
✍️ भागीरथी यादव
कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पारिवारिक रिश्तों और समाज में बढ़ती नशे की समस्या पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ एक परिवार ने अपने ही मुखिया की पीट-पीटकर हत्या कर दी। वजह—रोज़ का शराबी उत्पात, गाली-गलौच और जानलेवा हिंसा।
यह सनसनीखेज घटना नरहरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम मर्रामपानी की है। मृतक भगवान सिंह लंबे समय से शराब का आदी था। बताया जा रहा है कि वह रोज नशे में धुत होकर घर लौटता और माँ, पत्नी व बच्चों के साथ मारपीट करता था। परिवार वर्षों से उसकी इस आदत और अत्याचार को सह रहा था, लेकिन हालात उस दिन बेकाबू हो गए।

मंगलवार को भगवान सिंह शराब के नशे में और ज्यादा उग्र हो गया। उसने परिजनों के साथ मारपीट की और विरोध करने पर टंगिया दिखाकर जान से मारने की धमकी दे डाली। डर, गुस्से और रोज़-रोज की प्रताड़ना से टूट चुके परिवार ने अंततः लाठी-डंडों से उस पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और जांच शुरू की। पूछताछ में माँ, पत्नी, बहन और बच्चों ने हत्या की बात कबूल कर ली। पुलिस का कहना है कि हत्या के पीछे मुख्य कारण मृतक की शराब की लत और घरेलू हिंसा है। फिलहाल पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर मामला दर्ज कर लिया है।
यह घटना केवल एक हत्या नहीं, बल्कि नशे की उस भयावह तस्वीर को दिखाती है, जहाँ एक पूरा परिवार अपराध के दलदल में धकेल दिया गया। सवाल यह है—अगर समय रहते नशे और घरेलू हिंसा पर रोक लगती, तो क्या यह परिवार बिखरने से बच सकता था?






