
✍️ भागीरथी यादव
खार्तूम। सूडान के अल-फशर शहर पर रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) के कब्जे को एक सप्ताह से अधिक हो गया है। संयुक्त राष्ट्र ने बताया कि वहां महिलाओं और बच्चों सहित नागरिकों पर हमले, हत्या और यौन हिंसा की घटनाएं जारी हैं।
यूएन के अनुसार, सैकड़ों लोग मारे गए हैं और हजारों नागरिक शहर में फंसे हुए हैं, जिनका बाहरी दुनिया से संपर्क टूट चुका है। राहत सामग्री की डिलीवरी भी RSF द्वारा रोक दी गई है।
अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) के मुताबिक, अब तक 71,000 लोग पलायन कर चुके हैं, जिनमें से अधिकांश तवीला के शिविरों में रह रहे हैं, जहां भोजन और पानी की भारी कमी है।
यूएन एजेंसियां राहत कार्यों में जुटी हैं, लेकिन धन की कमी बड़ी चुनौती बनी हुई है। सूडान के लिए 2025 के सहायता प्लान का सिर्फ 28 प्रतिशत फंड ही अब तक मिल पाया है।








