
✍️ भागीरथी यादव
जगदलपुर। साइबर ठगी के खिलाफ बस्तर पुलिस ने बड़ी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए दिल्ली में संचालित एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। नगरनार थाना क्षेत्र में दर्ज 20 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने दिल्ली के जनकपुरी इलाके से पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, नगरनार निवासी कमलोचन कश्यप ने अप्रैल माह में थाना नगरनार में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनसे इंश्योरेंस प्रीमियम और पॉलिसी लाभ दिलाने के नाम पर अलग-अलग किश्तों में करीब 20 लाख रुपये की ठगी की गई। ठगों ने उन्हें इंश्योरेंस की मैच्योरिटी राशि मिलने का झांसा दिया था, लेकिन तय समय पर रकम नहीं मिलने पर पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ।
शिकायत मिलते ही नगरनार थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने तकनीकी जांच शुरू की। बैंक ट्रांजैक्शन, मोबाइल नंबरों और डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल में ठगों की लोकेशन दिल्ली के आसपास मिलने की पुष्टि हुई। इसके बाद बस्तर पुलिस की टीम ने दिल्ली पहुंचकर जनकपुरी इलाके में स्थित एक कॉल सेंटर पर छापेमार कार्रवाई की।
छापे के दौरान पुलिस ने कॉल सेंटर से कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में गिरोह का मुख्य सरगना ओमप्रकाश प्रभु शामिल है। इसके अलावा कॉल सेंटर में काम कर रही चार युवतियों को भी हिरासत में लिया गया है, जो पीड़ितों से फोन पर बात कर उन्हें निवेश और इंश्योरेंस लाभ का झांसा देती थीं।
बस्तर पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से वायरलेस फोन, कई मोबाइल, लैपटॉप और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं। बरामद दस्तावेजों से यह खुलासा हुआ है कि यह गिरोह केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि देश के कई राज्यों में साइबर ठगी को अंजाम दे चुका है। छत्तीसगढ़ के भी तीन-चार जिलों में इसी तरह की ठगी के प्रमाण मिले हैं।
पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। प्रारंभिक जांच में इंश्योरेंस कंपनियों से जुड़े संभावित लिंक भी उजागर हुए हैं, जिनकी विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
एसपी शलभ सिन्हा ने स्पष्ट किया कि साइबर ठगी के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार कार्रवाई जारी रहेगी और जैसे-जैसे नए लिंक सामने आएंगे, उन पर भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
बस्तर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि इंश्योरेंस, निवेश या मैच्योरिटी के नाम पर आने वाले किसी भी कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें और संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन में सूचना दें।





