
✍️ सुशील जायसवाल
अटल जी के विचार आज भी राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा — विजय सिंह तोमर
कोरबी/चोटिया।
पाली-तानाखार विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत चोटिया में शुक्रवार, 2 जनवरी 2026 को भारत रत्न एवं छत्तीसगढ़ के निर्माता, श्रद्धेय स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई की जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर विधानसभा स्तरीय संगोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन अटल जी के राजनीतिक, पत्रकारिता एवं कवि जीवन के प्रेरणादायी पक्षों को स्मरण करने हेतु किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय जनता पार्टी युवा आयोग के अध्यक्ष एवं विधानसभा प्रभारी श्री विश्व विजय सिंह तोमर उपस्थित रहे। उनके साथ जिला संगठन सह प्रभारी वृजेंद्र शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार सिंह, जिला महामंत्री संजय शर्मा, अजय जायसवाल, लक्की नंदा सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी मंचासीन रहे। अतिथियों का स्वागत पुष्पमालाओं से किया गया।

मुख्य वक्ता श्री विजय सिंह तोमर ने अपने उद्बोधन में कहा कि
“अटल बिहारी वाजपेई केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि विचार, संवेदना और राष्ट्रबोध के प्रतीक थे। उनका जीवन संघर्ष, सिद्धांत और समर्पण की मिसाल है। भाजपा आज उनकी जयंती को जन्म शताब्दी वर्ष के रूप में मना रही है, ताकि युवा पीढ़ी उनके विचारों से प्रेरणा ले सके।”

उन्होंने अटल जी के राजनीतिक संघर्ष, लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता और देश को वैश्विक मंच पर मजबूत नेतृत्व देने वाले कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम को जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार सिंह, जिला महामंत्री संजय शर्मा एवं जिला संगठन सह प्रभारी बृजेश शुक्ला ने भी संबोधित करते हुए अटल जी के विचारों को आज के समय में प्रासंगिक बताया।
संगोष्ठी में प्रमुख रूप से जनपद अध्यक्ष माधुरी देवी तंवर, जनपद उपाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जाखड़, अजय चंद्रा (आईटी सेल कोरबा), कमला किंडो, कमला बरेट (जिला मंत्री), वीरेंद्र मरकाम, किरण मरकाम (पूर्व प्रदेश मंत्री महिला मोर्चा), ऋषि प्रजापति, सोहन सिंह राज, बृजेश यादव, चतुरभुवन नायक, मनोज डिक्सेना, राजेश चतुर्वेदी, रवि मरकाम, प्रहलाद बिंझवार, विशाल सिदार, जगदीश मरकाम, राकेश जायसवाल, कमला पेंद्रो सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य अटल बिहारी वाजपेई के विचारों को जन-जन तक पहुँचाना और उनके राष्ट्र निर्माण के संकल्प को आगे बढ़ाने का संदेश देना रहा।






