
बलौदाबाजार। जिले के सेमरिया गांव में 28 दिसंबर की रात हुए जघन्य हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। मामूली कहासुनी से शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया, जिसमें परमेश्वर यदू नामक युवक की जान चली गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में शामिल सभी 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें 3 विधि से संघर्षरत बालक शामिल हैं।
जयंती कार्यक्रम के बाद हुआ खूनी टकराव
जानकारी के मुताबिक 28 दिसंबर को सेमरिया गांव में जयंती कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद परमेश्वर यदू अपने साथियों के साथ घर लौट रहा था। इसी दौरान उसकी गली के पास कुछ युवक आपस में गाली-गलौज करते हुए झगड़ रहे थे। परमेश्वर के एक साथी ने उन्हें ऐसा करने से रोका, लेकिन यही बात आरोपियों को नागवार गुजरी।
गली में निकले चाकू, युवक पर जानलेवा हमला
विवाद बढ़ते ही आरोपियों ने परमेश्वर यदू और उसके साथियों पर हमला कर दिया। मारपीट के दौरान कुछ आरोपियों ने चाकू निकालकर वार किए। परमेश्वर को गंभीर चोटें आईं और वह मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ा। साथी उसे तत्काल शासकीय अस्पताल भाटापारा लेकर पहुंचे, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव के कारण डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
24 घंटे में पुलिस की बड़ी कार्रवाई
घटना के बाद सभी आरोपी फरार हो गए थे, लेकिन पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने महज 24 घंटे के भीतर सभी आरोपियों को हिरासत में ले लिया। जांच में सामने आया कि इस हत्या में कुल 7 लोग शामिल थे।
गिरफ्तार आरोपी
बाहल दास बंजारे (18 वर्ष), निवासी ग्राम बिजराडीह
धनेश चेलक (20 वर्ष), निवासी ग्राम बिजराडीह
धनराज बघेल (18 वर्ष), निवासी ग्राम बिजराडीह
छन्नु कोसले (18 वर्ष), निवासी ग्राम बिजराडीह
03 विधि से संघर्षरत बालक
सभी आरोपी थाना भाटापारा ग्रामीण क्षेत्र के निवासी हैं।
जुर्म कबूल, आवेश में लिया गया खौफनाक फैसला
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उन्होंने बताया कि गाली देने से मना करने पर उन्हें गुस्सा आ गया और सभी ने मिलकर हाथ-मुक्कों व चाकू से हमला किया। पुलिस के अनुसार यह घटना आवेश, असंयम और कानून के प्रति लापरवाही का परिणाम है। सभी बालिग आरोपियों को 30 दिसंबर 2025 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है, जबकि नाबालिगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस का सख्त संदेश
एएसपी अभिषेक सिंह ने स्पष्ट किया कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ पुलिस की नीति ‘जीरो टॉलरेंस’ की है। समाज की शांति भंग करने और हिंसा फैलाने वालों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि मामूली विवाद कैसे जानलेवा हिंसा में बदल जाते हैं, और संयम की कमी किस तरह पूरे परिवार को उजाड़ देती है।






