
मनेंद्रगढ़। छत्तीसगढ़ शासन ने नगर पालिका क्षेत्रों में वर्ष 2025 के लिए पंडाल, अस्थायी संरचनाओं, धरना, जुलूस, सभा और रैली जैसी आयोजनों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नियमों के अनुसार बिना अनुमति किसी भी सार्वजनिक स्थल पर पंडाल नहीं लगाया जा सकेगा। आयोजकों को कार्यक्रम की तिथि, समय, स्थान, उद्देश्य, सुरक्षा योजना और स्वच्छता व्यवस्था सहित आवेदन कम से कम 7 दिन पूर्व संबंधित निकाय को प्रस्तुत करना होगा।
पंडालों को मजबूत, स्थिर और यथासंभव अग्निरोधी सामग्री से बनाना अनिवार्य होगा। मुख्य सड़कों और चौराहों पर पंडाल लगाने की अनुमति नहीं होगी। विद्युत तारों के नीचे पंडाल निर्माण पूर्णतः प्रतिबंधित है और आसपास के भवनों से कम से कम 4.5 मीटर की दूरी रखनी होगी।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि मुख्य मार्ग अवरुद्ध न हों, पंडालों के समीप कम से कम 5 फीट चौड़ा रास्ता छोड़ा जाए और भीड़-भाड़ के दौरान यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखी जाए।
नवरात्र पर्व पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और आयोजक समितियों के लिए पंडाल और यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होगा। नागरिकों ने यह सवाल भी उठाया कि नियमों की अनदेखी के कारण कोई अनहोनी घटती है तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी।






