
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक लखेश्वर बघेल की पत्नी सुमित्रा बघेल (51 वर्ष) को आज सुबह जगदलपुर स्थित महारानी अस्पताल में भर्ती कराए जाने से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया। उनके शरीर पर चोटों के निशान मिलने के बाद शुरुआत में धारदार हथियार से हमले की आशंका जताई गई, लेकिन कुछ ही देर में पुलिस ने प्रेस नोट जारी कर पूरे मामले पर बड़ा खुलासा किया।
चाकू से हमला या आत्मघाती प्रयास? पुलिस ने साफ की स्थिति
प्रारंभिक सूचनाओं में सुमित्रा बघेल के शरीर पर चाकू या धारदार हथियार से वार के निशान बताए जा रहे थे, जिससे सनसनी फैल गई। सोशल मीडिया पर नस काटने जैसी अफवाहें भी तेजी से वायरल होने लगीं। हालांकि, पुलिस जांच के बाद स्पष्ट किया गया कि यह कोई हादसा या बाहरी हमला नहीं, बल्कि मानसिक तनाव से प्रेरित आत्मघाती प्रयास का मामला है।
मानसिक तनाव में थीं सुमित्रा बघेल
पुलिस के अनुसार, अस्पताल पहुंचने के बाद परिजनों से पूछताछ की गई। प्रथम दृष्टया सामने आया कि सुमित्रा बघेल अपनी माता के निधन के बाद से मानसिक रूप से काफी तनाव में थीं और कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रही थीं। इसी मानसिक दबाव के चलते उन्होंने मंगलवार सुबह खुद को चोट पहुंचाई।
हाथ और धड़ पर गहरी चोटें, हालत स्थिर
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, सुमित्रा बघेल को हाथ और धड़ पर गहरी चोटें आई थीं, जिन्हें टांके लगाकर स्टेबलाइज किया गया। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है और महारानी अस्पताल में उनका इलाज जारी है। हालांकि अस्पताल प्रबंधन की ओर से अब तक कोई औपचारिक मेडिकल बुलेटिन जारी नहीं किया गया है।
परिवार और विधायक की ओर से चुप्पी
घटना के बाद विधायक लखेश्वर बघेल या उनके परिवार की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हर पहलू की जांच की जा रही है।
आदिवासी नेता के परिवार से जुड़ा मामला, सियासी हलचल
गौरतलब है कि विधायक लखेश्वर बघेल बस्तर क्षेत्र के प्रमुख आदिवासी नेताओं में शुमार हैं। उनकी पत्नी से जुड़ी इस घटना ने पूरे बस्तर अंचल में चर्चा और चिंता का माहौल बना दिया है।
फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और डॉक्टरों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।






