Raipur News : राजधानी के निजी होटल में युवती का ड्रग्स लेते वीडियो हुआ वायरल, कांग्रेस ने सरकार पर उठाए सवाल, तो बीजेपी ने कही ये बात
रायपुर: राजधानी रायपुर के निजी होटल में युवती के ड्रग्स लेने का वीडियो सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में युवती 500 रुपए के नोट में ड्रग्स की लाइन बनाते और फिर चाटते हुए दिख रही है. वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक पार्टियों के बीच बयानबाजी शुरू हो गई है. कांग्रेस ने इस मामले को लेकर सरकार पर ड्रग्स माफियाओं को संरक्षण देने का आरोप लगाया है. वहीं भाजपा ने कांग्रेस के इस बयान पर पलटवार किया है. केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल के लिए कर्मचारियों को देगी विशेष छुट्टी ड्रग्स माफियाओं को सरकार दे रही संरक्षण : कांग्रेस पूर्व कांग्रेस विधायक विकास उपाध्याय ने ड्रग्स लेने के वायरल वीडियो मामले को लेकर सरकार को जमकर घेरा है. उन्होंने कहा कि सरकार ड्रग्स माफियाओं को संरक्षण देने का काम कर रही है. ड्रग्स माफिया युवा पीढ़ी को नशे की गर्त में धकेल रहे हैं. उन्होंने सवाल उठाते हुए पूछा कि डबल इंजन सरकार में ड्रग्स कहां से आ रही है? कोरबा: शराब के नशे में डूबे 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत, जांच में जुटी पुलिस कांग्रेस के बयान पर भाजपा का पलटवार भाजपा संगठन महामंत्री संजय श्रीवास्तव ने कांग्रेस के बयान पर पलटवार किया. कहा कि कांग्रेस आरोप लगाने से पहले ये ध्यान में रख लें, जो नशा करते दिख रहे हैं, कहीं वो कांग्रेस परिवार से जुड़े हुए तो नहीं हैं. पिछली सरकार में नशे ने व्यापक रूप लिया और उनके करतूतों से आज सरकार जूझ रही है. भाजपा सरकार में नशे के खिलाफ कड़ाई से कार्रवाई की जा रही है.
केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल के लिए कर्मचारियों को देगी विशेष छुट्टी
दिल्ली: केंद्र सरकार के कर्मचारी 30 दिनों की छुट्टी का लाभ उठा सकेंगे, जिसमें 20 दिन की अर्धवेतन छुट्टी, 8 दिन की आकस्मिक छुट्टी और 2 दिन का प्रतिबंधित अवकाश शामिल है। यह जानकारी केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को राज्यसभा सांसद सुमित्रा बाल्मीकि के सवाल के जवाब में दी। कोरबा: शराब के नशे में डूबे 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत, जांच में जुटी पुलिस दरअसल, केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल सहित निजी कारणों के लिए प्रति वर्ष 30 दिन की अर्जित छुट्टी (ईएल), 20 दिन की अर्धवेतन छुट्टी (हाफ पे लीव), 8 दिन की आकस्मिक छुट्टी (सीएल), और 2 दिन की प्रतिबंधित अवकाश (आरएच) लेने की अनुमति दी है। मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि ‘केंद्रीय सिविल सेवा (अवकाश) नियम, 1972’ के तहत कर्मचारी निजी कारणों (बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल) के लिए ये छुट्टियां ले सकते हैं। उन्होंने कहा, “केंद्र सरकार के कर्मचारियों को प्रति वर्ष 30 दिन की अर्जित छुट्टी, 20 दिन की अर्धवेतन छुट्टी, 8 दिन की आकस्मिक छुट्टी और 2 दिन की प्रतिबंधित अवकाश के साथ-साथ अन्य पात्र छुट्टियां दी जाती हैं, जिनका उपयोग वे किसी भी निजी कारण के लिए कर सकते हैं।” कोरबा में मूसलधार बारिश से हुंकरा नाला उफान पर, 12 गांवों का संपर्क पूरी तरह बाधित ‘केंद्रीय सिविल सेवा (अवकाश) नियम, 1972’ (1 जून 1972 से लागू हैं) में कर्मचारियों के लिए कई प्रकार की छुट्टियों का प्रावधान है। इनमें अर्जित छुट्टी, अर्धवेतन छुट्टी, मातृत्व अवकाश, पितृत्व अवकाश, गोद लेने की छुट्टी, कार्य-संबंधी बीमारी और चोट, नाविकों की छुट्टी, विभागीय छुट्टी और अध्ययन अवकाश शामिल हैं। कर्मचारियों का एक ‘लीव अकाउंट’ बनाया जाता है, जिसमें हर साल 1 जनवरी और 1 जुलाई को छुट्टियों का ब्योरा होता है। छुट्टियां लेने पर इस खाते से कटौती होती है। हालांकि, मातृत्व, पितृत्व और बाल देखभाल जैसी विशेष छुट्टियां खाते से नहीं काटी जातीं और जरूरत पड़ने पर दी जाती हैं। नियमों के अनुसार, कुछ छुट्टियों को अन्य छुट्टियों या अवकाशों के साथ जोड़ा जा सकता है। प्रत्येक कर्मचारी को हर महीने की सेवा के लिए 2.5 दिन की अर्जित छुट्टी दी जाती है। इसके अलावा, दो से कम बच्चों वाली महिला कर्मचारी (प्रशिक्षु सहित) को 180 दिन तक का मातृत्व अवकाश और पुरुष कर्मचारी को 15 दिन तक का पितृत्व अवकाश मिल सकता है।
कोरबा: शराब के नशे में डूबे 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत, जांच में जुटी पुलिस
कोरबा : कोरबा जिले के कटघोरा थाना अंतर्गत जटगा चौकी मोहल्ला हाथीदर में एक दुखद घटना घटी। भुवनेश्वर प्रसाद साहू नामक 60 वर्षीय व्यक्ति की पानी में डूबने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मृतक शराब का आदि था और बीती रात 10 बजे के आसपास अपने घर से निकला था। कोरबा में मूसलधार बारिश से हुंकरा नाला उफान पर, 12 गांवों का संपर्क पूरी तरह बाधित सुबह जब लोगों ने देखा कि वह घर से कुछ दूर रास्ते में एक छोटे से गड्डे में मुंह के बल पानी में डूबा हुआ पड़ा था, तो उन्होंने इसकी सूचना मृतक के घरवालों को दी। इसके बाद जटगा चौकी प्रभारी चंद्रपाल खांड़े और सुपेत सिंह मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए पोड़ी उपरोड़ा भेज दिया। पूर्व सरपंच के बेटे का मर्डर, हरेली की रात से था लापता पुलिस ने बताया कि मृतक के शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं थे, लेकिन शराब के नशे में होने के कारण वह पानी में डूब गया होगा। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
कोरबा में मूसलधार बारिश से हुंकरा नाला उफान पर, 12 गांवों का संपर्क पूरी तरह बाधित
कोरबा : जिले में गुरुवार रात से लगातार हो रही मूसलधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। शहर से लेकर सुदूर ग्रामीण अंचलों तक पानी ही पानी नजर आ रहा है। कई इलाकों में जलभराव और नदी-नालों में उफान की स्थिति बनी हुई है। कोरबा रेवेन्यू सबडिवीजन के अंतर्गत आने वाले कुदमुरा क्षेत्र में स्थिति और भी गंभीर हो गई है। ग्रामीण क्षेत्र में बहने वाला हुंकरा नाला शुक्रवार सुबह भारी बारिश के चलते ओवरफ्लो हो गया। बारिश के पानी की रफ्तार इतनी तेज रही कि नाला उफान पर आ गया और सडक़ों के ऊपर से बहने लगा। स्थानीय लोगों के अनुसार, नाले में पानी की ऊंचाई लगभग 5 फीट तक पहुंच गई है, जिससे आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है। हमारे संवाददाता के अनुसार हुंकरा नाला के ऊपर से तेज बहाव के कारण कुदमुरा और बरपाली से सटे करीब 12 गांवों का संपर्क पूरी तरह कट गया है। इन गांवों में आवागमन का एकमात्र रास्ता हुंकरा नाला पार करके ही संभव था, लेकिन नाले की भयावह स्थिति ने ग्रामीणों को घरों में कैद कर दिया है। प्रभावित गांवों में प्रमुख रूप से कुदमुरा, बरपाली, डोंडरा, जामपानी, खैरझिटी, कर्राबेड़ा, मुड़ापार, बम्हनी, बेलतरा, जरेली, कुम्हारी व गोविंदपुर का नाम सामने आया है। इन गांवों के लोग आवश्यक सामग्री के लिए भी बाहर नहीं निकल पा रहे हैं, जिससे संकट की स्थिति बनती जा रही है। गांवों में सावन और भादों के इस बारिश के मौसम को लेकर लोग बेहद चिंतित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अभी तो मौसम की शुरुआत है और नाले की यह स्थिति है, आगे क्या होगा यह सोचकर ही डर लग रहा है। यदि प्रशासन ने समय रहते वैकल्पिक मार्ग या पुल निर्माण की व्यवस्था नहीं की तो भविष्य में बड़ी जनहानि से इनकार नहीं किया जा सकता। प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजस्व विभाग और आपदा प्रबंधन की टीम को अलर्ट मोड में रखा गया है। फिलहाल, क्षेत्रीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जलस्तर के कम होने का इंतजार कर रहा है, ताकि आवश्यकतानुसार राहत और सहायता पहुंचाई जा सके। कुचैना मार्ग पर भी सडक़ बहा कुसमुंडा-कुचैना-दीपका मार्ग पर पुल के निकट भारी बारिश की वजह से सडक़ के काफी हिस्से के धंसने व बहने के कारण इस मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया है। मार्ग पर इस सडक़ की दशा पहले से ही दयनीय थी। रात भर हुई बारिश ने और भी हालात खराब कर दिए। अब लोगों विशेषकर चारपहिया वाहन चालकों को घूमकर जाना पड़ रहा है।
पूर्व सरपंच के बेटे का मर्डर, हरेली की रात से था लापता
जांजगीर: नैला उपथाना क्षेत्र के सिवनी गांव के पूर्व सरपंच के बेटे की लाश सड़क किनारे मिली है। हालत देखकर हत्या की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि सिर पर चोट के निशान है। मृतक का नाम अर्जुन चौहान है. घटना की सूचना के बाद नैला उपथाना कि, पुलिस मौके पर पहुंची है और FSL की टीम को सूचना दी गई है। हर तरफ चीख-पुकार… राजस्थान के झालावाड़ में स्कूल की इमारत गिरने से 6 बच्चों की मौत बता दें कि, युवक गुरूवार को घर से निकला था और आज उसकी लाश मिली है। पीएम रिपोर्ट से मौत के कारण का खुलासा हो सकेगा। जानकारी के अनुसार, लोगों ने सड़क किनारे लाश देखी, जिसके बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई। हरियाली तीज कब है? जानें व्रत की पूजा विधि, धार्मिक महत्व और उपाय इसके बाद नैला उपथाना की पुलिस मौके पर पहुंची तो पाया कि युवक के सिर पर चोट के निशान हैं, जिसे देखकर हत्या की आशंका जताई जा रही है। इधर, युवक कल हरेली त्योहार के दिन घर से निकला था और आज उसकी लाश मिली है। फिलहाल, मामले में पुलिस जांच कर रही है।
हर तरफ चीख-पुकार… राजस्थान के झालावाड़ में स्कूल की इमारत गिरने से 6 बच्चों की मौत
झालावाड़: राजस्थान के झालावाड़ जिले के मनोहरथाना इलाके के पिपलोदी गांव में सरकारी स्कूल की जर्जर बिल्डिंग गिरने से दर्दनाक हादसा में अब तक 6 बच्चों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. जबकि 27 बच्चे घायल बताए जा रहे हैं. जिनमें 2 बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है. हादसे के वक्त स्कूल में करीब 60 से 70 बच्चे मौजूद थे. जानकारी के अनुसार मलबे में दबे सभी बच्चों को बाहर निकाल लिया गया है. बता दें कि इमारत गिरते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई थी. स्थानीय ग्रामीणों, शिक्षकों और प्रशासन की मदद से रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया था. जेसीबी की मदद से मलबा हटाकर बच्चों को बाहर निकाला गया. घायलों को मनोहरथाना अस्पताल और झालावाड़ के एसआरजी अस्पताल रेफर किया गया है. प्रशासन और चिकित्सा विभाग ने अस्पतालों में विशेष इंतजाम किए हैं. पुलिस ने जिन बच्चों की मौत की पुष्टि की है उनमें शामिल हैं- प्रियंका पुत्री मांगीलाल भील, सतीश पुत्र बाबूलाल भील, हरीश पुत्र हरकचंद लोधा और पायल पुत्री लक्ष्मण भील. चारों के शव मनोहरथाना अस्पताल की मोर्चरी में रखवाए गए हैं. हरियाली तीज कब है? जानें व्रत की पूजा विधि, धार्मिक महत्व और उपाय झालावाड़ के पीपलोदी में विद्यालय की छत गिरने से हुआ दर्दनाक हादसा अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक है. घायल बच्चों के समुचित उपचार सुनिश्चित करने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है. ईश्वर दिवंगत दिव्य आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों को यह अपार दुःख सहन करने की शक्ति दें. ॐ शांति! भजनलाल शर्मा, राजस्थान मुख्यमंत्री सभी बच्चों को निकाला गया मलबे दबे सभी बच्चों को निकाल लिया गया है. घायल बच्चों को निकालकर मनोहर थाना अस्पताल पहुंचाया गया है.गंभीर घायल बच्चों को झालावाड़ के बड़े अस्पताल में रेफर किया जा रहा है. झालावाड़ के मनोहरथाना में एक सरकारी स्कूल की इमारत गिरने से कई बच्चों एवं शिक्षकों के हताहत होने की सूचना मिल रही है. मैं ईश्वर से कम से कम जनहानि एवं घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ देने की प्रार्थना करता हूं. अशोक गहलोत, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री कैसे हुआ हादसा ग्रामीणों ने बताया स्कूल की इमारात काफी पुरानी थी और काफी समय से जर्जर अवस्था में था. जिसके कारण ये हादसा हुआ. इमारत पुरानी होने के बाद भी इसकी मरम्मत नहीं की गई. वहीं शुक्रवार सुबह स्कूल की छत अचानक से ढह गई. हादसे के समय स्कूल में बच्चे मौजूद थे. दांगीपुरा थाना अधिकारी सहित पुलिस बल मौके पर मौजूद हैं. मनोहर थाना अस्पताल में कई सारे बच्चों को इलाज किया जा रहा है. बच्चों के परिजन भी अस्पताल में पहुंच रहे हैं KORBA: गले में चना फंसने से 2 साल के मासूम की मौत, परिजन सदमें में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी झालावाड़ जिले के मनोहरथाना ब्लॉक के पीपलोदी सरकारी स्कूल की छत गिरने की घटना पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने दुख जताया है. मंत्री ने जिला कलेक्टर से घटना की पूरी जानकारी ली और राहत-बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए. शिक्षा मंत्री ने कहा कि पीड़ित बच्चों और परिवारों को हरसंभव सहायता दी जाएगी. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि घटना की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. मंत्री ने कहा इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. शिक्षा विभाग बच्चों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है. राजस्थान में तीसरी ऐसी घटना इस साल फरवरी में बीकानेर में पानी की टंकी की छत गिरने से 3 बच्चों की मौत हो गई थी. बाड़मेर के चोहटन में एक स्कूल की दीवार गिरने से एक बच्चे की मौत हो गई. हाल ही में एनडीटीवी राजस्थान ने करौली के एक स्कूल से रिपोर्ट की थी. कैसे एक स्कूल की छत से पानी टपक रहा था और चारों तरफ पानी का रिसाव हो रहा था और बच्चे बाल्टियों से पढ़ाई कर रहे थे.
हरियाली तीज कब है? जानें व्रत की पूजा विधि, धार्मिक महत्व और उपाय
Hariyali Teej 2025: सनातन परंपरा में श्रावण मास के शुक्लपक्ष की तृतीया तिथि को पड़ने वाले हरियाली तीज त्योहार का बहुत ज्यादा धार्मिक महत्व माना गया है. नागपंचमी (Nag Panchami) से दो दिन पहले मनाए जाने वाले इस पर्व को मुख्य रूप से राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश आदि में मनाया जाता है. हरियाली तीज के दिन महिलाएं भगवान शिव (Lord Shiva) और माता पार्वती (Goddess Parvati) की पूजा करके सुख-सौभाग्य की कामना करती हैं. आइए अखंड सौभाग्य का प्रतीक माने जाने वाले इस पावन की तारीख, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और इससे जुड़ी मान्यताओं के बारे में विस्तार से जानते हैं. KORBA: गले में चना फंसने से 2 साल के मासूम की मौत, परिजन सदमें में कब है हरियाली तीज (Hariyali Teej 2025 Date) पंचांग के अनुसार इस साल श्रावण शुक्लपक्ष की तृतीया तिथि 26 जुलाई 2025 को रात्रि 10:41 बजे प्रारंभ होकर अगले दिन 27 जुलाई 2025 को रात्रि 10:41 बजे ही समाप्त होगी. ऐसे में उदया तिथि के अनुसार हरियाली तीज का पावन पर्व 27 जुलाई 2025, रविवार को मनाया जाएगा. इस दिन अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजे से लेकर 12:55 बजे तक रहेगा. जबकि रवि योग 27 जुलाई 2025 को सायंकाल 04:23 से प्रारंभ होकर 28 जुलाई को प्रात:काल 05:40 बजे तक रहेगा. क्यों मनाई जाती है हरियाली तीज पौराणिक मान्यता के अनुसार हरियाली तीज को भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन का पर्व माना जाता है. मान्यता है कि भगवान शिव को पाने के लिए माता पार्वती ने कठिन तप किया था. जिससे प्रसन्न होकर महादेव ने हरियाली तीज के पावन पर्व पर ही उन्हें अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया था. कुछ ऐसे ही कामना लिए विवाहित स्त्रियां सुखी दांपत्य जीवन और और कुंवारी कन्याएं मनचाहा जीवनसाथी पाने के लिए हरियाली तीज का व्रत (Hariyali Teej Vrat)रखती हैं. हरियाली तीज पूजा विधि हरियाली तीज पर भगवान शिव और माता पार्वती से मनचाहा आशीर्वाद पाने के लिए सूर्योदय से पहले उठें और स्नान-ध्यान करके तन-मन से पवित्र हो जाना चाहिए. इसके बाद इस इस व्रत को विधि-विधान से करने का संकल्प करें. हरियाली तीज की पूजा करते समय आपको बार-बार उठना न पड़े इसके लिए पूजा की सभी सामग्री को अपने करीब इकट्ठा करके रख लें. पूरे दिन व्रत रहने के बाद शाम के समय 16 श्रृंगार करके सबसे घर के ईशान कोण में एक चौकी पर पीले रंग का कपड़ा बिछाएं और उस पर शिव और पार्वती का चित्र अथवा मूर्ति स्थापित करें. मूल कैडर में भेजे गए धनखड़ के साथ काम करने वाले अधिकारी, बंद किया गया उपराष्ट्रपति सचिवालय इसके बाद भगवान श्री गणेश का ध्यान करें और अपनी पूजा और व्रत को सफल करने की कामना करें. इसके पश्चात् भगवान शिव और माता पार्वती की पुष्प, फल, मिष्ठान आदि से विधिपूर्वक पूजा करें. फिर तीज व्रत की कथा कहें या सुनें. पूजा के अंत में आरती अवश्य करें. हरियाली तीज पर सुख-सौभाग्य को पाने के लिए भगवान शिव और माता पार्वती के साथ घर के बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लेना बिल्कुल न भूलें. हरियाली तीज का उपाय हरियाली तीज पर भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा पाने के लिए उनकी पूजा और व्रत करने के साथ आप इस दिन दान के जरिए भी पुण्यफल प्राप्त कर सकती हैं. हिंदू मान्यता के अनुसार हरियाली तीज के दिन 16 श्रृंगार (16 shringar) से जुड़ी चीजों का दान करने पर शुभ फलों की प्राप्ति होती है और व्रत करने वाली स्त्री के जीवन में सुख-सौभाग्य हमेशा बना रहता है. यदि आप पूरी सामग्री दान न कर पाएं तो अपने सामर्थ्य के अनुसार सुहागिन महिला को चूड़ी, बिंदी, मेहंदी आदि दान कर सकती हैं। इसके अलावा इस दिन अन्न और धन दान का भी महत्व माना गया है.
KORBA: गले में चना फंसने से 2 साल के मासूम की मौत, परिजन सदमें में
कोरबा : छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां गले में चना फंसने से एक दो वर्षीय मासूम की मौत हो गई। यह हादसा गुरुवार सुबह उस वक्त हुआ जब बच्चा घर में खेलते हुए गलती से चना निगल गया। मामले को लेकर जहां परिजन अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं, वहीं डॉक्टरों का कहना है कि बच्चा जब अस्पताल लाया गया, उसकी स्थिति पहले से ही बेहद नाजुक थी और मौत इंटरनल ब्लीडिंग के कारण हुई। मूल कैडर में भेजे गए धनखड़ के साथ काम करने वाले अधिकारी, बंद किया गया उपराष्ट्रपति सचिवालय घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। मृतक मासूम का नाम दिव्यांश कुमार है, जो मध्यप्रदेश के राजगढ़, ब्यावरा निवासी छोटू कुमार का बेटा था। छोटू अपने भाई के साथ कोरबा में पानी पुरी बेचने का काम करता है और अपने परिवार के साथ अस्थायी रूप से यहीं पर रह रहा था। गुरुवार सुबह लगभग 8 बजे दिव्यांश आंगन में खेल रहा था और अचानक घर के भीतर चला गया। वहां रखे चना खाने के दौरान वह चना उसके गले में फंस गया, जिससे उसे सांस लेने में तकलीफ होने लगी और वह रोने लगा। CG Transfer : वन विभाग में बड़े पैमाने पर तबादला, देखें लिस्ट… घबराए परिजनों ने तुरंत दिव्यांश को मेडिकल कॉलेज अस्पताल कोरबा पहुंचाया। बच्चा उसके चाचा गोलू बंसल की देखरेख में अस्पताल लाया गया। गोलू का आरोप है कि अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों ने उपचार में देरी की। जब उन्होंने बच्चे की हालत पूछी, तो उन्हें बार-बार यह कहकर टाल दिया गया कि “बड़े डॉक्टर आकर देखेंगे।” उनका यह भी आरोप है कि समय पर इलाज मिल जाता तो दिव्यांश की जान बचाई जा सकती थी। मामले में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. हरबंश ने अपनी सफाई देते हुए कहा कि बच्चा जब अस्पताल लाया गया, उसी वक्त उसकी स्थिति गंभीर थी। डॉक्टरों की टीम ने तत्काल प्राथमिक उपचार शुरू कर दिया था, लेकिन समस्या यह थी कि चना गले से फेफड़ों तक पहुंच गया था, जिससे अंदरूनी रक्तस्राव (इंटरनल ब्लीडिंग) शुरू हो गया था। Aaj Ka Rashifal 25 July 2025: सावन के इस शुक्रवार को इन 3 राशियों को होगा धन लाभ, घर-परिवार में आएगी खुशहाली, पढ़ें दैनिक राशिफल उन्होंने लापरवाही के सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया और कहा कि डॉक्टरों ने हरसंभव प्रयास किया, लेकिन बच्चे को बचाया नहीं जा सका। बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है, जिसे वे अपने गृह ग्राम मध्यप्रदेश लेकर रवाना हो गए। इस पूरे मामले को लेकर अब तक सिविल लाइन थाने में कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है, हालांकि परिजनों के बयान और घटनाक्रम को देखते हुए पुलिस द्वारा भी स्थिति की समीक्षा की जा सकती है। यह घटना न सिर्फ एक मासूम की दुखद मौत की कहानी है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि नन्हें बच्चों की देखरेख में थोड़ी सी चूक कितनी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है। साथ ही यह मामला स्वास्थ्य सेवाओं की तत्परता और अस्पताल प्रबंधन की जिम्मेदारी पर भी कई सवाल खड़े करता है।
मूल कैडर में भेजे गए धनखड़ के साथ काम करने वाले अधिकारी, बंद किया गया उपराष्ट्रपति सचिवालय
नई दिल्ली : पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के तीन दिन बाद, उनके सचिवालय को बंद कर दिया गया और उनके साथ काम करने वाले कई सरकारी अधिकारियों को उनके मूल कैडर में वापस भेज दिया गया। हिंदुस्तान टाइम्स को दो अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि उपराष्ट्रपति भवन के किसी भी कमरे को सील नहीं किया गया है। नवनिर्मित उपराष्ट्रपति भवन में सचिवालय के लिए एक अलग विंग है, जहां से एक-एक करके अधिकारी चले गए और इसे बंद कर दिया गया है। उपराष्ट्रपति एन्क्लेव में अब केवल कुछ ही सरकारी अधिकारी मौजूद हैं और वे भी अपने मूल कैडर में लौटने के आदेश का इंतजार कर रहे हैं। एक अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया कि, “यहां अब मुश्किल से कुछ ही अधिकारी हैं, बाकी सभी जा चुके हैं। सचिवालय के अलग बने विंग को एक-एक करके खाली किया गया और अब वह लॉक कर दिया गया है। चाबियां दो अवर सचिवों को सौंप दी गई हैं।” छत्तीसगढ़ में बेलगाम अपराध: एक और हत्या से दहशत, बोरी में लाश मिलने से दहला शहर यह सामान्य प्रक्रिया है… धनखड़ के सचिव, विशेष कार्याधिकारी और प्रमुख निजी सचिव- तीनों आईएएस अधिकारी थे। उन्होंने भी अपना कार्यभार छोड़ दिया है। एक सरकारी सूत्र ने बताया, “यह सामान्य प्रक्रिया है, क्योंकि इन अधिकारियों की नियुक्ति उपराष्ट्रपति के कार्यकाल से जुड़ी होती है। आमतौर पर इन्हें 15 दिन का समय दिया जाता है ताकि वे अपना काम समेट सकें और अपने कैडर में वापस लौट सकें। कुछ अधिकारी अभी भी वहां मौजूद हैं, लेकिन वे भी जल्द ही चले जाएंगे।” 74 वर्षीय धनखड़ ने सोमवार शाम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपना इस्तीफा सौंपते हुए स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया था। उन्होंने लिखा था, “स्वास्थ्य देखभाल को प्राथमिकता देने और चिकित्सकीय सलाह का पालन करने के लिए, मैं संविधान के अनुच्छेद 67(क) के अनुसार तत्काल प्रभाव से भारत के उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देता हूं।” धनखड़ ने 11 अगस्त 2022 को उप-राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी और वे एम. वेंकैया नायडू के उत्तराधिकारी बने थे। इस्तीफे के बाद ही उन्होंने पैकिंग शुरू धनखड़ को अब एक टाइप VIII बंगला (या समकक्ष आवास) और पांच निजी स्टाफ की सुविधा मिलेगी, जिनका वेतन सरकारी खजाने से दिया जाएगा। धनखड़ नवनिर्मित उपराष्ट्रपति भवन के पहले निवासी थे। अब उनको अपना सामान समेटने और भवन खाली करने के लिए एक महीने का समय दिया गया है। हालांकि इस्तीफे के बाद ही उन्होंने पैकिंग शुरू कर दी है। हालांकि अधिकारियों का अपने मूल कैडर में लौटना एक नियमित प्रक्रिया है, लेकिन जिस तेजी से सचिवालय बंद किया गया और अधिकारियों ने एन्क्लेव छोड़ा, उसने इन अटकलों को और बल दिया है कि धनखड़ और सरकार के बीच रिश्ते तनावपूर्ण होते जा रहे थे। रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में राज्यसभा में विपक्ष द्वारा लाए गए न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के महाभियोग प्रस्ताव को स्वीकार करने को लेकर सरकार और उपराष्ट्रपति के बीच मतभेद उभर कर आए थे। सरकार इस मुद्दे को लोकसभा में लाना चाहती थी, लेकिन धनखड़ ने इसे राज्यसभा में स्वीकार कर लिया। Aaj Ka Rashifal 25 July 2025: सावन के इस शुक्रवार को इन 3 राशियों को होगा धन लाभ, घर-परिवार में आएगी खुशहाली, पढ़ें दैनिक राशिफल इस्तीफे के बाद कहां हैं जगदीप धनखड़, किसी से नहीं मिल रहे; खरगे भी लाइन में तीन वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, इस्तीफे के बाद से धनखड़ ने उन राजनीतिक नेताओं से भी मुलाकात नहीं की है जो उनसे मिलने की कोशिश कर रहे थे। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, शरद पवार, और आम आदमी पार्टी के कुछ नेता उनसे मिलने के इच्छुक थे, लेकिन उन्हें कोई समय नहीं दिया गया। धनखड़ की अचानक विदाई ने न केवल राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है, बल्कि उप-राष्ट्रपति सचिवालय और एन्क्लेव में हुई तेज प्रशासनिक गतिविधियों ने भी इस घटनाक्रम को रहस्यमय बना दिया है।
छत्तीसगढ़ में बेलगाम अपराध: एक और हत्या से दहशत, बोरी में लाश मिलने से दहला शहर
रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में इन दिनों आपराधिक घटनाओं में लगातार इज़ाफा देखने को मिल रहा है। एक के बाद एक सनसनीखेज वारदातें हो रही हैं। ताजा मामला राखी थाना क्षेत्र का है, जहां पानी में तैरती एक बोरी से युवक की लाश मिली मिली है, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच में जुट गई है। Aaj Ka Rashifal 25 July 2025: सावन के इस शुक्रवार को इन 3 राशियों को होगा धन लाभ, घर-परिवार में आएगी खुशहाली, पढ़ें दैनिक राशिफल यह घटना राखी थाना क्षेत्र के ग्राम बेंद्री की है। जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को गांव के पास स्थित एक पत्थर खदान के गड्ढे में पानी के ऊपर एक बोरी तैरती दिखाई दी। बोरी से बदबू आने पर ग्रामीणों को शक हुआ और उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दी। अभनपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पानी से बोरी को बाहर निकाला गया। Thailand Cambodia Conflict: कंबोडिया के हमले में बैंकॉक गैस स्टेशन तबाह, थाईलैंड ने भी की जवाबी एयरस्ट्राइक; 9 की मौत जब बोरी को खोला गया तो अंदर से एक युवक की लाश मिली, जो सड़ी-गली हालत में थी। शव कुछ दिन पुराना बताया जा रहा है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मृतक की शिनाख्त की कोशिश की जा रही है। वहीं प्रथम दृष्टया मामला युवक की हत्या कर उसकी लाश को बोरी में भरकर पानी में फेंकने का लग रहा है। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले में हर एंगल से जांच कर रही है।
















