तेज रफ्तार ट्रेलर की चपेट में आने से युवक की मौत, ग्रामीणों ने किया नेशनल हाईवे जाम

✍️ भागीरथी यादव 

 

बिलासपुर। जिले के रतनपुर–पाली सीमा क्षेत्र में नेशनल हाईवे 130 पर सोमवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्का जाम कर दिया, जिससे करीब 6 किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान नीलमदास मानिकपुरी, निवासी करतली के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि नीलमदास सड़क पार कर रहा था, तभी तेज गति से आ रहे ट्रेलर ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

हादसे की खबर मिलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और मुआवजे की मांग को लेकर सड़क पर बैठ गए। चक्का जाम के चलते दोपहिया वाहन चालकों समेत बसों और अन्य यात्री वाहनों में सवार लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

सूचना पर पुलिस प्रशासन एवं तहसीलदार मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाइश दी। मृतक के परिजनों को तत्काल सहायता राशि प्रदान किए जाने के बाद जाम समाप्त कराया गया और यातायात बहाल किया गया।

इस संबंध में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बिलासपुर अर्चना झा ने बताया कि पैदल चल रहे व्यक्ति को ट्रेलर ने कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद उत्पन्न चक्का जाम की स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि संबंधित ट्रेलर चालक के विरुद्ध अपराध दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही

है।

  • Related Posts

    बिलासपुर से बड़ी खबर: मिड-डे मील में लापरवाही पर हाईकोर्ट सख्त, बच्चों की सेहत सर्वोपरि — वहीं बर्खास्त शिक्षक को अंतरिम राहत

    ✍️ भागीरथी यादव   बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े दो अहम मामलों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए एक ओर जहां बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर प्रशासन को कठघरे में खड़ा किया है, वहीं दूसरी ओर एक शिक्षक के अधिकारों की रक्षा करते हुए न्यायिक संतुलन का स्पष्ट संदेश दिया है। मिड-डे मील मामला: दूषित भोजन पर हाईकोर्ट का स्वतः संज्ञान बिलासपुर में मिड-डे मील खाने से 25 बच्चों के बीमार पड़ने के गंभीर मामले में हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने इस घटना को बेहद संवेदनशील मानते हुए राज्य के मुख्य सचिव से विस्तृत जवाब तलब किया है। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि बच्चों को दूषित भोजन परोसा गया था। इस लापरवाही के चलते तीन शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। कोर्ट के निर्देश पर प्रभावित 25 बच्चों के परिजनों को प्रति बच्चा 5,000 रुपये मुआवजा दिया गया, जिसका वितरण 19 जनवरी 2026 को किया गया। इतना ही नहीं, भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए हाईकोर्ट ने सेंट्रल किचन सिस्टम लागू करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी आदेश दिया गया कि मिड-डे मील वितरण स्थल को बच्चों के अनुकूल, स्वच्छ और सुरक्षित बनाया जाए। कोर्ट ने साफ कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता और प्रशासन की जवाबदेही तय की जाएगी। फर्जी दस्तावेज मामला: बर्खास्त शिक्षक को हाईकोर्ट से राहत दूसरी ओर, बिलासपुर में ही फर्जी दस्तावेज पेश करने के आरोप में बर्खास्त किए गए शिक्षक ईश्वरी निर्मलकर को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। ईश्वरी निर्मलकर सहित छह याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने बर्खास्तगी आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। ईश्वरी निर्मलकर की नियुक्ति वर्ष 2007 में शिक्षाकर्मी वर्ग-3 के रूप में हुई थी। 2009 में सेवा नियमित 2018 में स्कूल शिक्षा विभाग में एब्जॉर्प्शन 2023 में प्राइमरी स्कूल हेडमास्टर के पद पर पदोन्नति हालांकि, उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज है, लेकिन उसका ट्रायल अभी लंबित है। इसके बावजूद जिला शिक्षा अधिकारी, धमतरी द्वारा 6 जनवरी 2026 को उन्हें बर्खास्त कर दिया गया था। हाईकोर्ट ने इस आदेश पर रोक लगाते हुए यह संकेत दिया कि जब तक दोष सिद्ध न हो, तब तक कर्मचारी के अधिकारों की अनदेखी नहीं की जा सकती। न्यायालय का स्पष्ट संदेश इन दोनों मामलों में हाईकोर्ट का रुख यह दर्शाता है कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता है वहीं शिक्षकों और कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा भी उतनी ही जरूरी है किसी भी निर्णय में उचित प्रक्रिया और संवैधानिक संतुलन अनिवार्य है हाईकोर्ट की यह सक्रियता न केवल शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि प्रशासन के लिए भी एक कड़ा संदेश है कि लापरवाही और मनमानी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    कोविड मृत्यु बीमा दावा खारिज करना पड़ा महंगा, मैक्स लाइफ को 1 करोड़ रुपये भुगतान का आदेश

    ✍️ भागीरथी यादव   बिलासपुर। कोविड-19 से हुई मृत्यु के एक मामले में बिलासपुर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने बीमा कंपनियों के लिए नजीर बनने वाला फैसला सुनाया है। आयोग ने मैक्स लाइफ इंश्योरेंस को मृतका के परिजनों को 1 करोड़ रुपये की बीमा राशि 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित देने का निर्देश दिया है। साथ ही मानसिक प्रताड़ना और वाद व्यय के रूप में 2 लाख रुपये अतिरिक्त भुगतान का आदेश भी दिया गया है। उपभोक्ता को मानसिक प्रताड़ना मानते हुए लगाया जुर्माना आयोग ने अपने फैसले में स्पष्ट कहा कि बीमा दावा खारिज करना न केवल उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि इससे पीड़ित परिवार को गहरी मानसिक पीड़ा भी पहुंची। आयोग ने माना कि कंपनी का यह रवैया बीमा नियमों के खिलाफ है और इसी आधार पर हर्जाना लगाया गया। पॉलिसी जारी होने से पहले पूरी तरह स्वस्थ थीं मृतका मामले के अनुसार बिलासपुर निवासी कौशल प्रसाद कौशिक ने अपनी पत्नी शैल कौशिक के नाम पर मैक्स लाइफ इंश्योरेंस का ‘प्लैटिनम वेल्थ प्लान’ लिया था। पॉलिसी जारी करने से पहले बीमा कंपनी द्वारा कराई गई मेडिकल जांच में शैल कौशिक को पूरी तरह स्वस्थ घोषित किया गया था। कोविड संक्रमण के बाद बिगड़ी हालत, इलाज के दौरान मौत सितंबर 2020 में शैल कौशिक कोविड-19 से संक्रमित हुईं। इलाज के दौरान उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई और 11 अक्टूबर 2020 को उनका निधन हो गया। इसके बाद पति द्वारा नियमानुसार बीमा दावा प्रस्तुत किया गया। ‘पहले से बीमारी’ का दावा आयोग ने किया खारिज बीमा कंपनी ने यह कहकर दावा अस्वीकार कर दिया था कि पॉलिसीधारक पहले से गंभीर बीमारी से ग्रस्त थीं। आयोग ने इस दलील को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि कंपनी की अपनी मेडिकल रिपोर्ट में महिला को स्वस्थ बताया गया था, ऐसे में दावा खारिज करना अनुचित है। तुरंत भुगतान करने के निर्देश उपभोक्ता आयोग ने मैक्स लाइफ इंश्योरेंस को निर्देश दिए हैं कि मृतका के परिजनों को— 1 करोड़ रुपये की बीमा राशि उस पर 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज 2 लाख रुपये मानसिक पीड़ा व वाद व्यय का भुगतान तत्काल किया जाए। आयोग के इस फैसले को कोविड से जुड़े बीमा दावों में उपभोक्ताओं के अधिकारों की बड़ी जीत माना जा रहा है।

    अन्य खबरे

    स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय कोरबी में सरस्वती पूजन हर्षोल्लास से संपन्न

    स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय कोरबी में सरस्वती पूजन हर्षोल्लास से संपन्न

    उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व में बड़ी कार्रवाई, अवैध शिकार करते 3 आरोपी गिरफ्तार, भेजे गए जेल

    उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व में बड़ी कार्रवाई, अवैध शिकार करते 3 आरोपी गिरफ्तार, भेजे गए जेल

    धान खरीदी महापर्व में भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार, बालोद में दो अधिकारी निलंबित देखे आदेश

    धान खरीदी महापर्व में भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार, बालोद में दो अधिकारी निलंबित देखे आदेश

    छत्तीसगढ़ वाणिज्यिक कर विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, कई जिलों में कर्मचारियों के तबादले

    छत्तीसगढ़ वाणिज्यिक कर विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, कई जिलों में कर्मचारियों के तबादले

    खड़गवां पुलिस की अनूठी पहल, गांव-गांव पहुंचा सड़क सुरक्षा का संदेश

    खड़गवां पुलिस की अनूठी पहल, गांव-गांव पहुंचा सड़क सुरक्षा का संदेश

    चट्टानपारा बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ सड़कों पर उतरे पीड़ित

    चट्टानपारा बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ सड़कों पर उतरे पीड़ित