भीतर कैसे पहुंचे। यह हादसा था, लापरवाही या फिर इसके पीछे कोई आपराधिक साजिश—इन तमाम बिंदुओं ने मामले को और रहस्यमय बना दिया है।
पुलिस ने घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण कर अहम साक्ष्य जुटाए हैं और हर संभावित एंगल से जांच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव भेजा गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
इस घटना के बाद मानपुर नाका और आसपास के गांवों में भय और अनिश्चितता का माहौल है। ग्रामीणों में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं, जबकि पुलिस पूरे मामले को गंभीरता से लेकर सच्चाई तक पहुंचने की कोशिश में जुटी हुई है।






