
✍️ भागीरथी यादव
पटना। भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव और देश के आठ विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले उपचुनावों की तारीखों की घोषणा कर दी है। साथ ही आयोग ने मतदान के दिन सभी कर्मचारियों को सवेतन अवकाश देने का आदेश जारी किया है। यह कदम मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करने में सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
बिहार में पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को और दूसरे चरण की वोटिंग 11 नवंबर को होगी। वहीं, आठ विधानसभा क्षेत्रों के उपचुनाव भी 11 नवंबर को ही संपन्न होंगे।
जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 135(बी) के तहत प्रत्येक कर्मचारी — चाहे वह किसी उद्योग, व्यवसाय या अन्य प्रतिष्ठान में कार्यरत हो — मतदान के दिन सवेतन अवकाश पाने का हकदार होगा। इस दौरान कर्मचारियों के वेतन में कोई कटौती नहीं की जाएगी। नियम का उल्लंघन करने वाले नियोक्ताओं पर जुर्माना लगाया जा सकता है। यह प्रावधान दैनिक वेतनभोगी और आकस्मिक कर्मचारियों पर भी लागू होगा।
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि जो कर्मचारी अपने मतदान क्षेत्र से बाहर अन्य स्थानों पर कार्यरत हैं, वे भी मतदान के दिन सवेतन अवकाश प्राप्त कर सकेंगे ताकि वे अपने गृह निर्वाचन क्षेत्र में जाकर मतदान कर सकें। यह नियम सुनिश्चित करता है कि प्रत्येक मतदाता को अपने मताधिकार का उपयोग करने का पूरा अवसर मिले।
आयोग ने सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों को निर्देश दिया है कि वे इस नियम का सख्ती से पालन कराएं और सभी नियोक्ताओं तथा विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करें।
बिहार में इस घोषणा से कर्मचारियों और दैनिक मजदूरों में खुशी की लहर देखी जा रही है। आयोग ने नियोक्ताओं से अपील की है कि वे इस अवकाश का लाभ देने में पूरा सहयोग करें, ताकि लोकतंत्र की जड़ें और मजबूत हों। यह कदम मतदान प्रतिशत बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।








