अवैध शिकार पर वन विभाग का बड़ा प्रहार एंटी-स्नेयर वॉक अभियान से शिकारियों में हड़कंप, 6 गिरफ्तार
✍️ भागीरथी यादव छत्तीसगढ़ में वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार पूरी तरह सख्त नजर आ रही है। राज्य के वन मंत्री श्री केदार कश्यप के स्पष्ट निर्देशों के बाद वन विभाग द्वारा अवैध शिकार के विरुद्ध लगातार ठोस और प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। वन मंत्री श्री कश्यप स्वयं उच्च अधिकारियों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें कर वन सुरक्षा, संरक्षण और संवर्धन को लेकर रणनीति तय कर रहे हैं तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दे चुके हैं। इन्हीं निर्देशों के तहत प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) के कुशल मार्गदर्शन में प्रदेशभर में एंटी स्नेयर वॉक अभियान को तेज कर दिया गया है। इस अभियान के सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगे हैं और शिकारियों पर लगातार शिकंजा कसता जा रहा है। गरियाबंद में बड़ी कार्रवाई गरियाबंद जिले के कुल्हाड़ीघाट वन परिक्षेत्र अंतर्गत ओड़ सर्कल में वन विभाग ने वन्यजीव अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। सघन गश्त और सतर्क निगरानी के दौरान 6 शिकारियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें ग्राम सुनाबेड़ा (ओडिशा) के 2 और ग्राम ओड़ के 4 आरोपी शामिल हैं। वन विभाग की टीम ने आरोपियों के कब्जे से खरगोश पकड़ने के फंदे, तीर-कमान और मछली पकड़ने के जाल जैसे अवैध शिकार में प्रयुक्त उपकरण बरामद किए हैं। यह सामग्री वन्यजीवों के लिए गंभीर खतरा बनी हुई थी। कड़ी कानूनी कार्रवाई पकड़े गए सभी आरोपियों के विरुद्ध दो अलग-अलग प्रकरणों में पी.ओ.आर. (प्रारंभिक अपराध रिपोर्ट) दर्ज की गई है तथा वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है। सभी 6 अभियुक्तों को दिनांक 07 जनवरी को माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, गरियाबंद के समक्ष प्रस्तुत किया गया। आधुनिक तकनीक से बढ़ी निगरानी वन विभाग द्वारा अवैध शिकार पर रोक लगाने के लिए अब ड्रोन, ट्रैप कैमरे, आधुनिक तकनीक, सघन गश्त, वनकर्मियों की अतिरिक्त तैनाती और स्थानीय समुदायों की भागीदारी जैसे उपायों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। खासकर पिकनिक या अन्य गतिविधियों की आड़ में होने वाले अवैध शिकार पर विशेष नजर रखी जा रही है। शिकारियों के हौसले पस्त वन विभाग की यह सख्त और सतत कार्रवाई न केवल वन्यजीवों की सुरक्षा की दिशा में अहम कदम है, बल्कि शिकारियों के हौसले तोड़ने का भी मजबूत संदेश है। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि वनों और वन्यप्राणियों के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले समय में गश्त अभियान को और अधिक सशक्त करते हुए वन विभाग शिकार जैसी गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए प्रतिबद्ध है।
कांकेर में कॉलेज छात्रा से दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला, दो आरोपी गिरफ्तार
कांकेर। जिले में महिला सुरक्षा को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। कॉलेज से घर लौट रही एक छात्रा का रास्ता रोककर अश्लील गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी और दुष्कर्म करने के आरोप में कांकेर पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पीड़िता ने 8 जनवरी को थाना कांकेर में दर्ज कराई गई लिखित शिकायत में बताया कि वह उसी दिन शाम करीब 4:10 बजे कॉलेज से अपने घर लौट रही थी। इसी दौरान ग्राम पथरी जाने वाले मार्ग पर जंगलवार कॉलेज के दूसरे गेट के पास आरोपी यश साहू और उसका साथी जितेंद्र उर्फ जीतू साहू ने उसे जबरन रोक लिया। आरोप है कि दोनों ने पहले पीड़िता के साथ अश्लील गाली-गलौज की, फिर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद आरोपी यश साहू ने उसके साथ दुष्कर्म किया, जबकि उसका साथी जितेंद्र कुमार साहू इस अपराध में सहयोग करता रहा। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर विधिवत गिरफ्तार किया गया। आज उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। इस घटना ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, कांकेर पुलिस की त्वरित कार्रवाई को लेकर आमजन में संतोष भी देखा जा रहा है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि मामले की विवेचना पूरी निष्पक्षता और सख्ती के साथ की जाएगी।
आदिवासी महापंचायत का ऐलान, प्रस्तावित कोयला खदान के खिलाफ उग्र विरोध
सुशील जायसवाल राष्ट्रपति के नाम पसान तहसीलदार को सौंपा गया ज्ञापन, वन अधिकार पत्रों की मांग तेज विधायक तुलेश्वर मरकाम ने भरी हुंकार कोरबा/पोंड़ी उपरोड़ा, 9 जनवरी 2026। पांचवी अनुसूची क्षेत्र अंतर्गत कोरबा जिले के विकासखंड पोंड़ी उपरोड़ा में प्रस्तावित नई कोयला खदान को लेकर आदिवासी समाज में भारी आक्रोश देखने को मिला। शुक्रवार को गोंडवाना गणतंत्र पार्टी एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय आदिवासी महापंचायत एवं जन आंदोलन का आयोजन किया गया। इस दौरान महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के नाम अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पोंड़ी उपरोड़ा के माध्यम से ज्ञापन सौंपते हुए ग्राम पंचायत पुटीपखना, सेन्हा, जल्के एवं तनेरा में प्रस्तावित कोयला खदान को तत्काल निरस्त करने की मांग की गई। कोयला खदान से आदिवासी अस्तित्व पर संकट ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि कोयला मंत्रालय द्वारा जारी वैस्टिंग ऑर्डर के तहत विजय सेंट्रल कोल माइंस बीजाडांड को रूंगटा सन्स प्राइवेट लिमिटेड को खनन हेतु आबंटित किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पहले से संचालित रानी अटारी एवं विजय वेस्ट कोल माइंस से बीते 20–25 वर्षों में अपेक्षित विकास नहीं हो पाया, जबकि पर्यावरण, जंगल और आदिवासी जीवनशैली को भारी नुकसान पहुंचा है। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि नई खदान खुलने से आदिवासियों की संस्कृति, धार्मिक आस्था, जंगल, पहाड़ और देवी-देवताओं से जुड़े स्थलों पर सीधा खतरा उत्पन्न होगा। साथ ही लकड़ी, चार, तेंदूपत्ता, महुआ, औषधीय जड़ी-बूटियों जैसे जीवनोपयोगी संसाधनों से आदिवासी वंचित हो जाएंगे। हाथी प्रभावित क्षेत्र में खनन का विरोध ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि यह इलाका घनघोर हाथी प्रभावित क्षेत्र है, जहां जनजातीय राष्ट्रपति दत्तक पुत्र समुदाय निवासरत है। ऐसे में खनन से मानव–वन्यजीव संघर्ष बढ़ने की आशंका जताई गई है। आंदोलनकारियों ने इसे आदिवासी एवं वन्यजीव सुरक्षा के विरुद्ध बताया। वन अधिकार पत्र वर्षों से लंबित महापंचायत में वन अधिकार अधिनियम 2006 (संशोधित 2012) के तहत वर्षों से लंबित व्यक्तिगत एवं सामुदायिक वन अधिकार दावों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। जिला एवं उपखंड स्तरीय वन अधिकार समितियों से लंबित आवेदनों का शीघ्र निराकरण कर पात्र हितग्राहियों को तत्काल वन अधिकार पत्र प्रदान करने की मांग की गई। साथ ही पूर्व में अपात्र किए गए आवेदकों की पुनः समीक्षा कर उन्हें पात्र घोषित करने तथा नए सिरे से आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ करने की मांग भी की गई। चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के जिला अध्यक्ष विद्वान सिंह मरकाम एवं प्रदेश अध्यक्ष इंजी. संजय कमरो ने स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन ने जनभावनाओं की अनदेखी की तो आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र किया जाएगा। आज का इस महा पंचायत जन आंदोलन में, शांति व्यवस्था एवं सुरक्षा को लेकर कटघोरा एस डी ओ पी पुलिस विजय कुमार राजपूत, ने पसान पुलिस, बागों थाना प्रभारी रुपेश वर्मा, कटघोरा थाना प्रभारी धर्म नारायण तिवारी, एवं कोरबी चौकी प्रभारी सुरेश कुमार जोगी, एवं अन्य पुलिस बल मौके पर तैनात की गई थी! महापंचायत में बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
जुराली मुक्तिधाम मार्ग बना ग्रामीणों की पीड़ा का रास्ता, प्रशासन से न्याय की गुहार
✍️ भागीरथी यादव कोरबा/कटघोरा, 9 जनवरी 2026। कटघोरा नगर पालिका क्षेत्र के ग्राम जुराली में मुक्तिधाम तक पहुंचने का रास्ता आज ग्रामीणों के लिए गंभीर संकट का कारण बना हुआ है। वर्षों से क्षतिग्रस्त पड़े इस मार्ग को लेकर ग्रामीणों का संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है। समस्या के समाधान की मांग को लेकर वार्ड क्रमांक 13 के पार्षद आत्मानारायण पटेल के नेतृत्व में ग्रामीणों ने आज कटघोरा एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि नवीन पुल निर्माण के दौरान मुक्तिधाम तक जाने वाला एकमात्र मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद से अब तक न तो मार्ग का पुनर्निर्माण किया गया और न ही वैकल्पिक व्यवस्था की गई। हालात ऐसे हैं कि अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील कार्यों के समय ग्रामीणों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जिससे उनकी पीड़ा और भी बढ़ जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर नगर पालिका परिषद कटघोरा एवं जिला प्रशासन को कई बार अवगत कराया जा चुका है। यहां तक कि ग्रामीणों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड के माध्यम से मार्ग निर्माण कराए जाने को लेकर पत्राचार भी हुआ, लेकिन इसके बावजूद आज तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। खस्ताहाल रास्ते के कारण शवयात्रा निकालना अत्यंत दुष्कर हो गया है, जिससे ग्रामीणों को मानसिक और शारीरिक दोनों ही स्तर पर पीड़ा झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मानवीय और आवश्यक मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए मुक्तिधाम तक पहुंच मार्ग का तत्काल निर्माण कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी परिवार को ऐसी असहनीय स्थिति का सामना न करना पड़े। ज्ञापन सौंपते समय ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन उनकी व्यथा को समझते हुए जल्द सकारात्मक और प्रभावी कदम उठाएगा।
कोरबा में युवा कांग्रेस का भव्य कार्यकर्ता सम्मेलन 11 जनवरी को
✍️ भागीरथी यादव कोरबा। छत्तीसगढ़ प्रदेश युवा कांग्रेस संगठन को सशक्त और सक्रिय बनाने के उद्देश्य से प्रदेश स्तरीय दौरा कार्यक्रम के अंतर्गत कोरबा शहर जिला युवा कांग्रेस द्वारा कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। यह सम्मेलन 11 जनवरी 2026 (रविवार) को दोपहर 2:00 बजे जिला कांग्रेस कार्यालय, टी.पी. नगर, कोरबा में आयोजित होगा। सम्मेलन में छत्तीसगढ़ प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी श्री अमित सिंह पठानिया एवं प्रदेश अध्यक्ष श्री आकाश शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के पूर्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल तथा पीसीसी सचिव श्री विकास सिंह की गरिमामय उपस्थिति रहेगी। इस अवसर पर युवा कांग्रेस संगठन की मजबूती, आगामी रणनीतियों, जनहित मुद्दों तथा युवाओं की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। संगठनात्मक गतिविधियों को नई दिशा देने और कार्यकर्ताओं में ऊर्जा व उत्साह का संचार करने के उद्देश्य से यह सम्मेलन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जिला युवा कांग्रेस कोरबा (शहर) ने युवा कांग्रेस के प्रदेश, जिला, ब्लॉक एवं वार्ड स्तर के सभी पदाधिकारियों की उपस्थिति को अनिवार्य बताते हुए अधिक से अधिक कार्यकर्ता साथियों से समय पर पहुंचकर सम्मेलन को सफल बनाने की अपील की है।
रायपुर में बौद्धिक प्रतिभा का महासंगम 12वीं छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय UCMAS एबेकस प्रतियोगिता संपन्न
✍️ भागीरथी यादव रायपुर। UCMAS Head Office के तत्वावधान में 12वीं छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय एबेकस प्रतियोगिता का भव्य एवं गरिमामय आयोजन 4 जनवरी 2026, रविवार को श्री राम मंदिर स्थित महर्षि वाल्मीकि उत्सव भवन, रायपुर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में प्रदेशभर से आए होनहार विद्यार्थियों ने अपनी अद्भुत मानसिक गणना क्षमता से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। राज्य के विभिन्न जिलों से आए लगभग 1000 प्रतिभाशाली बच्चों ने इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य बच्चों में मानसिक गणना, एकाग्रता, आत्मविश्वास और तार्किक सोच का विकास करना रहा, जिसमें प्रतिभागियों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। इसी क्रम में UCMAS NTPC साडा कॉलोनी, जमनीपाली के 6 होनहार विद्यार्थियों ने प्रतियोगिता में भाग लेकर संस्था का नाम रोशन किया। संचालक ज्योति अग्रवाल के कुशल निर्देशन और निरंतर मार्गदर्शन में बच्चों ने पिछले दो महीनों तक नियमित अभ्यास किया, जिसका शानदार परिणाम मंच पर देखने को मिला। बच्चों ने मात्र 8 मिनट में 200 प्रश्न हल कर अपनी असाधारण गणनात्मक प्रतिभा का परिचय दिया और निर्णायकों के साथ दर्शकों की भी जमकर सराहना बटोरी। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी बच्चों ने आत्मविश्वास, धैर्य और अनुशासन का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए चैंपियनशिप का गौरव हासिल किया। यह उपलब्धि न केवल बच्चों की मेहनत का परिणाम है, बल्कि संचालक एवं अभिभावकों के सतत सहयोग का भी सशक्त प्रमाण है। रनर-अप ट्रॉफी आरव घरवार (Z ग्रुप) वाणी यादव (A1 ग्रुप) ने जीतकर संस्था का मान और बढ़ाया। समापन समारोह में विजेता बच्चों को ट्रॉफी एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। आयोजकों ने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों तथा विशेष रूप से संचालक ज्योति अग्रवाल के प्रयासों की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यह आयोजन निश्चय ही छत्तीसगढ़ में बच्चों की बौद्धिक प्रतिभा को नई दिशा और पहचान देने वाला सिद्ध हुआ।
गौरा–गौरी पर्व पर टूटा दुखों का पहाड़, खुशियों के बीच पसरा मातम
सुशील जायसवाल कोरबी चोटिया। आस्था, उल्लास और लोक परंपरा के प्रतीक गौरा–गौरी महोत्सव के दिन ही कोरबी क्षेत्र से दो हृदयविदारक घटनाएं सामने आईं, जिन्होंने पूरे इलाके को गहरे शोक में डुबो दिया। जहां एक ओर गांव में पर्व की तैयारियां चल रही थीं, वहीं अचानक आई इन घटनाओं ने खुशियों को मातम में बदल दिया। ग्राम पंचायत घोसरा में रहने वाले बेलासर सिंह बिंझवार की 12 वर्षीय पुत्री गुरुवार सुबह घर से नहाने के लिए पास ही स्थित बागों डुबान गई थी। नहाते समय वह अनजाने में गहरे पानी में चली गई और डूब गई। जब तक ग्रामीणों को इसकी जानकारी मिलती, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मासूम बच्ची की असमय मौत से गांव में कोहराम मच गया। सूचना मिलते ही कोरबी चौकी प्रभारी सुरेश कुमार जोगी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। शव का पंचनामा कर उसे पोड़ी उपरोड़ा अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। जिस गांव में ढोल–मंजीरे बजने थे, वहां अब केवल रोते-बिलखते परिजनों की आवाजें गूंज रही हैं। इधर, उसी दिन एक और दुखद खबर सामने आई। फुलसर गांव में एक नाबालिग ने अज्ञात कारणों के चलते फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया। नाबालिग द्वारा उठाया गया यह कदम कई सवाल छोड़ गया है, जिनके जवाब अब तलाशे जा रहे हैं। एक ही दिन में घटी इन दो दर्दनाक घटनाओं ने गौरा–गौरी पर्व की खुशियों को पूरी तरह फीका कर दिया। गांव-गांव में शोक की लहर है और लोग स्तब्ध हैं कि किस्मत ने त्योहार के दिन ही इतना बड़ा घाव क्यों दे दिया। मासूमों की असमय मौत ने यह अहसास करा दिया कि जीवन कितना नश्वर है और एक पल में सब कुछ बदल सकता है।
स्थानांतरण की फाइल में घूस की स्याही, ACB ने सहायक ग्रेड-2 को रंगे हाथ पकड़ा
जशपुरनगर, 9 जनवरी। महिला एवं बाल विकास विभाग में स्थानांतरण को लेकर चल रही कथित सौदेबाज़ी पर एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने कड़ा प्रहार किया है। सहायक ग्रेड-2 गिरीश कुमार वारे को रिश्वत लेते हुए विभागीय कार्यालय परिसर से गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई गुरुवार को गोपनीय योजना के तहत की गई। ACB से मिली जानकारी के अनुसार, जशपुर जिले के दोकड़ा में पदस्थ भृत्य योगेश शांडिल्य का लोदाम स्थानांतरण कराने के बदले आरोपी द्वारा 80 हजार रुपये की मांग की गई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, पहले ही 30 हजार रुपये दे दिए गए थे, इसके बाद भी शेष रकम के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था। मामले में गंभीर आरोप यह भी है कि बाकी राशि न देने पर सहायक ग्रेड-2 ने शिकायतकर्ता की मोटरसाइकिल अपने पास रख ली थी। इससे आहत होकर पीड़ित ने एंटी करप्शन ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के सत्यापन के बाद ACB ने जाल बिछाया। जैसे ही शिकायतकर्ता ने तय योजना के अनुसार 40 हजार रुपये आरोपी को सौंपे, टीम ने तत्काल दबिश देकर उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। ACB अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच जारी है और अन्य तथ्यों की भी पड़ताल की जा रही है। इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी कामकाज में रिश्वतखोरी पर अब सीधी और सख्त नजर रखी जा रही है।
मोबाइल विवाद बना मौत की वजह: कोरबा में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत, मायके पक्ष ने पति पर लगाए गंभीर आरोप
✍️ भागीरथी यादव कोरबा, 09 जनवरी 2026। जिले के बाकी मोगरा थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां घरेलू विवाद ने एक 26 वर्षीय विवाहिता की जिंदगी छीन ली। सेंदरीदफाई गांव में मोबाइल फोन को लेकर हुए पति-पत्नी के विवाद के बाद महिला ने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद मायके पक्ष ने इसे आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या करार देते हुए पति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतका की पहचान रानी रत्नाकर के रूप में हुई है, जो मूल रूप से जांजगीर-चांपा जिले के जांजगीर की निवासी थी। चार वर्ष पूर्व उसकी शादी सिवनी निवासी दयाल रत्नाकर (27) से हुई थी। शादी के बाद दोनों सेंदरीदफाई में रह रहे थे। दंपती के दो छोटे बच्चे हैं—ढाई वर्ष की बेटी और मात्र चार महीने का बेटा। मायके पक्ष का आरोप है कि दयाल रत्नाकर का विवाह से पहले किसी अन्य महिला से प्रेम संबंध था, जो शादी के बाद भी जारी रहा। उसी महिला द्वारा तलाक के लिए दबाव बनाए जाने से पति-पत्नी के बीच आए दिन विवाद होता था। घर में एक ही मोबाइल होने के कारण रानी को पति के कथित अफेयर की जानकारी मिली, जिससे तनाव और बढ़ गया। परिजनों के अनुसार, घटना वाले दिन मोबाइल को लेकर हुए विवाद के दौरान पति ने रानी के साथ मारपीट की। इससे मानसिक रूप से आहत होकर रानी ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक तौर पर मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है, लेकिन मायके पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों को गंभीरता से लिया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, कॉल डिटेल, मोबाइल चैट और परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर घरेलू कलह, मानसिक उत्पीड़न और पारिवारिक विवादों के भयावह परिणामों को उजागर कर दिया है। पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि यह आत्महत्या थी या किसी साजिश का नतीजा।
स्कूल परिसर बना मौत का मैदान: निर्माणाधीन भवन का छज्जा गिरने से छठवीं के छात्र की दर्दनाक मौत, प्रधान पाठक निलंबित
वाड्रफनगर। शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही की एक और दर्दनाक तस्वीर वाड्रफनगर थाना क्षेत्र के शारदापुर गांव से सामने आई है, जहां स्कूल परिसर में निर्माणाधीन भवन की चपेट में आकर छठवीं कक्षा के मासूम छात्र की जान चली गई। इस हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। गुरुवार को खुटहन पारा स्थित माध्यमिक शाला परिसर में मध्याह्न भोजन अवकाश के दौरान छात्र खेल रहे थे। इसी दौरान छठवीं कक्षा का छात्र आलोक कुमार (पिता– रमेश देवांगन) खेलते-खेलते स्कूल के पीछे निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन तक पहुंच गया। तभी अचानक भवन का कमजोर छज्जा भरभराकर गिर पड़ा और आलोक उसके नीचे दब गया। छात्रों की चीख-पुकार सुनकर शिक्षक मौके पर पहुंचे तो मलबे में खून से लथपथ आलोक दबा मिला। ग्रामीणों की मदद से आनन-फानन में उसे बाहर निकाला गया और अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस दर्दनाक घटना के बाद गांव में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने इसे स्कूल प्रबंधन और प्रशासन की गंभीर लापरवाही बताते हुए जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की। कार्रवाई नहीं होने तक परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया, जिससे माहौल और भी तनावपूर्ण हो गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया। संयुक्त संचालक शिक्षा ने माध्यमिक शाला की प्रधान पाठक ममता गुप्ता को निलंबित कर दिया, वहीं अन्य शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसके बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार के लिए सहमति दी। फिलहाल प्रशासन द्वारा घटना की जांच जारी है। निर्माणाधीन भवन की गुणवत्ता, सुरक्षा इंतजाम और संबंधित एजेंसी की भूमिका की भी जांच की जा रही है। यह हादसा एक बार फिर सवाल खड़े करता है कि क्या स्कूल परिसरों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस व्यवस्था है या लापरवाही की कीमत मासूमों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ेगी।
















