
✍️ भागीरथी यादव
नानगुर/सिंगसारी।
धान खरीदी के सीजन में पड़ोसी राज्यों से अवैध धान खपाने की बिचौलियों की कोशिशों पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए एक के बाद एक बड़ी कार्रवाई की है। राजस्व और मंडी विभाग की सतर्कता के चलते शुक्रवार को सीमावर्ती इलाकों में अवैध धान परिवहन के दो मामलों का पर्दाफाश हुआ, जिसमें ट्रक और पिकअप वाहन सहित भारी मात्रा में धान जब्त किया गया।

ओडिशा से आ रहा था अवैध धान, मिनी ट्रक पकड़ा
शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे तहसील नानगुर में प्रशासन को सूचना मिली कि सीमावर्ती रास्ते से अवैध धान की खेप लाई जा रही है। सूचना मिलते ही जांच दल ने नाकेबंदी कर मिनी ट्रक क्रमांक सीजी 06 एम 0155 को रोका। तलाशी के दौरान वाहन में लगभग 100 बोरी धान पाया गया। चालक से वैध दस्तावेज मांगे जाने पर वह कोई कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका। जांच में स्पष्ट हुआ कि धान ओडिशा के चांदली से अवैध रूप से लाया गया था। इसके बाद मंडी अधिनियम के तहत धान और वाहन को जब्त कर नानगुर थाना के सुपुर्द कर दिया गया।
इस कार्रवाई में नायब तहसीलदार लखीराम पांडे, रोहन कुमार बीसी, डोमन लाल, मंडी निरीक्षक बीके दिल्लीवार तथा पटवारी शंकर बैद, सोमेश नागेश और दिनेश सिंह की सक्रिय भूमिका रही।
सिंगसारी में 27 क्विंटल धान के साथ पिकअप जब्त
दूसरी बड़ी कार्रवाई सिंगसारी क्षेत्र में की गई। एसडीएम मनीष वर्मा ने बताया कि ग्रामीणों से मिली सटीक सूचना के आधार पर बंगला डोंगरी के पास नाकेबंदी की गई। इस दौरान पिकअप वाहन क्रमांक ओआर 24 ए 7629 को रोका गया। वाहन चालक सिंगसारी निवासी नित्यानंद चौधरी के पास धान परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं मिले। जांच में वाहन से 27 क्विंटल अवैध धान बरामद हुआ। प्रशासन ने मौके पर ही धान सहित पिकअप वाहन को जब्त कर अग्रिम कानूनी कार्रवाई के लिए करपावंड थाना में सुरक्षित रखवाया।
प्रशासन का सख्त संदेश
प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी व्यवस्था की पारदर्शिता बनाए रखने और किसानों के हितों की रक्षा के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी और सख्ती आगे भी लगातार जारी रहेगी। अवैध धान परिवहन और बिचौलियों के खिलाफ किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।






