
✍️ भागीरथी यादव
एमसीबी। सोशल मीडिया पर अधिवक्ता समुदाय के खिलाफ की गई कथित अमर्यादित टिप्पणियों को लेकर जिला अधिवक्ता संघ मनेन्द्रगढ़ ने कड़ा रुख अपनाया है। संघ ने इसे पेशेवर गरिमा पर सीधा प्रहार बताते हुए पुलिस प्रशासन से तत्काल आपराधिक प्रकरण दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
संघ की ओर से 7 फरवरी 2026 को सिटी कोतवाली प्रभारी को सौंपे गए लिखित आवेदन में आरोप लगाया गया है कि विवेकानंद चौक, मनेन्द्रगढ़ निवासी रघुनाथ पोद्दार उर्फ कल्लू तथा ‘शराफत की दस्तक’ चैनल के संचालक शराफत अली द्वारा एक साक्षात्कार के दौरान अधिवक्ताओं के विरुद्ध अपमानजनक और आधारहीन टिप्पणियां की गईं। यह इंटरव्यू 25 जनवरी 2026 को फेसबुक के माध्यम से प्रसारित किया गया था।
संघ के अनुसार करीब 13 मिनट के इस वीडियो में न केवल अधिवक्ताओं, बल्कि राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी बिना प्रमाण गंभीर आरोप लगाए गए, जिससे समाज में भ्रम और अविश्वास की स्थिति उत्पन्न हुई। वीडियो को शराफत अली के फेसबुक अकाउंट से साझा किया गया, जिसकी पहुंच लगभग 1570 लोगों तक बताई जा रही है। वीडियो के व्यापक प्रसार से अधिवक्ता समुदाय में तीव्र आक्रोश व्याप्त है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए 4 फरवरी 2026 को जिला अधिवक्ता संघ की आपात बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि उक्त कृत्य सुनियोजित प्रतीत होता है और यह इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों के दुरुपयोग की श्रेणी में आता है। संघ ने इसे सामाजिक सौहार्द और संस्थागत प्रतिष्ठा को आहत करने का प्रयास बताया।
जिला अधिवक्ता संघ ने मांग की है कि संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ विधि सम्मत धाराओं के तहत तत्काल एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में सोशल मीडिया मंचों का उपयोग कर किसी भी सम्मानित पेशे या वर्ग की छवि धूमिल करने की प्रवृत्ति पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।






