छत्तीसगढ़:- ऑनलाइन प्यार, 14 सौ किमी की दूरी तय कर बाइक से पहुंचा प्रेमी,भाग रहा था प्रेमिका को लेकर, गांव वालों ने दौड़ाया तो गिर कर हुआ घायल

कांकेर/ ऑनलाइन गेमिंग खेलते युवती के प्यार में पड़ा युवक घायल होकर अस्पताल पहुंचा गया। बाइक से 14 सौ किमी की दूरी तय कर कांकेर पहुंचे प्रेमी की कहानी पूरी फिल्मी है। प्रेमिका को साथी के साथ बाइक में लेकर भाग रहे प्रेमी को जब गांव वाले व परिजनों ने दौड़ाया तो वह चारामा थाना के लिलेझर में हादसे का शिकार हो गए। प्रेमिका को परिजन ले गए। बताया जा रहा है दोनों युवकों की बेदम पिटाई भी की गई। जिससे उन्हें गंभीर चोटें भी आई। लेकिन दहशत के चलते दोनों इस मारपीट से इंकार कर हादसे में घायल होना बता रहे हैं। गुजरात के सूरत का युवक उमेश भामरे ऑनलाइन गेमिंग खेलते जिले के पोटगांव की एक युवती के संपर्क में आ गया। एक-दूसरे की आईडी लेकर इंस्टाग्राम के माध्यम से दोनों के बीच चैटिंग से शुरू हुई दोस्ती वाट्सअप में वीडियो कालिंग जरिए प्यार में तब्दील हो गई। 11 महीनों से वीडियो काल में ही दोनों एक-दूसरे के साथ जीने मरने की कसमें खाने लगे। वहीं 22 मई को जब प्रेमिका के बुलावे पर प्रेमी बाइक से अपने साथी कृष्णा भीसे के साथ 14 सौ किमी दूर कांकेर के पोटगांव के लिए निकल पड़ा। घर वाले उसे मार देंगे, मैं लेकर जाऊंगा अस्पताल के बेड में घायल पड़े प्रेमी उमेश ने कहा उसकी प्रेमिका को उसके परिवार वाले काफी प्रताड़ित करते हैं। इसलिए मैं उसे लेने आया था। अगर मैं उसे नहीं ले गया तो वे उसे मार देंगे। बाइक पर बैठे ​थे तीन लोग प्रेमी उज्जैन होते हुए 24 मई को पोटगांव पहुंचा। जहां उसे प्रेमिका मिली और वह उसे बाइक पर बैठा कर भागने लगे। इसकी भनक परिजनों व गांव वालों को लगी तो वे पीछा करने लगे। प्रेमी के अनुसार चारामा के लिलेझर के निकट उनकी बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई और तीनों गिर गए। सिर पर चोट आने से प्रेमी बेहोश हो गया। दोस्त का पैर दो जगह से फ्रैक्चर हो गया। लड़की घायल होने पर भी प्रेमी को उठाने की कोशिश करती रही, लेकिन उसके परिजन साथ ले गए। परिजन उलझन में, लड़की लेकर जाएं या छोड़ें हादसे की खबर लगते ही उमेश के पिता सुरेश व मां किरण भी कांकेर पहुंचे। बेटे अपनी प्रेमिका को ले जाने की जिद कर रहा है। जिसके सामने पिता ने हां तो कर दी, लेकिन वे उलझन में है कि लड़की को लेकर जाएं या यहीं छोड़ दें। पिता ने कहा उन्हें इसे लेकर कुछ समझ नहीं आ रहा है। फोन व बाइक थाना में अस्पताल से हादसे की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस प्रेमी का मोबाइल व बाइक भी थाना ले आई। दोस्त के मोबाइल में अन्य युवतियों की फोटो व नंबर है। जो इस मामले में काफी संदेहास्पद है। पुलिस युवकों के परिजनों को थाना में बुलाया लेकिन बाद में उन्हें जाने दिया।

छत्तीसगढ़:-आज रविवार को साढ़े 11 हजार लीटर शराब भरे बोतलों पर चली बुलडोजर

रायपुर/ बलौदाबाजार- भाटापारा पुलिस ने जप्त अवैध शराब को नष्ट किया। जिले के थानों- चौकी में दर्ज 1001 प्रकरणों में कुल 11587. 768 लीटर जब्त शराब की बोतलों को बुलडोजर चलाकर कुचला गया। इन मामलों में जप्त वाहनों को भी राजसात किया जा रहा है। रविवार दोपहर पुलिस कैंप लाहोद में यह कार्रवाई की गई ।

छत्तीसगढ़:- अंतिम संस्कार के दौरान शव छोड़कर भागे लोग, जब मधुमक्खियों ने किया हमला

दुर्ग/ भाठापारा निकुम (दुर्ग) में एक वृध्द महिला की मौत होने के बाद अंतिम यात्रा को लेकर परिवारजन व सैकड़ों ग्रामीणजन शाम को 4 बजे श्मशान घाट दाह संस्कार करने पहुंचे ग्रामीणों पर मधुमक्खियों ने हमला कर दिया. इससे अफरा तफरी मच गई, वहीं कई लोगों को कई डंक लगने से ग्रामीणजन दहशत के चलते शव को छोड़ कर भागे, फिर घायल मरीज सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र निकुम इलाज कराने पहुंचे, तो डॉक्टर ही नहीं थे. दर्द से कराह रहे मरीज मजबूरी में निजी क्लीनिक में इलाज करवाये. वहीं ग्राम निकुम के मधुक्खी के डंक से घायल राजकुमार साहू ने कहा कि निकुम में स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल है. समय पर डॉक्टर नहीं मिलते स्टाफ भी नहीं रहता है। गौर हो कि बीते कुछ दिन पहले ही दुर्ग कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी ने अस्पताल का निरीक्षण किया फिर भी यहां की व्यवस्था बदहाल है। विधानसभा चुनाव के बाद से आज तक जीवनदीप समिति की बैठक भी नहीं हुई. समय पर डॉक्टर नहीं पहुंचते है जिसके कारण निजी डॉक्टरों के पास जाना मजबूरी बन गई. ग्राम पंचायत निकुम के पंच धमेन्द्र साहू ने बताया कि ग्राम पंचायत निकुम समय रहते उस मधुमक्खी के छत्ते को हटाये, ताकि निकट भविष्य में ऐसी घटना न हो. सरपंच को सूचना दे दी गई. मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी दुर्ग डॉ. जेपी मेश्राम ने कहा कि समय पर स्टाप अस्पाताल पहुंचे, लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगी. ग्रामीण क्षेत्रों में भी मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले.

छत्तीसगढ़:- अंतिम संस्कार के दौरान शव छोड़कर भागे लोग, जब मधुमक्खियों ने किया हमला

दुर्ग/ भाठापारा निकुम (दुर्ग) में एक वृध्द महिला की मौत होने के बाद अंतिम यात्रा को लेकर परिवारजन व सैकड़ों ग्रामीणजन शाम को 4 बजे श्मशान घाट दाह संस्कार करने पहुंचे ग्रामीणों पर मधुमक्खियों ने हमला कर दिया. इससे अफरा तफरी मच गई, वहीं कई लोगों को कई डंक लगने से ग्रामीणजन दहशत के चलते शव को छोड़ कर भागे, फिर घायल मरीज सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र निकुम इलाज कराने पहुंचे, तो डॉक्टर ही नहीं थे. दर्द से कराह रहे मरीज मजबूरी में निजी क्लीनिक में इलाज करवाये. वहीं ग्राम निकुम के मधुक्खी के डंक से घायल राजकुमार साहू ने कहा कि निकुम में स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल है. समय पर डॉक्टर नहीं मिलते स्टाफ भी नहीं रहता है। गौर हो कि बीते कुछ दिन पहले ही दुर्ग कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी ने अस्पताल का निरीक्षण किया फिर भी यहां की व्यवस्था बदहाल है। विधानसभा चुनाव के बाद से आज तक जीवनदीप समिति की बैठक भी नहीं हुई. समय पर डॉक्टर नहीं पहुंचते है जिसके कारण निजी डॉक्टरों के पास जाना मजबूरी बन गई. ग्राम पंचायत निकुम के पंच धमेन्द्र साहू ने बताया कि ग्राम पंचायत निकुम समय रहते उस मधुमक्खी के छत्ते को हटाये, ताकि निकट भविष्य में ऐसी घटना न हो. सरपंच को सूचना दे दी गई. मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी दुर्ग डॉ. जेपी मेश्राम ने कहा कि समय पर स्टाप अस्पाताल पहुंचे, लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगी. ग्रामीण क्षेत्रों में भी मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले.

छत्तीसगढ़:- स्कूल में फंदे से लटकती मिली तीसरी के छात्र की लाश,परिजनों ने जताई हत्या की आशंका

कोंडागांव/ केशकाल ब्लॉक के ग्राम डूमरपदर स्थित प्राथमिक शाला में बच्चे की फंदे से लटकी लाश मिलने से हड़कंप मच गया. आज दोपहर स्कूल के मैदान पर खेल रहे बच्चों ने सबसे पहले लाश को देखा और इसकी सूचना तत्काल मृतक के परिजनों और दूसरे ग्रामीणों को दी, जिसके बाद ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस मामले की जांच में जुट गई हैं. जानकारी के मुताबिक, मृतक तीसरी कक्षा का छात्र था और उसके माता-पिता का भी देहांत हो चुका है. जिसके बाद वह अपने नानी-नाना के घर में रहते हुए प्राथमिक स्कूल में पढ़ाई कर रहा था. गुरुवार देर शाम वह घर से बिना बताए कहीं चला गया था. जिसके बाद आज सुबह स्कूल में उसकी लाश फंदे पर लटकती मिली. बता दें कि जिस स्कूल में बच्चा पढ़ रहा था उसी के एक कमरे में फंदे से लटकती हुई उसकी लाश पाई गई है. फंदे की ऊंचाई देखकर बच्चे के परीजन और ग्रामीण हत्या की आशंका जता रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि जिस ऊंचाई पर फंदा बांधा गया था उस ऊंचाई पर तीसरी के छात्र द्वारा फंदा बांधना नामुमकिन है. इधर मामले में पुलिस आत्महत्या और हत्या दोनों के एंगल से जांच कर रही है. आसपास के लोगो समेत स्कूल के अन्य बच्चों और शिक्षकों का बयान भी लिया जा रहा हैं.

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