पश्चिम बंगाल में गूंजा छत्तीसगढ़ का नाम: अंतरराष्ट्रीय कराटे चैंपियनशिप में बेटियों ने रचा इतिहास, दोहरे स्वर्ण पदक के साथ राज्य को मिला प्रथम स्थान

छत्तीसगढ़ की बेटियों ने अंतरराष्ट्रीय कराटे मंच पर रचा इतिहास

 

पश्चिम बंगाल के हावड़ा में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कराटे व काटा प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ को प्रथम स्थान

 

हावड़ा/छत्तीसगढ़।

पश्चिम बंगाल के हावड़ा में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कराटे एवं काटा प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की बालिकाओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया और प्रदेश का नाम देश-विदेश में रोशन किया। प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की टीम ने कराटे काटा और टीम काटा दोनों वर्गों में गोल्ड मेडल जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

 

कोच अनुराधा गिरी रहीं सफलता की सूत्रधार

 

इस ऐतिहासिक उपलब्धि के पीछे छत्तीसगढ़ की कोच अनुराधा गिरी की अहम भूमिका रही। उन्होंने न केवल खिलाड़ियों को तकनीकी रूप से सशक्त प्रशिक्षण दिया, बल्कि प्रतियोगिता के दौरान रेफरी/शेप (Referee/Shape) की भूमिका निभाते हुए निष्पक्ष और अनुशासित खेल का भी परिचय दिया।

अनुराधा गिरी के मार्गदर्शन, अनुशासन और रणनीतिक तैयारी ने खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को नई ऊँचाई दी, जिसका परिणाम गोल्ड मेडल के रूप में सामने आया।

 

गोल्ड मेडल विजेता खिलाड़ी

 

• अर्चना नायक

 

• पल्लवी साहू

 

• पुष्पांजलि साहू

 

तीनों खिलाड़ियों ने कराटे काटा वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया।

वहीं अर्चना नायक और पल्लवी साहू ने टीम काटा में भी गोल्ड मेडल जीतकर दोहरी सफलता दर्ज की।

 

प्रदेश में खुशी की लहर

 

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली इस उपलब्धि से प्रदेश के खेल जगत में हर्ष और गर्व का माहौल है। खेलप्रेमियों ने इसे छत्तीसगढ़ की बेटियों की मेहनत, अनुशासन और सक्षम कोचिंग का प्रतिफल बताया है।

खिलाड़ियों और कोच अनुराधा गिरी को बधा इयों का तांता लगा हुआ है।