कॉलेज बस में शर्मनाक हरकतें: छात्राओं की हिम्मत रंग लाई, कंडक्टर गिरफ्तार

✍️ भागीरथी यादव   डोंगरगढ़। सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं की सुरक्षा को चुनौती देने वाले एक मामले में डोंगरगढ़ पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए निजी बस के कंडक्टर को गिरफ्तार किया है। कॉलेज छात्राओं के साथ लंबे समय से छेड़छाड़ और अभद्र व्यवहार कर रहे आरोपी की हरकतों से क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है। पीड़ित छात्राओं के अनुसार, कॉलेज आने-जाने के दौरान बस में सफर करते समय आरोपी कंडक्टर लगातार अशोभनीय टिप्पणियां करता था और जानबूझकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था। रोजाना उसी बस से यात्रा करने की मजबूरी के चलते छात्राएं भय और तनाव में जी रही थीं, लेकिन आखिरकार उन्होंने साहस दिखाते हुए परिजनों के साथ थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही डोंगरगढ़ पुलिस हरकत में आई। त्वरित जांच और छात्राओं के बयान के आधार पर पुलिस ने आरोपी कंडक्टर नेतराम यादव, निवासी सुकुलदैहान, को हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद उसके खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं में मामला दर्ज कर विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया। “महिलाओं की सुरक्षा सर्वोपरि” — एडिशनल एसपी एडिशनल एसपी पुष्पेंद्र नायक ने मामले पर स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि छात्राओं के बयान पूरी तरह स्पष्ट और विश्वसनीय हैं। उन्होंने दो टूक कहा, “महिलाओं और छात्राओं की गरिमा से कोई समझौता नहीं होगा। सार्वजनिक परिवहन में इस तरह की घटनाओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।” यह कार्रवाई न केवल पीड़ित छात्राओं को न्याय दिलाने की दिशा में अहम कदम है, बल्कि समाज में यह संदेश भी देती है कि अब चुप्पी नहीं, कार्रवाई होगी।

सटीक विवेचना की जीत: बिलासपुर में नशे के सौदागर को 15 साल की सज़ा

  बिलासपुर। एनडीपीएस एक्ट के मामलों में अक्सर आरोपी तकनीकी खामियों का सहारा लेकर कानून की पकड़ से बाहर निकल जाते हैं, लेकिन इस बार तस्वीर बिल्कुल अलग रही। बिलासपुर पुलिस ने परंपरागत तरीके नहीं, बल्कि सटीक विवेचना को हथियार बनाया—और नतीजा ऐतिहासिक सज़ा के रूप में सामने आया। तकनीक नहीं, कानून बोला पुलिस ने जब्ती से लेकर सैंपलिंग तक एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 और 22 के सभी प्रावधानों का अक्षरशः पालन किया। हर प्रक्रिया में शुद्धता और पारदर्शिता रखी गई, जिससे बचाव पक्ष के लिए तकनीकी दांव-पेंच बेअसर साबित हुए। रिकॉर्ड समय में चालान गिरफ्तारी के महज तीन महीने के भीतर—07 नवंबर 2023 को—पुलिस ने ठोस साक्ष्यों के साथ चार्जशीट पेश कर दी। इस तेज़ और सटीक कार्रवाई ने मुकदमे की दिशा तय कर दी। अदालत में दमदार पक्ष विशेष लोक अभियोजक सूर्यकांत शर्मा और विवेचक सब-इंस्पेक्टर अवधेश सिंह ने अदालत के सामने ऐसे साक्ष्य रखे कि आरोपी का बचाव टिक नहीं सका। गवाहों, दस्तावेज़ों और फॉरेंसिक रिपोर्ट्स की कड़ी इतनी मजबूत थी कि न्यायालय को सख्त संदेश देने का आधार मिल गया। न्यायालय का कड़ा रुख न्यायाधीश श्रीमती किरण त्रिपाठी की अदालत ने इस अपराध को समाज के लिए गंभीर खतरा मानते हुए 3 जनवरी 2026 को फैसला सुनाया। आदेश स्पष्ट था—नशे के कारोबारियों के लिए कानून में कोई नरमी नहीं। सजा: 15 साल का कठोर कारावास और 1.5 लाख रुपये का जुर्माना। यह फैसला उन सभी के लिए चेतावनी है जो बिलासपुर की फिज़ा में नशे का ज़हर घोलने का मंसूबा रखते हैं। वर्दी का सम्मान, व्यवस्था की पहचान इस पूरी कानूनी लड़ाई के असली नायक रहे सब-इंस्पेक्टर अवधेश सिंह। उनकी पेशेवर और अनुशासित विवेचना से प्रभावित होकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह (IPS) ने उन्हें पुरस्कृत किया। यह सम्मान केवल एक अधिकारी का नहीं, बल्कि उस कार्यसंस्कृति का प्रमाण है जहाँ क्वालिटी इन्वेस्टिगेशन को प्राथमिकता दी जा रही है। घटना की शुरुआत 11 अगस्त 2023 को सिविल लाइन थाने के सब-इंस्पेक्टर अवधेश सिंह को एक छोटा लेकिन खतरनाक इनपुट मिला—“मिनी बस्ती का एक युवक युवाओं को नशे की दलदल में धकेलने की तैयारी में है।” पुलिस ने बिना देर किए जाल बिछाया। जरहाभाठा की तंग गलियों में कबाड़ी दुकान के पास घेराबंदी कर 23 वर्षीय आकाश कुर्रे को दबोच लिया गया।   यह मामला साबित करता है कि जब विवेचना सटीक हो और इरादे मजबूत हों—तो कानून की जीत तय होती है।  

रिश्वतखोरी का आरोप: चांपा कोर्ट में पदस्थ आरक्षक तत्काल प्रभाव से निलंबित

  ✍️ भागीरथी यादव   जांजगीर-चांपा। न्यायिक प्रक्रिया में भरोसे को झकझोरने वाला मामला सामने आया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, चांपा न्यायालय में पदस्थ कोर्ट मोहर्रिर आरक्षक रंजीत कुमार अनंत को रिश्वतखोरी और दुर्व्यवहार के गंभीर आरोपों के बाद तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अधिवक्ता प्रियंका द्वारा पुलिस अधीक्षक जांजगीर-चांपा को एक गंभीर शिकायत पत्र सौंपा गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि आरक्षक रंजीत कुमार अनंत ने न्यायालयीन कार्य से जुड़े मामले में तीन हजार रुपये की रिश्वत की मांग की, जिसमें से फोन-पे के माध्यम से 1000 रुपये प्राप्त किए गए, साथ ही शिकायतकर्ता के साथ दुर्व्यवहार भी किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रथम दृष्टया जांच के आधार पर आरक्षक रंजीत कुमार अनंत (आर.क्र. 107) को तत्काल निलंबित करते हुए रक्षित केंद्र, जांजगीर-चांपा में संबद्ध किया गया है। निलंबन अवधि में संबंधित आरक्षक को नियमानुसार निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। यह कार्रवाई पुलिस विभाग द्वारा भ्रष्टाचार के विरुद्ध अपनाई गई शून्य सहनशीलता नीति का स्पष्ट संकेत मानी जा रही है। वहीं, न्यायालय से जुड़े कर्मियों पर लगे इस तरह के आरोपों ने सिस्टम की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले में आगे की जांच और विभागीय कार्रवाई की संभावना से इंकार नहीं किया गया है।

मेडिकल कॉलेज और सड़कें बनेंगी, पर युवाओं के हाथ कब आएगा काम?

  मनेन्द्रगढ़ में यातायात अव्यवस्था और बेरोजगारी पर उठे सवाल मनेन्द्रगढ़। जिला मुख्यालय होने के बावजूद मनेन्द्रगढ़ शहर आज बुनियादी व्यवस्थाओं के अभाव से जूझ रहा है। शहर की संकरी और अव्यवस्थित सड़कें रोज़ाना यातायात जाम का कारण बन रही हैं, जिससे दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है, लेकिन इसके स्थायी समाधान की दिशा में अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। शहर के प्रमुख बाजार क्षेत्रों और चौक-चौराहों पर बेतरतीब ढंग से लगे सब्जी ठेले यातायात व्यवस्था को और अधिक बिगाड़ रहे हैं। स्थानीय पत्रकार आनंद शर्मा ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि यदि जिला प्रशासन चाहे, तो ठेलों के लिए वैकल्पिक और सुव्यवस्थित स्थान चिन्हित कर व्यवस्था को सुधारा जा सकता है। मनेन्द्रगढ़ में भूमि की कमी नहीं है, समस्या केवल प्रशासनिक इच्छाशक्ति की है। इसी बीच बेरोजगारी का सवाल भी लगातार गहराता जा रहा है। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि मनेन्द्रगढ़ विधायक श्याम बिहारी जायसवाल वास्तव में युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर हैं, तो उन्हें रोजगार सृजन की दिशा में ठोस योजना लानी होगी। शहर के बड़े पार्कों या सार्वजनिक परिसरों में योजनाबद्ध तरीके से दुकानों का निर्माण कर कई युवाओं को स्थायी रोजगार उपलब्ध कराया जा सकता है। गौरतलब है कि मनेन्द्रगढ़ में मेडिकल कॉलेज के निर्माण की योजना और सड़कों के लिए करोड़ों रुपये के बजट की स्वीकृति जैसे बड़े विकास कार्य प्रस्तावित हैं। लेकिन इन योजनाओं के बीच बेरोजगार युवाओं के लिए किसी दीर्घकालिक और स्थायी रोजगार योजना का अभाव साफ नजर आता है। आज मनेन्द्रगढ़ का आम नागरिक यही सवाल पूछ रहा है— क्या विकास सिर्फ इमारतों और सड़कों तक सीमित रहेगा, या युवाओं के भविष्य को भी संवारने की कोई ठोस पहल होगी?

रायपुर | रामा वर्ल्ड में युवक की संदिग्ध मौत

✍️ भागीरथी यादव   रायपुर – विधानसभा थाना क्षेत्र के रामा वर्ल्ड परिसर में एक युवक की संदिग्ध हालत में लाश मिलने से सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान शुभम राणा के रूप में हुई है, जो देवघर (झारखंड) का निवासी बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार शुभम स्वर्णभूमि क्षेत्र में निर्माणाधीन मकान में कारपेंटरी का काम करता था। बीती रात करीब 11 बजे से वह अपने कमरे से गायब था। सुबह तलाश के दौरान उसकी क्षत-विक्षत लाश मिली। घटना की सूचना पर विधानसभा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। झारखंड से पहुंचे परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।

आपसी विवाद बना खूनी संघर्ष, कुल्हाड़ी से हत्या गनियारी में सनसनीखेज वारदात, घंटों में आरोपी गिरफ्तार

✍️ भागीरथी यादव    कोरबा। जिले के करतला थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गनियारी में सोमवार को एक दिल दहला देने वाली हत्या की घटना सामने आई, जिसने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया। हालांकि, पुलिस की तत्परता से घटना के कुछ ही घंटों के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया, जिससे इलाके में फैली दहशत कुछ हद तक कम हुई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह ग्रामीणों ने नंदकुमार पटेल का लहूलुहान शव गांव में जयशंकर के घर से सटे बाड़ी के आंगन में पड़ा देखा। शव के सिर और चेहरे पर गहरे घाव के निशान थे, जिससे प्रथम दृष्टया ही हत्या की आशंका जताई गई। घटना की सूचना मिलते ही करतला थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घटनास्थल को सील कर जांच शुरू की। हत्या की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने डॉग स्क्वायड एवं फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया। जांच के दौरान डॉग स्क्वायड के श्वान ने शव से गंध लेकर सीधे पड़ोस में रहने वाले जयशंकर के घर तक पहुंचकर अहम सुराग दिया, जिसके बाद पुलिस का शक उसी पर केंद्रित हो गया। पुलिस ने संदिग्ध जयशंकर को हिरासत में लेकर जब कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने कथित तौर पर अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि मृतक नंदकुमार का आरोपी के घर आना-जाना था और घरेलू विवाद को लेकर दोनों के बीच तनाव चल रहा था। रविवार रात इसी बात को लेकर विवाद बढ़ा और गुस्से में आकर जयशंकर ने नंदकुमार पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मृतक और आरोपी दोनों ही विवाहित हैं तथा उनके बच्चे भी हैं। इस हृदयविदारक घटना ने दोनों परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है, वहीं पूरे गांव में भय और शोक का माहौल व्याप्त है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। हत्या में प्रयुक्त हथियार जब्त किया जा रहा है और मामले की गहन विवेचना जारी है। आरोपी के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा।    

VB-G RAM G जागरूकता अभियान को लेकर भाजपा की बड़ी पहल

  जिला कोरबा में समन्वय टोली गठित, चुलेश्वर राठौर बने जिलासंयोजक पाली | ज्ञान शंकर तिवारी की रिपोर्ट कोरबा। VB-G RAM G जागरूकता अभियान को जिले में व्यापक स्तर पर सफल बनाने की दिशा में भारतीय जनता पार्टी ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। भाजपा जिला कोरबा के जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने संगठनात्मक मजबूती और बेहतर समन्वय के उद्देश्य से जिला स्तरीय समन्वय टोली का गठन किया है। इस नवगठित टोली में चुलेश्वर राठौर को जिलासंयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि डॉ. पवन सिंह, उमेश्वर सोनी एवं रामकुमार गभेल को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। यह टोली VB-G RAM G जागरूकता अभियान के अंतर्गत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यक्रमों का आयोजन, कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय तथा आमजन से संवाद स्थापित करने का कार्य करेगी। भाजपा नेतृत्व का मानना है कि यह जिला स्तरीय टोली अभियान को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगी। साथ ही संगठन और कार्यकर्ताओं के बीच निरंतर संपर्क बनाए रखते हुए अभियान को नई गति प्रदान करेगी। पार्टी पदाधिकारियों ने विश्वास जताया है कि VB-G RAM G जागरूकता अभियान के माध्यम से जन-जन तक सरकार की योजनाओं और उद्देश्यों की जानकारी पहुंचेगी तथा संगठनात्मक ढांचा और अधिक सशक्त होगा।

कोरबी–चोटिया: मानव–हाथी द्वंद्व पर मंथन, ‘जनहानि शून्य–हाथी हानि शून्य’ का संकल्प

सुशील जायसवाल   कोरबी/चोटिया। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा मानव–हाथी द्वंद्व की गंभीर समस्या के समाधान को लेकर एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन हाथी नियंत्रण केंद्र, चोटिया (वन परिक्षेत्र केंदई) में किया गया। कार्यशाला का मूल उद्देश्य मानव और हाथियों के बीच बढ़ते टकराव को रोकते हुए सुरक्षित सहअस्तित्व सुनिश्चित करना रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री के. के. बिसेन, सदस्य सी.पी.ई.एम.सी. (प्रोजेक्ट टाइगर एवं हाथी डिवीजन), पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार रहे। वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता वनमंडल अधिकारी कुमार निशांत ने की। हाथियों की सुरक्षा और मानव जीवन बचाने पर जोर कार्यशाला में वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि मानव–हाथी द्वंद्व प्रबंधन का लक्ष्य केवल नुकसान की भरपाई नहीं, बल्कि जनहानि शून्य और हाथी हानि शून्य की दिशा में ठोस एवं व्यावहारिक कदम उठाना है। हाथियों के पारंपरिक विचरण मार्गों, भोजन व जल स्रोतों की सुरक्षा, तथा मानवीय गतिविधियों के संतुलन पर विशेष चर्चा की गई। प्रारंभिक चेतावनी तंत्र और त्वरित प्रतिक्रिया दल पर चर्चा कार्यक्रम के दौरान हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने वाले प्रारंभिक चेतावनी तंत्र, त्वरित प्रतिक्रिया दल की भूमिका, ग्रामीणों की समय पर सूचना प्रणाली तथा जन-जागरूकता अभियानों को मजबूत करने पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। अधिकारियों ने कहा कि विभाग और ग्रामीणों के बीच समन्वय ही इस समस्या का स्थायी समाधान है। अधिकारी, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण रहे उपस्थित कार्यशाला में सहायक वन संरक्षक सुश्री यामिनी पोर्ते, वन परिक्षेत्र अधिकारी केंदई अभिषेक कुमार दुबे, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, हाथी मित्र दल, एवं बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे। इसके साथ ही जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी रही, जिनमें — भारत सिंह सिदार, जनपद सदस्य लाल बहादुर, सरपंच, ग्राम पंचायत लाद जवाहर सिंह, सरपंच, ग्राम पंचायत परला श्रीमती प्यारो बाई रायसिंह, सरपंच, ग्राम पंचायत चोटिया सहित अन्य सरपंच प्रतिनिधि शामिल रहे। समन्वित प्रयासों का आह्वान कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी सहभागियों से आह्वान किया गया कि वन विभाग, प्रशासन, जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण मिलकर सामूहिक प्रयास करें, ताकि मानव और हाथी दोनों सुरक्षित रह सकें और क्षेत्र में स्थायी शांति एवं संतुलन बना रहे।

रायगढ़: मजदूरी को लेकर दबंगई, पिता–पुत्र से बेरहमी से मारपीट, 24 घंटे में 8 आरोपी गिरफ्तार

  रायगढ़। कोतरारोड थाना क्षेत्र के किरोड़ीमल नगर में मजदूरी को लेकर हुई एक सनसनीखेज मारपीट की घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। 4 जनवरी 2026 को एक निजी कंपनी में कार्यरत मजदूरों ने दबंगई दिखाते हुए एक व्यक्ति और उसके बेटे को जबरन साथ काम करने का दबाव बनाया। विरोध करने पर आरोपियों ने पिता–पुत्र को कमरे में बंद कर बेरहमी से पीटा। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 24 घंटे के भीतर 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जबरन मजदूरी का दबाव, विरोध पर हिंसा प्राप्त जानकारी के अनुसार, किरोड़ीमल नगर निवासी गोविंद राम नेताम और उनका बेटा छवि नेताम आरोपियों के निशाने पर आ गए। आरोपियों ने छवि नेताम पर जबरन अपने साथ काम करने का दबाव बनाया। जब उसने इंकार किया, तो विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने गेट बंद कर पिता–पुत्र के साथ जमकर मारपीट की। इस दौरान आरोपियों ने गोविंद नेताम के सिर पर डंडे से हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए और उनके सिर से खून बहने लगा। किसी तरह जान बचाकर दोनों पीड़ित वहां से निकलने में सफल रहे और सीधे कोतरारोड थाने पहुंचकर घटना की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस की त्वरित कार्रवाई, 24 घंटे में गिरफ्तारी मामला दर्ज होते ही कोतरारोड पुलिस हरकत में आई और जांच तेज करते हुए महज 24 घंटे के भीतर 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की क्षेत्र में सराहना की जा रही है। गिरफ्तार आरोपी बुधमन उरांव (40 वर्ष) अशोक उरांव (24 वर्ष) कार्तिक उरांव (25 वर्ष) प्रकाश गोप (19 वर्ष) मनोज उरांव (19 वर्ष) मंगलदीप उरांव (26 वर्ष) अरुण करमाली (19 वर्ष) (एक आरोपी नाबालिग होने की जांच अलग से की जा रही है – यदि लागू हो) सभी आरोपी किरोड़ीमल नगर के निवासी हैं और मूल रूप से झारखंड राज्य के रहने वाले बताए जा रहे हैं। न्यायिक रिमांड पर भेजे गए आरोपी पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और यदि अन्य आरोपी संलिप्त पाए गए तो उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।

छत्तीसगढ़ पुलिस में 17 सहायक उप निरीक्षकों को मिली पदोन्नति, बने उप निरीक्षक

  रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में पदोन्नति को लेकर पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर अटल नगर द्वारा आदेश जारी किया गया है। जारी आदेश के अनुसार 17 सहायक उप निरीक्षकों (ASI) को उप निरीक्षक (SI) के पद पर पदोन्नत किया गया है। यह पदोन्नति योग्यता सूची वर्ष 2025 के आधार पर की गई है। पदोन्नत अधिकारियों को वेतन मैट्रिक्स लेवल-8 (₹35,400 से ₹1,12,400) के अंतर्गत उप निरीक्षक पद पर कार्यभार ग्रहण कराया जाएगा। अधिकारियों की नई पदस्थापना के संबंध में पृथक आदेश जारी किए जाएंगे। पदोन्नत अधिकारियों की सूची में रायपुर, बालोद, जीआरपी रायपुर, नारायणपुर, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और बलौदाबाजार जिलों में पदस्थ अधिकारी शामिल हैं।

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