
सुशील जायसवाल
कोरबा (कोरबी-चोटिया)।
कोरबा जिले के कटघोरा वन मंडल अंतर्गत ग्राम धोबीबारी में करीब चार दर्जन हाथियों के दल ने अचानक आ धमककर ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। हाथियों की लगातार आवाजाही से गांव में दहशत का माहौल है। विशेषकर आदिवासी पंडो परिवार भय के साये में जीवन यापन करने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों के अनुसार हाथियों का झुंड बीते कई दिनों से क्षेत्र में डेरा डाले हुए है। फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ कच्चे मकानों और जान-माल पर भी खतरा मंडरा रहा है। दिन के समय भी ग्रामीण असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, जबकि रात में जागकर पहरा देना उनकी मजबूरी बन चुका है।
ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय तक सूचना देने के बावजूद वन विभाग की ओर से ठोस पहल नहीं की गई। हालांकि समाचार प्रकाशन के बाद वन विभाग की टीम गांव पहुंची और हालात का जायजा लिया। टीम ने ग्रामीणों से चर्चा कर हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास किया।
वन विभाग के अधिकारियों ने स्थिति पर नजर रखने और आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है। इसके बावजूद ग्रामीणों का कहना है कि अस्थायी उपायों से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने प्रशासन से स्थायी रणनीति—जैसे सतत निगरानी, त्वरित राहत व्यवस्था और सुरक्षा उपाय—लागू करने की मांग की है।
ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि जब तक हाथियों के आतंक से स्थायी राहत नहीं मिलती, तब तक गांव में सामान्य जनजीवन बहाल होना मुश्किल है।





