
सुशील जायसवाल
कोरबा/पोड़ी उपरोड़ा: पाली-तानाखार विधानसभा क्षेत्र के विधायक तुलेश्वर हीरा सिंह मरकाम ने क्षेत्र के जलाशयों के रखरखाव और नहरों की मरम्मत में हुई कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विधानसभा के बजट सत्र 2026 में एक तारांकित प्रश्न के माध्यम से उन्होंने मुख्यमंत्री से पिछले चार वर्षों के खर्च का पूरा हिसाब मांगा है।
विधानसभा में उठाए तीखे सवाल
विधायक मरकाम ने वर्ष 2022 से जनवरी 2026 तक NR (नया सुधार) और SR (विशेष सुधार) मद के तहत स्वीकृत राशि का ब्योरा मांगा है। उनके मुख्य प्रश्न निम्नलिखित बिंदुओं पर केंद्रित हैं:
किन-किन जलाशयों के लिए कितनी राशि स्वीकृत हुई और कितनी वास्तव में खर्च की गई?
मरम्मत कार्यों की वर्तमान भौतिक स्थिति क्या है? (कार्य पूर्ण हैं या अपूर्ण)।
कार्य स्थल, कार्य एजेंसी का नाम और यदि किसी कार्य को स्वीकृति नहीं मिली, तो उसका ठोस कारण क्या है?
किसानों की बदहाली पर चिंता
विधायक ने जोर देकर कहा कि स्थानीय जलाशय और नहरें किसानों की आजीविका का मुख्य आधार हैं। समय पर मरम्मत न होने के कारण नहरें जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, जिससे खेतों तक पानी नहीं पहुँच पा रहा है। इसका सीधा असर कृषि उत्पादन और किसानों की आर्थिक स्थिति पर पड़ रहा है। उन्होंने मांग की है कि जल उपभोक्ता संस्थाओं की जवाबदेही तय की जाए और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई हो।
गोंगपा की ‘उग्र आंदोलन’ की चेतावनी
इस मुद्दे पर सियासत भी गरमा गई है। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (गोंगपा) के जिला अध्यक्ष विद्यान मरकाम ने सरकार को दो टूक चेतावनी दी है। उन्होंने कहा:
“अगर 24 फरवरी को मुख्यमंत्री का जवाब संतोषजनक नहीं रहा और किसानों की सिंचाई समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो गोंडवाना गणतंत्र पार्टी सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी। जरूरत पड़ने पर जिला मुख्यालय का घेराव भी किया जाएगा।”
अब सबकी नजरें 24 फरवरी पर
क्षेत्र की जनता और विशेषकर किसानों की नजरें अब 24 फरवरी को विधानसभा में मुख्यमंत्री द्वारा दिए जाने वाले जवाब पर टिकी हैं। क्या सरकार आंकड़ों के साथ विधायक को संतुष्ट कर पाएगी या यह मुद्दा एक बड़े जन-आंदोलन का रूप लेगा, यह आने वाले कुछ घंटों में स्पष्ट हो जाएगा।






