तखतपुर में पुरानी रंजिश का खूनी अंत: युवक का अपहरण कर बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या

  तखतपुर। क्षेत्र में पुरानी रंजिश ने एक 20 वर्षीय युवक की जान ले ली। आरोप है कि पाँच युवकों ने साजिशन युवक का अपहरण कर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतक की पहचान रामकुमार धुरी (20 वर्ष), पिता बेनीराम धुरी, निवासी वार्ड क्रमांक 13, बरेला के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, रामकुमार का कुछ युवकों से लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते 26 दिसंबर की शाम करीब 6 बजे, पंजाब नेशनल बैंक के पास से आरोपियों ने उसे जबरन कार में बैठाकर अगवा कर लिया। परिजनों का आरोप है कि आरोपियों ने कार में ही नहीं, बल्कि अन्य स्थानों पर ले जाकर भी रामकुमार के साथ बेरहमी से मारपीट की। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उसे उसके घर के पास छोड़कर सभी आरोपी फरार हो गए। घटना के बाद परिजन उसे तत्काल अस्पताल ले जाने के लिए रवाना हुए, लेकिन अस्पताल पहुँचने से पहले ही रास्ते में रामकुमार की मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि मृतक की पीठ और शरीर पर पिटाई के स्पष्ट निशान मौजूद थे, जिससे मारपीट की पुष्टि होती है। इस मामले में तखतपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर सुनील हंसराज ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला सामान्य मृत्यु का नहीं, बल्कि गंभीर पिटाई के कारण हुई हत्या का प्रतीत होता है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की तलाश के लिए टीमें गठित की गई हैं। वहीं, इस निर्मम हत्या से क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।  

नए साल से पहले रेलवे का झटका

✍️ भागीरथी यादव   आज से ट्रेन किराए में बढ़ोतरी, लंबी दूरी के यात्रियों पर पड़ेगा सीधा असर   नई दिल्ली/बिलासपुर। नए साल की शुरुआत से पहले ही भारतीय रेलवे ने यात्रियों को महंगाई का झटका दे दिया है। रेलवे ने 26 दिसंबर 2025 से ट्रेनों के किराए में बढ़ोतरी करते हुए संशोधित किराया लागू कर दिया है। यह बढ़ोतरी लंबी दूरी की मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में नॉन-एसी और एसी दोनों श्रेणियों पर लागू होगी। रेलवे के अनुसार, किराया ढांचे को युक्तिसंगत बनाने के उद्देश्य से प्रति किलोमीटर 1 से 2 पैसे की सीमित वृद्धि की गई है। हालांकि यह बढ़ोतरी मामूली बताई जा रही है, लेकिन लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों की जेब पर इसका सीधा असर पड़ेगा। बिलासपुर–दिल्ली सफर हुआ महंगा अब बिलासपुर से दिल्ली जैसे लंबे रूट पर सफर करने वाले यात्रियों को स्लीपर कोच में लगभग 26 रुपए जनरल कोच में करीब 13 रुपए अतिरिक्त चुकाने होंगे। बिलासपुर से दिल्ली के बीच प्रतिदिन और साप्ताहिक मिलाकर 9 से 10 सीधी ट्रेनें चलती हैं, जिनमें राजधानी, संपर्क क्रांति, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, उत्कल एक्सप्रेस, हीराकुंड एक्सप्रेस और हमसफर एक्सप्रेस प्रमुख हैं। इन ट्रेनों से रोजाना 5 से 7 हजार यात्री सफर करते हैं। ऐसे में किराए में बढ़ोतरी का असर बड़ी संख्या में यात्रियों पर पड़ेगा। किन शुल्कों में नहीं हुआ बदलाव रेलवे ने स्पष्ट किया है कि आरक्षण शुल्क सुपरफास्ट अधिभार अन्य सहायक शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसके अलावा जीएसटी और किराया पूर्णांकन के नियम भी पहले जैसे ही रहेंगे। पहले से बुक टिकट सुरक्षित रेलवे ने राहत देते हुए कहा है कि नया किराया केवल 26 दिसंबर 2025 या उसके बाद बुक किए गए टिकटों पर ही लागू होगा। पहले से बुक किए गए टिकटों पर, चाहे यात्रा की तारीख आगे की ही क्यों न हो, कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। स्टेशनों पर प्रदर्शित किराया सूची को नए दरों के अनुसार अपडेट किया जा रहा है। स्लीपर कोच का संशोधित किराया (दूरी के अनुसार) 0 से 215 किमी – कोई वृद्धि नहीं 216 से 750 किमी – 5 रुपए 751 से 1250 किमी – 10 रुपए 1251 से 1750 किमी – 15 रुपए 1751 से 2250 किमी – 20 रुपए यात्रियों की प्रतिक्रिया यात्रियों का कहना है कि भले ही बढ़ोतरी कम हो, लेकिन पहले से बढ़ती महंगाई के बीच यह बोझ और बढ़ाएगी। खासकर रोजाना लंबी दूरी का सफर करने वाले यात्रियों पर इसका ज्यादा असर देखने को मिलेगा।  

झाड़-फूंक के नाम पर हैवानियत

  दुर्ग में नाबालिग से दुष्कर्म, खुद को ‘बड़ा बैगा’ बताने वाला आरोपी गिरफ्तार दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से अंधविश्वास और ढोंग की आड़ में किए गए जघन्य अपराध का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक कथित बैगा ने झाड़-फूंक के बहाने नाबालिग लड़की को घर से दूर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामला नंदिनी नगर थाना क्षेत्र का है। पीड़िता की तबीयत खराब होने पर उसकी मां ने इलाज की आस में बेमेतरा जिले के ग्राम परसबोड़ निवासी परमेश्वर बघेल उर्फ बाडू बैगा (25 वर्ष) को घर बुलाया था, जो खुद को बड़ा बैगा बताकर बीमारियां ठीक करने का दावा करता था। बीमारी का बहाना, नींबू फेंकने के नाम पर ले गया नर्सरी 22 दिसंबर को आरोपी घर पहुंचा और नाबालिग को देखकर उस पर “बाहरी हवा का साया” होने की बात कही। झाड़-फूंक का नाटक करने के बाद उसने नींबू फेंकने का बहाना बनाया और बच्ची को अपने साथ घर से कुछ दूरी पर स्थित एक नर्सरी में ले गया। वहीं आरोपी ने पीड़िता को डरा-धमकाकर उसके साथ दुष्कर्म किया और किसी को घटना बताने पर जान से मारने की धमकी दी। डर से दो दिन चुप रही नाबालिग धमकी और भय के चलते नाबालिग दो दिनों तक खामोश रही। आखिरकार उसने हिम्मत जुटाकर पूरी आपबीती अपनी मां को बताई। इसके बाद 24 दिसंबर को पीड़िता की मां नंदिनी नगर थाना पहुंची और मामले की शिकायत दर्ज कराई। आरोपी ने कबूला जुर्म, भेजा गया जेल शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी परमेश्वर बघेल को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने गुरुवार 25 दिसंबर को आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। अंधविश्वास बना अपराध की वजह पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी इलाके में खुद को “बड़ा बैगा” बताकर लोगों को भ्रमित करता था। अंधविश्वास के चलते लोग उसकी बातों में आ जाते थे, जिसका फायदा उठाकर उसने इस गंभीर अपराध को अंजाम दिया। पुलिस की अपील पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बीमारी के इलाज में झाड़-फूंक और ढोंगी बाबाओं के चक्कर में न पड़ें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या ऐसे लोगों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

छत्तीसगढ़ में ड्रग नेटवर्क पर बड़ा प्रहार

  दुर्ग–नागपुर–उड़ीसा रूट बना तस्करी का हॉटस्पॉट, पुलिस की सख्त कार्रवाई दुर्ग। छत्तीसगढ़ में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम में दुर्ग पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जिले के एसपी विजय अग्रवाल ने बताया कि पिछले एक वर्ष में दुर्ग पुलिस ने करीब 300 एनडीपीएस प्रकरण दर्ज कर 300 ग्राम हेरोइन जब्त की है। उड़ीसा से छत्तीसगढ़ तक गांजा अलग-अलग रूटों से पहुंच रहा था, जिसे रोकने के लिए हर संभावित मार्ग पर बैरिकेडिंग और सघन वाहन जांच की जा रही है। एसपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस की नजर अंतरराज्यीय ड्रग गिरोहों पर लगातार बनी हुई है और आने वाले समय में इस नेटवर्क से जुड़े बड़े तस्कर जेल की सलाखों के पीछे होंगे। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ में एनडीपीएस कानून को सख्ती से लागू करने का उदाहरण मानी जा रही है। गांजा-अफीम के बाद अब सिंथेटिक ड्रग्स का जाल छत्तीसगढ़ पुलिस के अनुसार, गांजा और अफीम की तस्करी करने वाले गिरोह अब एमडीएमए और मेफेड्रॉन जैसे सिंथेटिक ड्रग्स के कारोबार में भी सक्रिय हो गए हैं। फॉरेंसिक विशेषज्ञों का कहना है कि एमडीएमए जैसे ड्रग्स को सामान्य केमिकल्स से केवल 4 घंटे में तैयार किया जा सकता है। महज 12 हजार रुपये के केमिकल से ऐसी ड्रग्स बनती हैं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 2 करोड़ रुपये तक पहुंच जाती है। नागपुर–छत्तीसगढ़ के बीच ‘बार्टर सिस्टम’ पुलिस जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। नागपुर और छत्तीसगढ़ के तस्करों के बीच एक तरह का ‘बार्टर सिस्टम’ चल रहा है। नागपुर से एमडीएमए उड़ीसा से गांजा इस नेटवर्क के तहत ड्रग्स की अदला-बदली की जा रही थी। अक्टूबर 2025 में दुर्ग पुलिस ने एक ट्रक से 388 किलो गांजा जब्त किया था। इस मामले में नागपुर के ईप्पा और ढम गैंग से जुड़े कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। ऑपरेशन ‘निश्चल’ और ‘निश्चय’ में बड़ी कामयाबी छत्तीसगढ़ पुलिस के एंटी ड्रग्स ऑपरेशन ‘निश्चल’ के तहत नागपुर से छत्तीसगढ़ लाई जा रही एमडीएमए ड्रग्स की खेप पर बड़ा वार किया गया। रायपुर से शुभम राजू धावड़े नामक तस्कर को गिरफ्तार कर साढ़े तीन लाख रुपये मूल्य की एमडीएमए जब्त की गई। आरोपी रायपुर में ड्रग डिलीवरी देने आया था, लेकिन पुलिस ने समय रहते उसे दबोच लिया। वहीं, रायपुर में ऑपरेशन ‘निश्चय’ के तहत बीते कुछ महीनों में 80 से अधिक ड्रग तस्करों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस का कहना है कि ज्यादातर ड्रग्स महाराष्ट्र से छत्तीसगढ़ लाई जा रही थीं। महाराष्ट्र में ड्रग फैक्ट्रियों पर भी शिकंजा नागपुर, वर्धा, सांगली और सातारा जैसे शहरों में पुलिस और डीआरआई ने कई अवैध ड्रग कारखानों का भंडाफोड़ किया है। दिसंबर 2025 में वर्धा से 128 किलो मेफेड्रॉन जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 192 करोड़ रुपये आंकी गई।

“आई लव यू” कहना और हाथ पकड़ना भी अपराध, हाईकोर्ट का सख्त संदेश

✍️ भागीरथी यादव   महिला की मर्यादा भंग करने का मामला, पॉक्सो से बरी लेकिन IPC 354 में दोष बरकरार रायपुर/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा को लेकर एक अहम फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि “आई लव यू” कहना, किसी लड़की का हाथ पकड़ना और जबरन अपनी ओर खींचना महिला की मर्यादा भंग करने की श्रेणी में आता है और यह दंडनीय अपराध है। हालांकि, पीड़िता की उम्र नाबालिग साबित नहीं हो पाने के कारण कोर्ट ने आरोपी को पॉक्सो एक्ट से बरी कर दिया, लेकिन आईपीसी की धारा 354 के तहत दोष को बरकरार रखते हुए सजा को 3 साल से घटाकर 1 साल कर दिया। हाईकोर्ट का स्पष्ट रुख जस्टिस एन.के. चंद्रवंशी की सिंगल बेंच ने कहा कि महिलाओं की मर्यादा का अर्थ केवल शारीरिक नहीं, बल्कि उनकी गरिमा और यौन शालीनता (Sexual Decency) से जुड़ा है। ऐसी हरकतें समाज में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा करती हैं और इन्हें हल्के में नहीं लिया जा सकता। क्या है पूरा मामला घटना 28 नवंबर 2019 की है। रायगढ़ जिले के भूपदेवपुर थाना क्षेत्र में रहने वाली एक छात्रा स्कूल से घर लौट रही थी। इसी दौरान 19 वर्षीय रोहित चौहान ने उसका हाथ पकड़कर “आई लव यू” कहा और उसे जबरन अपनी ओर खींचने लगा। विरोध करने पर आरोपी ने गाली-गलौज की। पीड़िता की छोटी बहन और एक सहेली ने बीच-बचाव किया, जिसके बाद वे डर के कारण छिप गईं। घर पहुंचकर पीड़िता ने मां को घटना बताई और पिता के साथ थाने जाकर शिकायत दर्ज कराई। फास्ट ट्रैक कोर्ट का फैसला रायगढ़ की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 20 मई 2022 को आरोपी को IPC धारा 354 पॉक्सो एक्ट की धारा 8 के तहत दोषी मानते हुए 3-3 साल की सजा और एक-एक हजार रुपए जुर्माना लगाया था। हाईकोर्ट में क्यों बदला फैसला अपील के दौरान आरोपी की ओर से तर्क दिया गया कि पीड़िता की उम्र का कोई ठोस प्रमाण नहीं है। स्कूल रिकॉर्ड में जन्मतिथि 15 जून 2005 दर्ज पिता ने गवाही में जन्म वर्ष 2003 बताया न तो जन्म प्रमाणपत्र और न ही आधार कार्ड पेश किया गया कोर्ट ने माना कि उम्र संदेह से परे साबित नहीं हुई, इसलिए पॉक्सो एक्ट लागू नहीं हो सकता। अंतिम आदेश पॉक्सो एक्ट की धारा 8 निरस्त IPC धारा 354 में दोष सिद्ध सजा 3 साल से घटाकर 1 साल आरोपी फिलहाल जमानत पर, शेष सजा काटने के लिए सरेंडर करने का निर्देश महत्वपूर्ण संदेश यह फैसला समाज को स्पष्ट संदेश देता है कि महिलाओं के साथ किसी भी प्रकार की जबरदस्ती, अश्लील या अमर्यादित हरकत कानूनन अपराध है, भले ही उसे हल्के शब्दों या “प्रेम प्रस्ताव” का नाम दिया जाए।

सेवा, सुशासन और राष्ट्रनिष्ठा के प्रतीक थे अटल बिहारी वाजपेई — डॉ. पवन सिंह

  सुशील जायसवाल सिरमिना में सेवा सुशासन दिवस पर उमड़ा जनउत्साह कोरबी (सिरमिना)। भारत रत्न, भूतपूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की जयंती को सेवा सुशासन दिवस के रूप में पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड अंतर्गत दूरस्थ सीमा क्षेत्र ग्राम पंचायत सिरमिना में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। 25 दिसंबर को आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह रहे। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, पार्टी कार्यकर्ता और ग्रामवासी उपस्थित रहे, जिनके चेहरों पर उल्लास और गौरव स्पष्ट झलक रहा था। मुख्य अतिथि डॉ. पवन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि “अटल बिहारी वाजपेई केवल एक राजनेता नहीं थे, बल्कि वे सुशासन, राष्ट्रनिष्ठा और संवेदनशील राजनीति की जीवंत मिसाल थे। सत्ता में हों या विपक्ष में, मर्यादा, संवाद और राष्ट्रहित उनके सार्वजनिक जीवन की पहचान रही।” उन्होंने आगे कहा कि अटल जी का सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत का सपना आज ‘विकसित भारत’ के संकल्प के रूप में साकार होता दिख रहा है। उनके दूरदर्शी नेतृत्व ने 21वीं सदी के नए भारत की मजबूत नींव रखी। विचार, वाणी और व्यवहार — तीनों में “राष्ट्र प्रथम” की भावना आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है। इस अवसर पर ग्राम पंचायत चौक में निर्माणाधीन अटल स्मारक में डॉ. पवन सिंह ने अटल बिहारी वाजपेई के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। वहीं भारतीय जनता पार्टी सिरमिना मंडल के कार्यकर्ताओं द्वारा ग्राम पंचायत छिंदिया, पाली, कोरबी सहित विभिन्न बूथों पर भी अटल जी के तैलचित्र पर श्रीफल, माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से विवेक मारकंडे (जिला मंत्री), मंडल अध्यक्ष सोहन सिंह कोराम, पूर्व मंडल अध्यक्ष विष्णु यादव, रवि मरकाम, प्रहलाद सिंह, राकेश जायसवाल, दुबे, अशोक रजक, हीरा प्रताप सिंह, श्रीकुमार, मुरली गुप्ता सहित अनेक बूथ अध्यक्ष, पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन अटल जी के विचारों को आत्मसात करने और सेवा व सुशासन के मार्ग पर चलने के संकल्प के साथ किया गया।

बिलासपुर: आधी रात सड़क पर हाईवोल्टेज ड्रामा, युवती ने युवक को जड़े थप्पड़, आत्महत्या की धमकी से मचा हड़कंप

  बिलासपुर। शहर में देर रात एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जहां बीच सड़क पर युवक–युवती का हाईवोल्टेज ड्रामा करीब एक घंटे तक चलता रहा। मामला कोनी थाना क्षेत्र का है, जहां एक युवती सड़क पर हंगामा करते हुए युवक को लगातार थप्पड़ मारती रही और वाहनों के सामने कूदकर जान देने की धमकी देती रही। पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।   प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आधी रात युवक और युवती के बीच अचानक विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते सड़क पर तमाशे में बदल गया। युवती गुस्से में आकर कभी युवक पर हाथ उठाती तो कभी दौड़ती हुई वाहनों के सामने जाकर आत्महत्या की धमकी देने लगती। इस दौरान युवक लगातार उसे समझाने और मनाने की कोशिश करता नजर आया। 🚨 शराब के नशे में थे दोनों जानकारी के अनुसार, युवक तालापारा का निवासी है, जबकि युवती भी उसी मोहल्ले में रहती है। चौंकाने वाली बात यह है कि दोनों शादीशुदा हैं और उनके बच्चे भी हैं। बताया जा रहा है कि तीन दिन पहले युवती अपने एक परिचित की महिला के साथ कोनी रोड गई थी, जहां युवक भी मौजूद था। उस समय युवक शराब के नशे में था और युवती भी नशे की हालत में बताई जा रही है। ❗ छेड़छाड़ का शक, फिर खुली सच्चाई जब राहगीरों ने युवती को इस तरह सड़क पर हंगामा करते और युवक को थप्पड़ मारते देखा, तो उन्हें लगा कि युवक युवती से छेड़छाड़ कर रहा है। इसी संदेह के चलते कुछ युवकों ने पुलिस को सूचना दी। हालांकि, बाद में सामने आया कि दोनों आपसी विवाद में ड्रामा कर रहे थे। 🎥 थप्पड़ मारने का वीडियो वायरल घटना के दौरान मौजूद लोगों ने युवती द्वारा युवक को थप्पड़ मारने का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि युवती युवक पर हाथ उठाती है और दोनों सड़क पर हंगामा करते हैं।  

गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का जोरदार प्रदर्शन

✍️ भागीरथी यादव   PESA कानून, किसानों के अधिकार और वनभूमि मुद्दों को लेकर कलेक्टर कार्यालय के समीप धरना एमसीबी/मनेन्द्रगढ़। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (गो.ग.पा.) द्वारा आदिवासी अधिकारों, किसानों की समस्याओं और वनभूमि से जुड़े मुद्दों को लेकर जिला मुख्यालय मनेन्द्रगढ़ में कलेक्टर कार्यालय के समीप विशाल धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और आदिवासी समाज के लोग शामिल हुए। इससे पूर्व 24 दिसंबर 1996 को पूर्व मध्यप्रदेश (वर्तमान छत्तीसगढ़) के जगदलपुर स्थित बुरुमपाल गांव में तत्कालीन कलेक्टर डॉ. ब्रह्मदेव द्वारा बनाए गए आदिवासियों के अधिकारों को सुरक्षित करने वाले पेसा (PESA) कानून की स्मृति में गोंडवाना संस्कृति मैदान, ग्राम भलोर में गोंडवाना पंचायत सभा का आयोजन किया गया। सभा में वक्ताओं ने पेसा कानून के सभी महत्वपूर्ण प्रावधानों को विस्तार से समझाते हुए बताया कि इसी कानून के कारण आज आदिवासी समाज के लोग पंच, सरपंच, जनपद, जिला सदस्य से लेकर अध्यक्ष पद तक पहुंच सके हैं। सभा में आदिवासी समाज को अपनी भूमि, जंगल और संसाधनों पर अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया तथा कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे विषयों पर भी ध्यान आकृष्ट कराया गया। कार्यक्रम के उपरांत पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने पदयात्रा करते हुए कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया और शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया। धरना-प्रदर्शन के दौरान 23 प्रमुख मांगों को लेकर महामहिम राष्ट्रपति एवं महामहिम राज्यपाल के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में प्रमुख रूप से धान खरीदी में किसानों का रकबा शून्य किया जाना, आधे से कम धान खरीदी, किसानों से पल्लेदारी कराना, चिरमिरी–साजा पहाड़ मार्ग में लगातार अनियमितताएं, भूमि अधिग्रहण के बदले मुआवजा न देना, अदाणी कोल कंपनी (परसा केते) परियोजना के तहत खड़गवां ब्लॉक की 16 पंचायतों में वर्षों से बसे गरीब आदिवासी किसानों के मकानों को तोड़कर वृक्षारोपण कराए जाने, वनाधिकार पट्टों में अनियमित वितरण, बैगा जनजाति की भूमि पर अवैध कब्जा और जिला चिकित्सालय में हृदय रोग विशेषज्ञ, आईसीयू, ब्लड बैंक एवं अन्य आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं की कमी जैसे मुद्दे शामिल रहे। प्रदर्शन में राष्ट्रीय महासचिव श्याम सिंह मरकाम, राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. एल.एस. उदय, प्रदेश अध्यक्ष संजय कमरों, पूर्व युवा मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष दीपक मरावी, जिला अध्यक्ष केबल सिंह मरकाम, जिला महासचिव शेख इस्माइल सहित विभिन्न मोर्चों के पदाधिकारी और हजारों कार्यकर्ता मौजूद रहे। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि आदिवासियों और किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। शांतिपूर्ण लेकिन दृढ़ प्रदर्शन के माध्यम से पार्टी ने शासन-प्रशासन के समक्ष अपनी मांगों को मजबूती से रखा।

अटल जी के नाम पर आयोजन या प्रशासनिक औपचारिकता

✍️ भागीरथी यादव   मनेन्द्रगढ़ में अटल परिसर लोकार्पण बना विवाद की वजह, उपाध्यक्ष ने CMO पर लगाए गंभीर आरोप एमसीबी/मनेन्द्रगढ़। भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के नाम से जुड़े अटल परिसर के वर्चुअल लोकार्पण कार्यक्रम को लेकर मनेन्द्रगढ़ नगर पालिका प्रशासन विवादों में घिर गया है। कार्यक्रम में नगर पालिका उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र पटवा की गैरमौजूदगी और अव्यवस्थित आयोजन ने प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र पटवा ने सीधे तौर पर मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) पर मनमानी, लापरवाही और पारदर्शिता के अभाव के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अटल जी जैसे युगद्रष्टा नेता के नाम पर आयोजित कार्यक्रम में जिस गरिमा, गंभीरता और समन्वय की अपेक्षा थी, वह पूरी तरह नदारद रही। पटवा का आरोप है कि लोकार्पण कार्यक्रम का न तो समुचित प्रचार-प्रसार किया गया और न ही नगर के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों, पार्षदों, पत्रकारों और आम नागरिकों को समय रहते सूचना दी गई। यहां तक कि वर्चुअल कार्यक्रम से जुड़ने के लिए आवश्यक लिंक अथवा कोड भी कई जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों को उपलब्ध नहीं कराए गए, जिससे वे चाहकर भी कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। उन्होंने इसे प्रशासनिक लापरवाही करार देते हुए कहा कि इस अव्यवस्था से न केवल जनप्रतिनिधियों का अपमान हुआ है, बल्कि अटल बिहारी वाजपेयी जैसे महान व्यक्तित्व के नाम से जुड़े आयोजन की गरिमा को भी ठेस पहुंची है। उपाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि अटल परिसर का लोकार्पण कोई सामान्य औपचारिकता नहीं था, बल्कि यह नगरवासियों की भावनाओं से जुड़ा एक ऐतिहासिक अवसर था। ऐसे महत्वपूर्ण आयोजनों में सभी जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी थी, लेकिन समन्वयहीन कार्यप्रणाली के कारण यह अवसर विवाद में तब्दील हो गया। धर्मेन्द्र पटवा ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि भविष्य में इस तरह के महत्वपूर्ण आयोजनों में सभी जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लेकर पारदर्शी और समावेशी व्यवस्था अपनाई जानी चाहिए, ताकि ऐसी चूक दोबारा न हो। समाचार लिखे जाने तक इस पूरे मामले पर मुख्य नगरपालिका अधिकारी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इन आरोपों पर क्या रुख अपनाता है और भविष्य में ऐसी प्रशासनिक चूकों से बचने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

**‘दृश्यम’ स्टाइल मर्डर का पर्दाफाश

✍️ भागीरथी यादव  पत्नी और तीन साल के बेटे की हत्या का मास्टरमाइंड निकला पति, 28 दिन बाद नदी से मिला शव** कोंडागांव। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला एक ऐसा सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। फरसगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सिरपुर में महिला भगवती सेठिया और उसके तीन साल के मासूम बेटे वात्सल्य की रहस्यमयी गुमशुदगी का मामला अब एक पूर्व नियोजित दोहरे हत्याकांड में बदल गया है। इस जघन्य वारदात का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि महिला का पति रोहित सेठिया ही निकला। पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या को छुपाने के लिए आरोपी ने फिल्म ‘दृश्यम’ की तर्ज पर साजिश रची, ताकि शव कभी बरामद न हो सके। हालांकि, अपराधी कितनी भी चालाकी कर ले, कानून से बच नहीं पाया। 28 दिन बाद नदी से मिला शव, मासूम अब भी लापता 22 नवंबर 2025 को भगवती सेठिया अपने बेटे के साथ अचानक लापता हो गई थी। परिजनों द्वारा संपर्क करने पर मोबाइल बंद मिला। लगातार तलाश के बावजूद जब कोई सुराग नहीं मिला, तब 6 दिसंबर को मृतिका के भाई आमदेव महावीर ने फरसगांव थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। लगातार 28 दिनों की गहन जांच के बाद 23 दिसंबर को ओडिशा के नवरंगपुर जिले के कुसुमगुड़ा थाना क्षेत्र में इंद्रावती नदी से महिला का शव बरामद किया गया, जिसकी पहचान भगवती सेठिया के रूप में हुई। वहीं, तीन साल के मासूम बेटे का शव अब तक नहीं मिल पाया है, जिससे मामला और भी संवेदनशील बना हुआ है। प्रेम संबंध बना हत्या की वजह पुलिस के अनुसार, आरोपी रोहित सेठिया का पिछले छह वर्षों से बसंती प्रधान नामक युवती के साथ प्रेम संबंध था। वह उसी से शादी करना चाहता था। प्रेमिका के दबाव में रोहित ने पत्नी और बेटे को रास्ते से हटाने की साजिश रची और करीब चार महीने पहले ही हत्या की योजना तैयार कर ली थी। घूमाने के बहाने ले गया, सुनसान जगह पर उतारा मौत फरसगांव एसडीओपी अभिनव उपाध्याय ने प्रेस कांफ्रेंस में खुलासा किया कि 22 नवंबर को रोहित पत्नी और बच्चे को विशाखापट्टनम घुमाने के बहाने घर से लेकर निकला। उसके साथ उसके दोस्त मिथलेश मरकाम और नरेश पांडे भी थे। ओडिशा पहुंचने के बाद सुनसान इलाके में भगवती की निर्मम हत्या कर शव को पत्थरों से बांधकर इंद्रावती नदी में फेंक दिया गया। इसके बाद मासूम बेटे की भी हत्या कर उसका शव तालाब में फेंक दिया गया। पुलिस को चकमा देकर फरार हुआ आरोपी घटना के बाद मुख्य आरोपी रोहित लगातार लोकेशन बदल-बदलकर अलग-अलग राज्यों में छिपता रहा। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोंडागांव एसपी पंकज चंद्रा ने तीन विशेष जांच टीमों का गठन किया। एडिशनल एसपी कौशलेंद्र देव पटेल और एसडीओपी अभिनव उपाध्याय स्वयं पूरे मामले की निगरानी कर रहे थे। तकनीकी साक्ष्य और साइबर इनपुट के आधार पर पुलिस ने पहले 13 दिसंबर को मिथलेश मरकाम को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर नरेश पांडे और मुख्य आरोपी रोहित सेठिया को भी गिरफ्तार कर लिया गया। साजिश में पूरा परिवार और प्रेमिका शामिल पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी रोहित सेठिया, दोस्त मिथलेश मरकाम और नरेश पांडे, आरोपी के पिता रामचंद सेठिया, मां उर्मिला सेठिया, मामा प्रभु पांडे, और प्रेमिका बसंती प्रधान समेत कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

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