कोरबा की बेटी एंजेल सिंह बनीं सिविल जज, जिले का नाम किया रोशन

    रायपुर/कोरबा: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) द्वारा आयोजित व्यवहार न्यायाधीश (कनिष्ठ श्रेणी) परीक्षा-2024 के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। इस गौरवशाली सूची में कोरबा की एंजेल सिंह ने अपनी जगह बनाकर जिले का नाम प्रदेश स्तर पर गौरवान्वित किया है। पारिवारिक पृष्ठभूमि और सफलता एंजेल सिंह कोरबा के वरिष्ठ पत्रकार रवि पी. सिंह एवं शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला (बालको) की सेवानिवृत्त प्राचार्या श्रीमती रत्नप्रभा सिंह की सुपुत्री हैं। दुरपा रोड निवासी एंजेल की इस सफलता की खबर मिलते ही उनके निवास पर बधाई देने वालों का ताँता लग गया है। परिजनों और शुभचिंतकों ने इसे उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण का प्रतिफल बताया है। परीक्षा परिणाम की मुख्य बातें छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने शनिवार को कुल 57 पदों के लिए अंतिम चयन सूची जारी की। इस परीक्षा से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारी नीचे दी गई है: चयन प्रक्रिया: मुख्य परीक्षा 21 दिसंबर 2025 को आयोजित हुई थी, जिसके बाद 10 से 20 फरवरी के बीच 183 उम्मीदवारों का साक्षात्कार (Interview) लिया गया। शीर्ष स्थान: चयन सूची में महिलाओं का दबदबा रहा। अंजुम आरा ने प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि शिवांगी तिवारी दूसरे और आयुष चौरसिया तीसरे स्थान पर रहे। पारदर्शिता: आयोग ने मुख्य सूची के साथ एक अनुपूरक सूची (Waiting List) भी जारी की है। साक्षात्कार के दौरान सभी 183 उम्मीदवार उपस्थित और योग्य पाए गए। जिले में हर्ष का माहौल एंजेल सिंह के सिविल जज बनने पर न केवल पत्रकारिता जगत बल्कि शिक्षा जगत और स्थानीय नागरिकों में भी भारी उत्साह है। विधि एवं विधायी कार्य विभाग के तहत मिली इस नियुक्ति से अब एंजेल न्यायिक सेवा के माध्यम से समाज को अपनी सेवाएँ देंगी।

बिलासपुर मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा की माताजी की स्मृति में शांति हवन और शोक सभा आयोजित

    बिलासपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा की पूज्य माताजी स्वर्गीय श्रीमती कुसुम सिन्हा (10 जुलाई 1942 – 15 फरवरी 2026) की पुण्य स्मृति में बोदरी स्थित उनके शासकीय आवास पर एक गरिमामय शांति हवन और शोक सभा का आयोजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और भजन संध्या बुधवार, 18 फरवरी को आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई। शांति हवन के पश्चात भजन संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित जनों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन धारण कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। सादगी और संस्कारों का स्मरण शोक सभा के दौरान मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा ने अपनी माताजी के व्यक्तित्व को याद करते हुए भावुक उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा: “माताजी का जीवन सादगी, उच्च संस्कारों और पारिवारिक मूल्यों का जीवंत उदाहरण था। उनके स्नेह और मार्गदर्शन ने ही मुझे कर्तव्यनिष्ठा और सत्यनिष्ठा की राह दिखाई। उनकी स्मृतियाँ हमें सदैव जनसेवा और नैतिकता की प्रेरणा देती रहेंगी।” दिग्गजों ने दी श्रद्धांजलि इस शोक सभा में प्रदेश की कई प्रमुख हस्तियों और न्यायिक जगत के अधिकारियों ने शिरकत की, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे: शासन-प्रशासन: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, मंत्री श्री गजेंद्र यादव, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस और विधायक श्री सुशांत शुक्ला। न्यायिक जगत: उच्च न्यायालय के समस्त माननीय न्यायाधीशगण, महाधिवक्ता, रजिस्ट्रार जनरल, न्यायिक अकादमी और विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारीगण। विधि एवं पुलिस: पुलिस महानिदेशक (DGP), अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष व सचिव, वरिष्ठ अधिवक्तागण, जिला न्यायपालिका के अधिकारी और उच्च न्यायालय के कर्मचारी। सभा के अंत में उपस्थित सभी गणमान्य नागरिकों ने शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

भिलाई: लिफ्ट देना पड़ा भारी, युवक पर कटर से जानलेवा हमला; छावनी पुलिस जांच में जुटी

  भिलाई। छत्तीसगढ़ के भिलाई में इंसानियत को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। छावनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत कैंप-1 स्थित जनता स्कूल के पास दो युवकों ने लिफ्ट मांगने के बहाने एक युवक को रोका और फिर उस पर कटर से जानलेवा हमला कर दिया। घायल युवक को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। क्या है पूरा मामला? पीड़ित ऋतिक चौधरी (निवासी संतोषी पारा, वार्ड-33), जो गौरव पथ आम्रपाली के पास आलू-पराठा की दुकान लगाता है, शनिवार को अपनी दुकान के लिए सामान लेने जा रहा था। इसी दौरान जनता स्कूल के पास दो अज्ञात युवकों ने उसे रोककर लिफ्ट मांगी। शुरुआत में ऋतिक ने मना किया, लेकिन युवकों के लगातार दबाव बनाने पर उसने मानवता दिखाते हुए उन्हें गाड़ी पर बिठा लिया और जनता स्कूल के पास छोड़ दिया। उतरते ही शुरू कर दी मारपीट घटना तब हिंसक हो गई जब गाड़ी से उतरते ही दोनों युवकों ने ऋतिक के साथ गाली-गलौज करते हुए उसे थप्पड़ जड़ दिया। ऋतिक द्वारा विरोध किए जाने पर उनके बीच हाथापाई शुरू हो गई। इसी बीच मिलन चौक निवासी सुशांत नामक आरोपी ने अचानक कटर निकाला और ऋतिक के सीने और हाथ पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। अस्पताल में उपचार जारी, आरोपी फरार लहूलुहान हालत में ऋतिक को देख आसपास के लोगों ने बीच-बचाव किया, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से घायल को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस की कार्रवाई: छावनी थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी के रूप में सुशांत की पहचान की है और आरोपियों की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी है।

कटघोरा: सद्भाव पत्रकार संघ ने मनाया प्रादेशिक नववर्ष मिलन समारोह, स्वच्छता दीदियों और जनप्रतिनिधियों का हुआ सम्मान

ज्ञान शंकर तिवारी     कटघोरा/कोरबा: समाज को सही राह दिखाने और लोकतंत्र के प्रहरी के रूप में कार्य करने वाले पत्रकारों का मनोबल बढ़ाने के लिए कटघोरा के ग्राम विजयपुर में एक भव्य आयोजन किया गया। शुक्रवार, 20 फरवरी को ‘सद्भाव पत्रकार संघ छत्तीसगढ़’ (जिला इकाई कोरबा) द्वारा प्रादेशिक पत्रकार नववर्ष मिलन एवं सम्मान समारोह 2026 का आयोजन ‘सद्भावना भवन’ में संपन्न हुआ। कलम के सिपाहियों का आह्वान कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के तैलचित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर संघ के प्रदेशाध्यक्ष आर.डी. गुप्ता ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि पत्रकार हर परिस्थिति में सत्य की खोज कर जनता तक पहुँचाते हैं। उन्होंने पत्रकारों को संगठित, निर्भीक और सशक्त होकर कार्य करने का आह्वान किया और संघ की ओर से हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। विधायक प्रेमचंद पटेल ने रेखांकित की मीडिया की भूमिका कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने विकास में मीडिया की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा: “ग्राम, जिला और प्रदेश के विकास में प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। शासन-प्रशासन के प्रयासों के साथ मीडिया का सकारात्मक सहयोग जरूरी है, जिससे हम जनप्रतिनिधियों को सही दिशा मिलती है।” विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि रवि रजक और ग्राम सरपंच श्रीमती अनुसूईया विश्राम कंवर भी उपस्थित रहे। रवि रजक ने प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और मीडिया के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। सम्मान से बढ़ाया उत्साह इस गरिमामय समारोह में न केवल पत्रकारों, बल्कि समाज की नींव मजबूत करने वाली महिलाओं और जनप्रतिनिधियों को भी सम्मानित किया गया: स्वच्छता दीदियाँ: ग्राम विजयपुर, अचानकपुर और कोरबी की स्वच्छता दीदियों को साड़ी और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। जनप्रतिनिधि व पत्रकार: उत्कृष्ट कार्य करने वाले जनपद एवं पंचायत प्रतिनिधियों तथा पत्रकारों को स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। एकजुटता और संवाद का संदेश कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में सदस्यों ने शिरकत की। मंच का शानदार संचालन अनुराग महनन द्वारा किया गया। आयोजन का समापन सुरुचिपूर्ण भोज के साथ हुआ, जहाँ सभी पत्रकारों ने आपसी सौहार्द और एकता का परिचय दिया। यह आयोजन न केवल एक मिलन समारोह था, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत पत्रकारों को मजबूती देने और उनके सेवा भाव को सराहने का एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ।

जशपुर: नाबालिग से दुष्कर्म और महिला से छेड़छाड़ के मामले में 9 आरोपी गिरफ्तार

    जशपुर (छत्तीसगढ़): जिले के नारायणपुर थाना क्षेत्र में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक 13 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म और उसकी 35 वर्षीय रिश्तेदार महिला के साथ छेड़छाड़ की गई। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सहित 9 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। क्या है पूरा मामला? मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला (35 वर्ष) और नाबालिग लड़की (13 वर्ष) 17 फरवरी को एक रिश्तेदार के घर से अपने गांव लौट रही थीं। रास्ते में एक चौक के पास 9 युवकों ने उन्हें रोक लिया और उनके साथ बदतमीजी व छेड़छाड़ शुरू कर दी। बचाव की कोशिश: डरी हुई महिला किसी तरह वहां से भागकर घर पहुँची और परिजनों को आपबीती सुनाई। दुष्कर्म की वारदात: जब परिजन घटनास्थल पर पहुँचे, तो आरोपी वहां से भाग खड़े हुए। दो दिन बाद नाबालिग बच्ची ने हिम्मत जुटाकर बताया कि भागने के दौरान एक आरोपी ने उसे पकड़ लिया था और सूनसान जगह ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया, जबकि अन्य आरोपी पहरा दे रहे थे। धमकी और दबाव: घटना के बाद आरोपियों ने गांव वालों के माध्यम से पीड़ित परिवार को पैसे का लालच देकर मामला दबाने की कोशिश की और पुलिस के पास जाने पर जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस की कार्रवाई मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए चार विशेष टीमों का गठन किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी की और सभी 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों का विवरण पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपियों की सूची इस प्रकार है:   नाम उम्र भूमिका नीरज लकड़ा 23 वर्ष मुख्य आरोपी समीर मिंज 28 वर्ष सह-आरोपी तेलेस्फोर मिंज 40 वर्ष सह-आरोपी आनंद मिंज 38 वर्ष सह-आरोपी रितेश कुमार टोप्पो 29 वर्ष सह-आरोपी सुनीत तिर्की 30 वर्ष सह-आरोपी अविनाश तिर्की 25 वर्ष सह-आरोपी सत्या मिंज 24 वर्ष सह-आरोपी (नाम गोपनीय) 17 वर्ष विधि से संघर्षरत बालक   पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म, छेड़छाड़, पोक्सो एक्ट (POCSO) और जान से मारने की धमकी देने जैसी विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।  

बिलासपुर: पुलिस डॉग ‘विमला’ बनी देवदूत, 10 किमी पीछा कर घने जंगल से ढूँढ निकाला ‘गुमशुदा’ शख्स

✍️ भागीरथी यादव   बेलगहना (बिलासपुर): बिलासपुर पुलिस के डॉग स्क्वायड की जांबाज सदस्य ‘विमला’ ने एक बार फिर अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है। दो दिनों से लापता एक शख्स को विमला ने घने जंगलों के बीच 10 किलोमीटर तक ट्रैकिंग कर सुरक्षित ढूंढ निकाला। यदि समय रहते पुलिस और विमला मौके पर न पहुँचते, तो भूखे-प्यासे और अचेत अवस्था में जंगल में फंसे व्यक्ति के साथ कोई अनहोनी हो सकती थी। क्या था पूरा मामला? ग्राम डांडबछाली निवासी तरुण सिदार (48 वर्ष) बीते 19 फरवरी को खेत जाने के नाम पर घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। परिजनों ने जब तलाश शुरू की, तो पता चला कि उन्हें अंतिम बार गांव के ही कुछ साथियों के साथ शराब पीते देखा गया था। किसी अनहोनी की आशंका के चलते परिजनों ने चौकी बेलगहना में रिपोर्ट दर्ज कराई। सुराग मिलते ही सक्रिय हुई टीम मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर तत्काल टीम गठित की गई। संदिग्ध स्थल की तलाशी के दौरान पुलिस को लापता तरुण की टोपी और चप्पल बरामद हुई। यहीं से जांच का जिम्मा डॉग स्क्वायड को सौंपा गया। 10 किलोमीटर का सफर और विमला का कमाल बिलासपुर से डॉग हैंडलर मनोज साहू के साथ पुलिस डॉग विमला मौके पर पहुंची। विमला ने मौके से मिले सामान को सूंघा और पहाड़बछाली के दुर्गम और घने जंगलों की ओर रुख किया। करीब 10 किलोमीटर तक लगातार सर्चिंग करने के बाद विमला ने झाड़ियों के बीच अचेत पड़े तरुण सिदार को खोज निकाला। नशे और ग्लानि के कारण जंगल में छिपा था युवक बरामदगी के बाद तरुण को प्राथमिक उपचार दिया गया। पूछताछ में पता चला कि अत्यधिक नशे की हालत में होने और उसके बाद होने वाली आत्मग्लानि के कारण वह 19 फरवरी की रात से ही बिना खाए-पिए जंगल में रह रहा था। बेलगहना पुलिस और डॉग विमला की इस तत्परता ने एक घर का चिराग बुझने से बचा लिया।   पुलिस डॉग विमला ने पहले भी कई पेचीदा मामलों को सुलझाने में बिलासपुर पुलिस की अहम मदद की है।   हमारे व्हाट्सएप्प ग्रुप से जुड़ने के लिए निचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें. 👇👇👇👇👇👇👇 https://chat.whatsapp.com/IIZu8jzW5djJZKwgR8YR7w?mode=gi_t

मनेंद्रगढ़ नगरपालिका में ‘प्रॉक्सी राज’ का अंत: स्वास्थ्य मंत्री ने परिवारवाद के बजाय वरिष्ठता को दी प्राथमिकता

✍️ भागीरथी यादव     मनेंद्रगढ़/एमसीबी। छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार के ‘जीरो टॉलरेंस’ और ‘पारदर्शिता’ के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने एक बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। मनेंद्रगढ़ नगरपालिका में अब महिला जनप्रतिनिधियों के नाम पर उनके रिश्तेदारों या पतियों (प्रॉक्सी) का हस्तक्षेप पूरी तरह बंद होगा। इसी कड़ी में मंत्री जायसवाल ने कड़ा फैसला लेते हुए महेंद्र पाल सिंह को नगरपालिका परिषद मनेंद्रगढ़ में विधायक प्रतिनिधि नियुक्त किया है। उन्होंने पूर्व प्रतिनिधि सरजू यादव को हटाकर भाजपा के वरिष्ठ नेता महेंद्र पाल सिंह पर भरोसा जताया है। नियम सबके लिए एक बराबर: स्वास्थ्य मंत्री का संदेश नगरीय प्रशासन विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी किए थे कि निकायों में महिला जनप्रतिनिधियों के स्थान पर उनके पतियों या रिश्तेदारों के दखल को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने अपने ही निर्वाचन क्षेत्र में इस नियम का सख्ती से पालन कर यह साफ कर दिया है कि सत्ता में नियम और अनुशासन सर्वोपरि है। इस नियुक्ति के पीछे मुख्य उद्देश्य ‘परिवारवाद’ को खत्म कर ‘वरिष्ठता’ और ‘अनुभव’ को मान देना है। चर्चा में क्यों है यह ‘पावर शिफ्ट’? अक्सर देखा जाता है कि स्थानीय निकायों में महिला अध्यक्षों या पार्षदों के कार्यों का संचालन उनके पति या पुत्र करते हैं, जिसे आम बोलचाल में ‘प्रॉक्सी राज’ कहा जाता है। पारदर्शिता की पहल: प्रदेश सरकार ने महिला सशक्तिकरण को वास्तविक रूप देने के लिए रिश्तेदारों की नियुक्ति पर रोक लगाई है। बड़ा राजनीतिक फैसला: इस बदलाव को केवल एक नियुक्ति के रूप में नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की राजनीति में कार्यप्रणाली बदलने की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। कार्यकर्ताओं में उत्साह: वरिष्ठ नेता महेंद्र पाल सिंह की नियुक्ति से पार्टी के जमीनी और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं में सकारात्मक संदेश गया है। “सत्ता में परिवारवाद के लिए कोई जगह नहीं है। नियम सभी के लिए समान हैं और पारदर्शिता के साथ वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देना ही हमारी सरकार की प्राथमिकता है।” — श्यामबिहारी जायसवाल, स्वास्थ्य मंत्री  

मस्तूरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 10 महीने से फरार आरोपी प्रत्यूष बंजारे गिरफ्तार

✍️ भागीरथी यादव   मल्हार/मस्तूरी: थाना मस्तूरी के अंतर्गत आने वाली चौकी मल्हार पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने पिछले 10 महीनों से फरार चल रहे आरोपी प्रत्यूष बंजारे को दिनांक 20 फरवरी 2026 को घेराबंदी कर धर दबोचा। मामले का विवरण आरोपी प्रत्यूष बंजारे (पिता: सचिन बंजारे), निवासी चकरबेड़ा, पिछले लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। उसके विरुद्ध अपराध क्रमांक 315/25 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज था: धाराएं: 296, 351(2), 115(2), 119(1) एवं 3(5) BNS। स्थिति: आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए पिछले 10 महीनों से लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। पुलिस की कार्रवाई मुखबिर की सटीक सूचना पर मल्हार पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को मल्हार क्षेत्र में ही लोकेट किया और उसे हिरासत में ले लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ वैधानिक कार्यवाही पूरी की गई और उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। पुलिस का संदेश: अपराधियों के विरुद्ध पुलिस का अभियान जारी है। लंबे समय से फरार चल रहे अन्य आरोपियों की भी तलाश तेज कर दी गई है।

डूमर कछार: साप्ताहिक समीक्षा बैठक के साथ ‘जनसुनवाई’ का हुआ आगाज, अध्यक्ष डॉ. चौरसिया ने सुनीं जनसमस्याएं

✍️ भागीरथी यादव    राजनगर/एम.सी.बी.: नगर पंचायत डूमर कछार में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और मूलभूत सुविधाओं को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से शनिवार को परिषद सभागार में महत्वपूर्ण साप्ताहिक समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस बार बैठक की खास बात यह रही कि प्रशासन को जनता के और करीब लाने के लिए ‘जनसुनवाई’ की भी शुरुआत की गई। शोक सभा से हुई बैठक की शुरुआत समीक्षा बैठक प्रारंभ होने से पूर्व मानवीय संवेदनाएं देखने को मिलीं। निकाय कर्मचारी दीपक सिंह की माता के आकस्मिक निधन पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने 2 मिनट का मौन धारण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। जनसुनवाई: मौके पर सुनी गईं समस्याएं शासन के निर्देशानुसार कार्यों में तेजी लाने और नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए अब हर शनिवार समीक्षा बैठक के साथ जनसुनवाई का भी आयोजन किया जाएगा। शनिवार को सुबह 10:30 से दोपहर 12:30 बजे तक चली इस जनसुनवाई में: मुन्ना, उषा जायसवाल, पूजा पाव सहित अनेक नागरिकों ने अपनी समस्याएं रखीं। मुख्य अतिथि डॉ. सुनील कुमार चौरसिया (अध्यक्ष एवं जिला योजना समिति सदस्य) ने जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर समस्याओं को सुना और अधिकारियों को तत्काल निराकरण के निर्देश दिए। 22 बिंदुओं पर हुई गहन समीक्षा समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य अतिथि और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने कुल 22 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की। इसमें निकाय के अंतर्गत संचालित विकास कार्यों, सफाई व्यवस्था और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं की सुगमता सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। कार्यक्रम में इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति इस अवसर पर सभापति महेश चौहान, जितेंद्र चौहान, रवि सिंह, रंजीत वर्मा, पार्षद चंदा देवी महरा, बिजेंद्र देवांगन, सरिता यादव, पार्वती सिंह, पार्षद प्रतिनिधि योगेश पालीवाल सहित निकाय के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

DGP अरुण देव गौतम ने ली बिलासपुर पुलिस की समीक्षा बैठक: लूट का खुलासा करने वाली टीम की थपथपाई पीठ, दिए कड़े निर्देश

✍️ भागीरथी यादव    बिलासपुर | छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक (DGP) श्री अरुण देव गौतम ने शनिवार को पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय के सभागार में बिलासपुर जिले के पुलिस अधिकारियों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। बैठक में पुलिस महानिरीक्षक (IG) बिलासपुर रेंज श्री रामगोपाल गर्ग सहित जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक की शुरुआत में IG श्री गर्ग ने DGP का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। 24 घंटे में लूट का खुलासा करने पर प्रशंसा DGP श्री गौतम ने राजकिशोर नगर में सराफा व्यवसायी के साथ हुई लूट की घटना की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अपराधियों को माल समेत 24 घंटे के भीतर पकड़ने और अंतर्राज्यीय समन्वय के लिए पुलिस टीम की प्रशंसा की। हालांकि, उन्होंने सख्त हिदायत दी कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। सुरक्षा और गश्त को लेकर कड़े निर्देश महानिदेशक ने पुलिसिंग को और मजबूत करने के लिए निम्नलिखित निर्देश दिए: प्रभावी गश्त: होटल, लॉज और संदिग्धों की नियमित चेकिंग की जाए। सुरक्षा ऑडिट: बैंक और सराफा दुकानों के सीसीटीवी (CCTV) और सुरक्षा उपायों की नियमित जांच हो। संवेदनशील पुलिसिंग: थाना प्रभारी और राजपत्रित अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि थाने आने वाले फरियादियों की बात गंभीरता से सुनी जाए। पर्यवेक्षण: DGP ने स्पष्ट किया कि थाना प्रभारी स्वयं रिपोर्ट सुनें और FIR दर्ज करने की प्रक्रिया का राजपत्रित अधिकारी सूक्ष्म पर्यवेक्षण करें। फायर सेफ्टी और ई-प्रणाली पर जोर बैठक में ICJS सिस्टम के तहत ई-चालान और ई-साक्ष्य की प्रक्रिया को न्यायालय के समन्वय से जल्द लागू करने पर चर्चा हुई। वहीं, नगर सेना के अधिकारियों के साथ फायर सेफ्टी और ऑडिट पर चर्चा करते हुए DGP ने सिरगिट्टी और मोपका में हुई आगजनी की घटनाओं की विस्तृत पर्यवेक्षण रिपोर्ट जिला प्रशासन के साथ साझा करने के निर्देश दिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। बैठक में ये रहे उपस्थित बैठक में नगर सेना DIG श्री लक्ष्मी चंद्रा वर्मा, संयुक्त संचालक अभियोजन श्री माखनलाल पाण्डेय, संभागीय सेनानी श्री नरसिंह नेताम, ASP ग्रामीण श्रीमती मधुलिका सिंह, ASP शहर श्री पंकज पटेल, ASP विशेष शाखा श्रीमती दीपमाला कश्यप, जिला सेनानी श्री दीपांकर नाथ सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। विशेष टिप: DGP साहब ने केवल निर्देश ही नहीं दिए, बल्कि अपने अनुभवों और संस्मरणों के माध्यम से पुलिसिंग की बारीकियाँ भी समझाईं।

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