खैरागढ़: पुरानी रंजिश में युवक पर जानलेवा हमला, आरोपियों को ग्रामीणों ने पीटा; वीडियो वायरल

  खैरागढ़। जिले के छुईखदान थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम कोटरा में पुरानी पारिवारिक दुश्मनी के चलते एक युवक पर जानलेवा हमले का मामला सामने आया है। वारदात के बाद भाग रहे आरोपियों को ग्रामीणों ने पकड़कर उनकी जमकर धुनाई कर दी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बदले की नीयत से घर में घुसकर किया हमला मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम अछोली निवासी चंद्रकुमार जंघेल (20) और ग्राम पेंड्रावन निवासी यशवंत वर्मा (23) मोटरसाइकिल पर सवार होकर ग्राम कोटरा पहुंचे। वहां उन्होंने पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए धुरूराम जंघेल के घर में घुसकर उन पर घातक हमला कर दिया। हमले में धुरूराम गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। भीड़ ने लिया कानून हाथ में, पुलिस ने संभाला मोर्चा वारदात को अंजाम देकर भाग रहे दोनों आरोपियों को ग्रामीणों ने घेराबंदी कर पकड़ लिया। आक्रोशित भीड़ ने आरोपियों के साथ मारपीट शुरू कर दी। मारपीट का वीडियो इंटरनेट पर वायरल होने के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई थी। सूचना मिलते ही छुईखदान पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ के चंगुल से आरोपियों को छुड़ाकर स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि कुछ वर्षों पहले उनके परिवार के साथ हुई मारपीट का बदला लेने के लिए उन्होंने यह हमला किया था। पुलिस ने मामले में निम्नलिखित कार्रवाई की है: प्राथमिकी: पीड़िता सकुन बाई जंघेल की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 33/2026 दर्ज। घटना में इस्तेमाल हथियार और मोटरसाइकिल बरामद आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद उप जेल सलोनी भेज दिया गया है। पुलिस की अपील: प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि किसी भी परिस्थिति में कानून हाथ में न लें। वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस मामले की सूक्ष्मता से जांच कर रही है।

कवर्धा: गन्ने की कीमत और धान खरीदी को लेकर किसानों का चक्काजाम, बढ़ी प्रशासन की मुश्किलें

  कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में सोमवार को किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर उग्र प्रदर्शन किया। भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में किसानों ने कवर्धा-पंडरिया मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह बाधित रहा। प्रमुख मांगें जिन पर अड़े हैं किसान: गन्ने के दामों में वृद्धि: किसानों का कहना है कि पिछले 5 वर्षों से शक्कर कारखानों ने गन्ने की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। निजी मिलों में गन्ना ₹500 प्रति क्विंटल तक बिक रहा है, जबकि स्थानीय स्तर पर किसानों को पुरानी दरों पर ही भुगतान किया जा रहा है। धान खरीदी की तारीख बढ़ाना: जिले के लगभग एक हजार से अधिक किसान अब भी अपना धान नहीं बेच पाए हैं। खरीदी की समयसीमा समाप्त होने से किसान संकट में हैं, इसलिए पोर्टल फिर से खोलने की मांग की जा रही है। बकाया भुगतान: शुगर मिलों द्वारा गन्ने का भुगतान समय पर नहीं किए जाने से किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। प्रशासनिक दखल और चेतावनी आंदोलन की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों को समझाने और जाम खुलवाने का प्रयास किया। किसान संघ की चेतावनी: “यह तो केवल सांकेतिक प्रदर्शन है। अगर सरकार ने जल्द ही गन्ने की कीमतें नहीं बढ़ाईं और धान खरीदी की तारीख आगे नहीं बढ़ाई, तो आने वाले समय में पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन किया जाएगा।” आम जनता को हुई परेशानी अचानक हुए इस चक्काजाम के कारण यात्रियों और मालवाहक वाहनों को घंटों सड़क पर फंसे रहना पड़ा। किसानों की नारेबाजी और सड़क पर धरने के कारण पुलिस को ट्रैफिक डायवर्ट करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

बिलासपुर: रेत माफिया का दुस्साहस, कार्रवाई करने पहुंचे नायब तहसीलदार पर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश

✍️ भागीरथी यादव     बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में रेत माफिया के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि अब वे प्रशासनिक अधिकारियों की जान लेने से भी नहीं कतरा रहे हैं। ताजा मामला रतनपुर थाना क्षेत्र का है, जहां अवैध रेत उत्खनन रोकने गए नायब तहसीलदार राहुल साहू पर एक ट्रैक्टर चालक ने वाहन चढ़ाने का प्रयास किया। अधिकारी ने मौके पर फुर्ती दिखाते हुए कूदकर अपनी जान बचाई। ​क्या है पूरा मामला? ​रतनपुर क्षेत्र के ग्राम गढ़वट, सरवनदेवरी और खैरखुंडी में लंबे समय से अवैध रेत खनन की शिकायतें मिल रही थीं। रविवार को सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार राहुल साहू कार्रवाई के लिए गढ़वट रेत घाट पहुंचे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने रेत से लदे एक ट्रैक्टर को रोकने का संकेत दिया। ​जान बचाने के लिए कूदना पड़ा अधिकारी को ​प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रैक्टर चालक रितुराज सिंह (निवासी खैरखंडी) ने पकड़े जाने के डर से पहले आधी रेत नदी में ही खाली कर दी। जब नायब तहसीलदार ने उसे रुकने को कहा, तो चालक ने ट्रैक्टर रोकने के बजाय उसकी रफ्तार बढ़ा दी और सीधे अधिकारी की ओर मोड़ दिया। नायब तहसीलदार ने समय रहते सड़क से हटकर अपनी जान बचाई, जिसके बाद आरोपी चालक ट्रैक्टर लेकर बस्ती की ओर फरार हो गया। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 170 के तहत कार्यवाही की गई। आरोपी को बेलतरा तहसीलदार की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे तुरंत जमानत मिल गई। ​रतनपुर थाना प्रभारी नीलेश पांडेय का कहना है कि नायब तहसीलदार की शिकायत पर उचित धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया और कोर्ट में पेश किया गया था।

भोरमदेव के जंगलों में फिर लौटे बाघ: कैमरे में शावकों के साथ दिखे टाइगर, अप्रैल-मई से शुरू होगी सफारी

  कवर्धा (कबीरधाम): वन्यजीव प्रेमियों के लिए कबीरधाम जिले से एक उत्साहजनक खबर सामने आई है। भोरमदेव की सुरम्य पहाड़ियों और सघन जंगलों में एक बार फिर बाघों की मौजूदगी दर्ज की गई है। वन विभाग द्वारा लगाए गए ट्रैप कैमरों में बाघ और उनके शावकों की विचरण करती तस्वीरें कैद हुई हैं, जो यह प्रमाणित करती हैं कि भोरमदेव अभ्यारण्य अब बाघों के संरक्षण के लिए एक सुरक्षित ठिकाना बन चुका है। कुनबा बढ़ने के संकेत, विभाग अलर्ट जंगल में बाघों का शावकों के साथ दिखना इस बात का संकेत है कि यहाँ वन्यजीवों के लिए भोजन और प्राकृतिक वातावरण पूरी तरह अनुकूल है। पगमार्क: प्रभूझोल से लेकर जामुनपानी मार्ग तक बाघों के पैरों के निशान मिले हैं। सुरक्षा: वन्यजीवों के संरक्षण को देखते हुए विभाग ने गश्त बढ़ा दी है, हालांकि उनकी सटीक लोकेशन को सुरक्षा कारणों से गोपनीय रखा गया है। पर्यटकों के लिए खुशखबरी: जल्द शुरू होगी सफारी बाघों की बढ़ती संख्या और अनुकूल परिस्थितियों को देखते हुए वन विभाग अब यहाँ जंगल सफारी शुरू करने की तैयारी में है। संभावित समय: अप्रैल या मई के महीने से इसे आम पर्यटकों के लिए खोला जा सकता है। ऑनलाइन बुकिंग: सफारी के लिए टिकटों की बुकिंग ऑनलाइन उपलब्ध होगी। संचालन: इसका जिम्मा गुजरात की एक अनुभवी प्रोफेशनल कंपनी को सौंपा गया है। इको-टूरिज्म और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा भोरमदेव में बाघों की वापसी छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। इस सफारी के शुरू होने से न केवल प्रदेश में इको-टूरिज्म को नई पहचान मिलेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। यह वन विभाग के संरक्षण प्रयासों की एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।

रायगढ़: पॉश कॉलोनी ‘केलो विहार’ में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, SSP के निर्देश पर पुलिस की बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक

  रायगढ़: संस्कारधानी रायगढ़ के पॉश इलाके में चल रहे अनैतिक देह व्यापार के खिलाफ पुलिस ने कड़ा प्रहार किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह के निर्देश पर चक्रधरनगर पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने केलो विहार स्थित एक मकान में दबिश देकर देह व्यापार गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में गिरोह के दो मुख्य संचालकों को गिरफ्तार किया गया है। सटीक रणनीति और छापेमारी पुलिस को लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि केलो विहार जैसे प्रतिष्ठित इलाके में किराए का मकान लेकर बाहर से महिलाओं को बुलाया जा रहा है और अवैध देह व्यापार का संचालन किया जा रहा है। नेतृत्व: सीएसपी मयंक मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस ने घेराबंदी कर रेड मारी। बरामदगी: मौके से भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री और कई मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। गिरफ्तारी: पुलिस ने दो आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा है जो इस पूरे रैकेट के मास्टरमाइंड बताए जा रहे हैं। कड़ी धाराओं में केस दर्ज पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ चक्रधरनगर थाने में अनैतिक देह व्यापार अधिनियम (PITA Act) की धारा 3, 4 और 5 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सफेदपोशों और बाहरी संपर्कों का खुलासा हो सके। SSP का सख्त संदेश: “अवैध गतिविधियां बर्दाश्त नहीं” इस सफल कार्रवाई के बाद एसएसपी शशि मोहन सिंह ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को अलर्ट मोड पर रहने को कहा है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि: “रायगढ़ जिले में किसी भी तरह का अनैतिक कार्य या अवैध कारोबार फल-फूल नहीं पाएगा। जो भी ऐसे कार्यों में संलिप्त होगा, उस पर कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।” पुलिस की अपील रायगढ़ पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके आस-पास या मोहल्ले में कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे या किराएदारों के चाल-चलन पर संदेह हो, तो तुरंत नजदीकी थाने या साइबर सेल को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी।

हाईटेक चोरी का पर्दाफाश: वॉकी-टॉकी से बात कर 2 घंटे में दो मकान साफ करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के 4 सदस्य गिरफ्तार

✍️ भागीरथी यादव     जगदलपुर (बस्तर): बस्तर पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए एक ऐसे शातिर अंतरराज्यीय चोर गिरोह को दबोचा है, जो मोबाइल के बजाय वॉकी-टॉकी का इस्तेमाल कर पुलिस को चकमा देने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने महज 4 दिनों के भीतर सनसिटी और वृंदावन कॉलोनी में हुई लाखों की चोरी की गुत्थी सुलझाते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया हैWhatsApp-Video-2026-02-01-at-6.39.59-PM-1 मात्र 2 घंटे में दी दो बड़ी वारदातों को अंजाम बीती 29 जनवरी की शाम शातिर चोरों ने शहर के दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में सूने मकानों को निशाना बनाया: कोतवाली क्षेत्र: सनसिटी स्थित एक सूना मकान। बोधघाट क्षेत्र: वृंदावन कॉलोनी स्थित एक सूना मकान। आरोपियों ने इन दोनों जगहों से लाखों रुपये नकद और सोने-चांदी के कीमती आभूषण पार कर दिए थे। पकड़े जाने से बचने के लिए ‘वॉकी-टॉकी’ का सहारा पुलिस की सर्विलांस और लोकेशन ट्रेसिंग से बचने के लिए आरोपियों ने किसी भी मोबाइल फोन का उपयोग नहीं किया। वे आपस में बातचीत के लिए वॉकी-टॉकी का इस्तेमाल कर रहे थे। चोरी करने के बाद आरोपी तुरंत विशाखापट्टनम भाग गए थे। 400 CCTV कैमरों ने खोला राज बस्तर पुलिस ने इस चुनौती को स्वीकार किया और शहर के लगभग 400 CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले। सीसीटीवी की मदद से आरोपियों की पहचान हुई और उनके मूवमेंट पर नजर रखी गई। जब आरोपी विशाखापट्टनम से वापस बस्तर के रास्ते रायपुर भागने की फिराक में थे, तभी पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें जगदलपुर के पास धर दबोचा। गिरफ्तार आरोपियों का विवरण पकड़े गए आरोपी अलग-अलग राज्यों और जिलों से ताल्लुक रखते हैं: अभिषेक खंडारा (पंजाब) विशाल वाल्मीकि (हरियाणा) नरेंद्र सिंह (भिलाई, छत्तीसगढ़) विक्की कुमार वर्मा (दुर्ग, छत्तीसगढ़) पुलिस की अपील: बस्तर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों से बाहर जाते समय सुरक्षा का ध्यान रखें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

दर्री तेज रफ्तार वाहन ने बाइक सवार युवक को रौंदा, ड्यूटी पर जा रहे इकलौते कमाऊ बेटे की मौत

✍️ भागीरथी यादव   कोरबा (दर्री): दर्री थाना क्षेत्र के सीपेड (CIPET) के पास एक भीषण सड़क हादसे में 26 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान कटघोरा के बरपाली निवासी दीपेंद्र पटेल के रूप में हुई है। दीपेंद्र घर का इकलौता कमाने वाला सदस्य था, जिसकी मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ड्यूटी पर जाते समय हुआ हादसा जानकारी के मुताबिक, दीपेंद्र पटेल दर्री स्थित CSEB पावर प्लांट में सुरक्षा गार्ड (Security Guard) के पद पर तैनात था। रविवार रात करीब 10 बजे वह रोज की तरह खाना खाकर अपने घर बरपाली से नाइट ड्यूटी के लिए निकला था। इसी दौरान सीपेड के पास किसी अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उसकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। मौके पर मौत: टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दीपेंद्र के चेहरे और सीने पर गंभीर चोटें आईं और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। क्षतिग्रस्त बाइक: राहगीरों ने जब खून से लथपथ युवक और क्षतिग्रस्त बाइक को देखा, तो तुरंत 112 और दर्री पुलिस को सूचित किया। परिवार का एकमात्र सहारा छिना मृतक दीपेंद्र अपने घर का इकलौता कमाऊ सदस्य था। रात में घर से मुस्कुराकर ड्यूटी के लिए निकले बेटे की मौत की खबर जब परिजनों को मिली, तो घर में चीख-पुकार मच गई। पुलिस ने शव को जिला मेडिकल कॉलेज के मरचुरी में रखवाया है। पुलिस की कार्रवाई दर्री पुलिस ने अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार: दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जांच की जा रही है। आस-पास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि टक्कर मारने वाले वाहन की पहचान हो सके। परिजनों के बयान दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।

किसानों की मौत पर जश्न क्यों? मुख्यमंत्री के दौरे का युवा कांग्रेस ने किया पुरजोर विरोध

  कोरबा: मुख्यमंत्री के कोरबा प्रवास के दौरान जिला युवा कांग्रेस (शहर एवं ग्रामीण) ने कड़ा रुख अपनाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि एक तरफ प्रदेश का किसान बदहाली और मौतों का सामना कर रहा है, वहीं दूसरी ओर भाजपा सत्ता के नशे में जश्न मना रही है और भव्य कार्यालयों का भूमिपूजन कर रही है। विरोध के मुख्य बिंदु: युवा कांग्रेस ने सरकार की नीतियों और मुख्यमंत्री के कार्यक्रम पर तीखे सवाल खड़े किए हैं: संवेदनहीनता का आरोप: कार्यकर्ताओं ने कहा कि किसानों की मौतों के बीच भाजपा कार्यालय के लिए भूमिपूजन करना सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है। जवाबदेही की मांग: युवा कांग्रेस का नारा है— “मुख्यमंत्री का स्वागत नहीं, विरोध होगा; किसानों की मौत पर जश्न नहीं, जवाब चाहिए।” भूमिपूजन पर सवाल: आर्थिक संकट और किसान समस्याओं के बीच भाजपा कार्यालय के निर्माण हेतु भारी-भरकम राशि और जमीन आवंटन को लेकर भी आपत्ति जताई गई है। युवा कांग्रेस का रुख जिला युवा कांग्रेस (शहर-ग्रामीण) के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक किसानों की समस्याओं का ठोस समाधान नहीं होता और उन्हें न्याय नहीं मिलता, तब तक इस तरह के आयोजनों का विरोध जारी रहेगा। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार जनहित के कार्यों को छोड़कर संगठन विस्तार और चकाचौंध में व्यस्त है। “जब प्रदेश का अन्नदाता संकट में हो, तब सत्ताधारी दल का उत्सव मनाना लोकतंत्र के लिए दुखद है। हम इस संवेदनहीनता के खिलाफ जनता की आवाज उठाते रहेंगे।”

नौकरी का झांसा देकर 8 साल तक नाबालिग से गैंगरेप, हाईप्रोफाइल आरोपियों समेत 6 पर केस

✍️ भागीरथी यादव   दुर्ग (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में मानवता को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। एक युवती ने 6 लोगों पर पीडब्ल्यूडी (PWD) विभाग में नौकरी लगाने का झांसा देकर 8 साल तक शारीरिक शोषण और गैंगरेप का आरोप लगाया है। पुलिस ने अब तक इस मामले में 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि 3 अन्य अभी भी फरार हैं। मामले का मुख्य विवरण पीड़िता ने 30 जनवरी को अपनी मां के साथ दुर्ग महिला थाना पहुंचकर आपबीती सुनाई। शिकायत के अनुसार, शोषण का यह सिलसिला अप्रैल 2018 में तब शुरू हुआ जब पीड़िता की उम्र महज 14 साल थी। यह सिलसिला अक्टूबर 2025 तक लगातार चलता रहा। झांसा: आरोपियों ने पीड़िता को सरकारी नौकरी (PWD) दिलाने का लालच दिया था। अवधि: करीब 8 वर्षों तक पीड़िता का मानसिक और शारीरिक शोषण किया गया। आरोपी: कुल 6 नामजद आरोपी हैं, जिनमें से कुछ को ‘हाईप्रोफाइल’ बताया जा रहा है। पुलिसिया कार्रवाई और धाराएं मामले की गंभीरता और पीड़िता के नाबालिग रहते हुए शुरू हुए शोषण को देखते हुए पुलिस ने कड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है: भारतीय न्याय संहिता (BNS): धारा 65(1) और 70(2) (गैंगरेप से संबंधित)। पॉक्सो एक्ट (POCSO): धारा 6 और 12 (नाबालिग के साथ यौन अपराध)। कुल आरोपी 06 गिरफ्तार 03 फरार 03 (तलाश जारी)   पीड़िता ने बताया कि नौकरी न लगने और लगातार हो रहे शोषण से तंग आकर उसने अंततः कानून की शरण लेने का फैसला किया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। फरार लोगों में रसूखदार व्यक्तियों के नाम शामिल होने के कारण यह मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है।  

बजट से पहले महंगाई का झटका: कमर्शियल गैस सिलेंडर ₹50 महंगा, जानें आपके शहर का नया रेट

✍️ भागीरथी यादव   नई दिल्ली। केंद्रीय बजट 2026 की घोषणा से ठीक पहले सरकार ने व्यापारिक जगत को बड़ा झटका दिया है। 1 फरवरी 2026 से 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में 50 रुपये की भारी बढ़ोतरी कर दी गई है। हालांकि, राहत की बात यह है कि घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम के रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों को स्थिर रखा गया है। महानगरों में अब क्या हैं नए दाम? कीमतों में इजाफे के बाद देश के प्रमुख महानगरों में कमर्शियल सिलेंडर के दाम अब इस प्रकार हैं: शहर नया रेट (19kg सिलेंडर) दिल्ली ₹1,740.50 कोलकाता ₹1,844.50 मुंबई ₹1,692.00 चेन्नई ₹1,899.50 आम जनता और घरेलू बजट पर क्या होगा असर? बाहर खाना होगा महंगा: कमर्शियल सिलेंडर का इस्तेमाल होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों में होता है। ऐसे में आने वाले दिनों में बाहर खाना-पीना महंगा होने की पूरी संभावना है। घरेलू रसोई को राहत: आम परिवारों के लिए सुकून की खबर है कि घरेलू सिलेंडर के दाम 8 अप्रैल 2025 के पुराने रेट पर ही बरकरार हैं। सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं के बजट को फिलहाल प्रभावित नहीं होने दिया है। बजट से पहले दबाव का संकेत आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि बजट पेश होने से ठीक पहले कीमतों में यह बदलाव संकेत देता है कि सरकार ऊर्जा लागत को लेकर कड़े फैसले ले सकती है। कमर्शियल गैस की कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी का सीधा असर लॉजिस्टिक्स और सर्विस सेक्टर पर भी देखने को मिल सकता है।    

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