संवेदनशील न्यायिक क्षेत्र में सवालों के घेरे में थाना प्रभारी
FIR न लिखने, अवैध वसूली और जुए–सट्टे को संरक्षण देने के गंभीर आरोप कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले का सिविल लाइन रामपुर थाना—जहां न्यायालय, कलेक्टर कार्यालय, पुलिस अधीक्षक कार्यालय और वरिष्ठ अधिकारियों के शासकीय आवास स्थित हैं—आज खुद सवालों के कठघरे में खड़ा नजर आ रहा है। कारण हैं, थाना प्रभारी प्रमोद दंसेना, जिन पर एक के बाद एक गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं। स्थानीय नागरिकों और पीड़ितों का आरोप है कि थाना प्रभारी न केवल गंभीर मामलों में एफआईआर दर्ज करने से बचते रहे, बल्कि निजी लाभ के लिए आरोपियों को संरक्षण भी दिया गया। हैरानी की बात यह है कि इतने संवेदनशील क्षेत्र में, गंभीर आरोपों के बावजूद, थाना प्रभारी का एक साल से अधिक समय तक उसी पद पर बने रहना, पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। वीडियो सूत्र कोरबा न्यूज टुडे से थाने से न्याय नहीं, अपमान मिला पीड़ित युवती ने कैमरे पर बयां किया दर्द हाल ही में एक युवती शारीरिक शोषण की शिकायत लेकर सिविल लाइन थाना पहुंची, लेकिन आरोप है कि वहां उसे न्याय देने के बजाय डराया गया, अपमानित किया गया और थाने से भगा दिया गया। थाने से बाहर निकलकर युवती ने कैमरे के सामने अपनी आपबीती सुनाई, जिसमें उसने स्पष्ट कहा कि मदद की गुहार लगाने पर उसकी बात तक नहीं सुनी गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई एक घटना नहीं है, बल्कि इस थाने में पीड़ितों के साथ ऐसा व्यवहार लगातार होता आ रहा है। बांकीमोगरा कार्यकाल भी रहा विवादों से घिरा थाना प्रभारी प्रमोद दंसेना का पूर्व पदस्थापन बांकीमोगरा थाना में भी विवादों में रहा है। आरोप हैं कि उस दौरान जुआ और सट्टा जैसे अवैध कारोबार को खुला संरक्षण मिला, जिससे कई परिवार बर्बादी के कगार पर पहुंच गए। इतना ही नहीं, कोरबा न्यायालय द्वारा अवमानना से जुड़े एक मामले में गैर-जमानती धाराओं के तहत अपराध दर्ज करने के आदेश के बावजूद, आरोप है कि मामले को पुलिस स्तर पर कमजोर कर अदालत में प्रस्तुत किया गया। यह प्रकरण आज भी न्यायालय में लंबित बताया जा रहा है। पुलिस की कार्यशैली पर उठते सवाल लगातार सामने आ रहे मामलों ने थाना प्रभारी की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई होती, तो पीड़ितों को दर-दर भटकना नहीं पड़ता। ये आरोप सिर्फ एक अधिकारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरी पुलिस व्यवस्था की जवाबदेही और पारदर्शिता पर सवाल खड़े करते हैं। लोकसदन पीड़ितों के साथ लोकसदन परिवार स्पष्ट रूप से पीड़ितों के साथ खड़ा है। ऐसे आरोप न केवल आम जनता के भरोसे को तोड़ते हैं, बल्कि कानून-व्यवस्था की साख पर भी गहरा आघात पहुंचाते हैं। लोकसदन ऐसे मामलों पर लगातार नजर बनाए हुए है और सच्चाई को सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध है। जनता से अपील यदि थाना प्रभारी प्रमोद दंसेना से जुड़े कोई पुराने या नए मामले, शिकायतें, दस्तावेज़ या प्रमाण आपके पास हैं, तो उन्हें लोकसदन परिवार के समक्ष साझा करें। आपकी आवाज़ को मंच मिलेगा, आपकी लड़ाई में लोकसदन आपके साथ खड़ा रहेगा। 👉 आने वाले एक-दो दिनों में रायपुर और कोरबा से एक साथ प्रकाशित होने वाले लोकप्रिय दैनिक अख़बार और लोकसदन टीवी न्यूज़ चैनल पर इस पूरे मामले को और अधिक विस्तार और साक्ष्यों के साथ प्रसारित किया जाएगा।
शादी की खुशियां मातम में बदलीं: दुर्ग में शराब के नशे में छोटे भाई ने बड़े भाई को चाकू मारा, आंतें बाहर आईं
✍️ भागीरथी यादव दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक शादी समारोह उस वक्त खौफनाक मंजर में बदल गया, जब मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया। शराब के नशे में धुत छोटे भाई ने अपने ही बड़े भाई के पेट में चाकू घोंप दिया। वार इतना गहरा था कि घायल की आंतें बाहर निकल आईं। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना 22 दिसंबर की है, जो छावनी थाना क्षेत्र के कैंप-2 स्थित मोची मोहल्ला की बताई जा रही है। उस समय घर में विवाह समारोह चल रहा था और बड़ी संख्या में रिश्तेदार मौजूद थे। मामूली कहासुनी बनी जानलेवा हमला प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शादी के दौरान दो सगे भाइयों—अजय कोलते और विजय कोलते—के बीच किसी छोटी-सी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। देखते ही देखते बहस इतनी बढ़ गई कि शराब के नशे में छोटे भाई अजय ने आपा खो दिया और चाकू निकालकर बड़े भाई विजय के पेट पर जोरदार वार कर दिया। आंतें बाहर आने से मची अफरा-तफरी चाकू लगते ही विजय कोलते मौके पर गिर पड़ा। पेट पर गहरे घाव के कारण उसकी आंतें बाहर निकल आईं, यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोग दहशत में आ गए। शादी की खुशियां चीख-पुकार और अफरा-तफरी में बदल गईं। परिजनों ने तुरंत घायल को लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए सुपेला स्थित जिला अस्पताल (सिविल अस्पताल) रेफर किया गया। फिलहाल घायल का इलाज जारी है। आरोपी भाई हिरासत में, जांच जारी घटना की सूचना मिलते ही छावनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और वारदात के बाद फरार हो रहे आरोपी छोटे भाई अजय कोलते को हिरासत में ले लिया। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में मामला पारिवारिक विवाद और शराब के नशे से जुड़ा पाया गया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है और उसके खिलाफ गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज किया गया है।
RTE में KG-1, KG-2 और नर्सरी प्रवेश बंद करने के फैसले के खिलाफ कांग्रेस का तीखा विरोध
✍️ भागीरथी यादव पवन विश्वकर्मा और सुनील निर्मलकर बोले – गरीब बच्चों के भविष्य से हो रहा खिलवाड़ कोरबा। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) 2009 के तहत KG-1, KG-2 एवं नर्सरी कक्षाओं में प्रवेश बंद कर सीधे कक्षा पहली में दाखिले के निर्णय के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। भारतीय युवा कांग्रेस कोरबा (शहर) के जिलाध्यक्ष राकेश पंकज के नेतृत्व में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर इस निर्णय को तत्काल वापस लेने की मांग की गई। इस विरोध में युवा नेता पवन विश्वकर्मा एवं कोरबा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सुनील निर्मलकर ने भी सरकार के फैसले को जनविरोधी बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी। युवा नेता पवन विश्वकर्मा ने कहा कि प्रारंभिक बाल शिक्षा बच्चों के मानसिक, सामाजिक और शैक्षणिक विकास की नींव होती है। KG-1, KG-2 और नर्सरी कक्षाओं को समाप्त करना गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से दूर करने जैसा है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय निजी स्कूलों को फायदा पहुंचाने वाला है, जबकि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य दांव पर लगाया जा रहा है। वहीं कोरबा ब्लॉक अध्यक्ष सुनील निर्मलकर ने कहा कि ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार पहले ही संसाधनों की कमी से जूझ रहे हैं। अब बच्चों को सीधे कक्षा पहली में डालना न केवल अव्यवहारिक है, बल्कि इससे ड्रॉप-आउट की संख्या भी बढ़ेगी। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि समान शिक्षा के अधिकार की भावना को समझते हुए पुराने नियमों को बहाल किया जाए। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया कि यदि यह निर्णय वापस नहीं लिया गया तो प्रदेशभर में कांग्रेस और युवा कांग्रेस आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी। नेताओं ने कहा कि बच्चों के भविष्य से कोई भी समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कांग्रेस नेताओं को उम्मीद है कि राज्य सरकार इस गंभीर विषय पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर KG-1, KG-2 और नर्सरी में पुनः प्रवेश प्रक्रिया शुरू करेगी, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
कोरबा में दिनदहाड़े सनसनीखेज हत्या: भाजपा के वरिष्ठ नेता व जनपद सदस्य अक्षय गर्ग पर जानलेवा हमला, अस्पताल पहुंचने से पहले मौत
✍️ भागीरथी यादव कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से सोमवार को एक हिला देने वाली वारदात सामने आई है। कारखाना मोहल्ला निवासी, भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, जनपद सदस्य और ठेकेदार अक्षय गर्ग पर अज्ञात हमलावरों ने दिनदहाड़े धारदार हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में गंभीर रूप से घायल अक्षय गर्ग की इलाज के दौरान मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटना आज सुबह करीब 9 से 10 बजे के बीच की बताई जा रही है। अक्षय गर्ग ग्राम केशलपुर में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत चल रहे सड़क निर्माण कार्य की साइट पर मौजूद थे। इसी दौरान एक काले रंग की कार में सवार होकर पहुंचे करीब तीन हमलावरों ने उन पर अचानक ताबड़तोड़ हमला कर दिया और मौके से फरार हो गए। हमले में गंभीर रूप से घायल अक्षय गर्ग को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की खबर फैलते ही कटघोरा सहित पूरे जिले में सनसनी फैल गई। अस्पताल परिसर में परिजनों, शुभचिंतकों और बड़ी संख्या में कटघोरावासियों की भीड़ जमा हो गई है। माहौल शोक के साथ आक्रोशपूर्ण बना हुआ है। सूचना मिलते ही कटघोरा थाना प्रभारी धर्म नारायण तिवारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गए हैं। वहीं, जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी कटघोरा और घटनास्थल की ओर रवाना हो चुके हैं। पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है, हमलावरों की तलाश के लिए नाकेबंदी और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। दिनदहाड़े एक जनप्रतिनिधि की इस तरह निर्मम हत्या ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस जल्द ही पूरे मामले के खुलासे का दावा कर रही है।
रायपुर में सनसनी: माना थाना क्षेत्र में पानी से मिली सिर कटी लाश, इलाके में दहशत
✍️ भागीरथी यादव रायपुर। राजधानी रायपुर के माना थाना क्षेत्र से सोमवार को एक सनसनीखेज मामला सामने आया, जब ब्लू वाटर इलाके में पानी के भीतर एक सिर कटा शव मिलने से हड़कंप मच गया। स्थानीय रहवासियों ने दोपहर के समय पानी में शव दिखाई देने की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर जांच शुरू की। पुलिस के अनुसार, जब शव को पानी से निकाला गया तो उसका सिर मौके पर मौजूद नहीं था। प्रारंभिक जांच में शव काफी पुराना प्रतीत हो रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि मृतक के शरीर पर कोई कपड़े भी नहीं थे, जिससे हत्या की आशंका और गहरा गई है। माना थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। शिनाख्त के लिए आसपास के सभी थानों में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्टों को खंगाला जा रहा है, वहीं यह भी जांच की जा रही है कि हत्या कहीं और कर शव को यहां ठिकाने तो नहीं लगाया गया। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद से इलाके में डर और सनसनी का माहौल है। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच में जुटी है और जल्द ही पूरे मामले के खुलासे का दावा कर रही है।
केरल में इंसानियत शर्मसार: भीड़ की हिंसा में छत्तीसगढ़ के मजदूर रामनारायण की मौत, पांच आरोपी गिरफ्तार
✍️ भागीरथी यादव केरल के पलक्कड़ जिले से आई एक हृदयविदारक खबर ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। रोज़गार की तलाश में घर से सैकड़ों किलोमीटर दूर गए छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के निवासी रामनारायण बघेल की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। चोरी के झूठे आरोप और बांग्लादेशी होने के संदेह ने एक मेहनतकश मजदूर की जान ले ली। इस मॉब लिंचिंग की घटना के बाद केरल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हत्या के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पलक्कड़ जिले के एसपी अजीत कुमार ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और घटना में शामिल अन्य आरोपियों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। “न्याय मिलेगा” – मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने इस घटना को बेहद चिंताजनक और शर्मनाक बताते हुए मृतक के परिवार को न्याय का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि वालयार में हुई यह भीड़ हिंसा केरल जैसे प्रगतिशील राज्य की छवि को धूमिल करती है और किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला पुलिस प्रमुख के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) गठित कर जांच शुरू कर दी गई है। छत्तीसगढ़ सरकार का संवेदनशील कदम छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे अमानवीय और सभ्य समाज के लिए शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा— “केरल के पलक्कड़ में छत्तीसगढ़ के प्रवासी मजदूर रामनारायण बघेल जी के साथ हुई यह दुर्भाग्यपूर्ण और अत्यंत अमानवीय घटना मुझे गहराई से व्यथित करती है। किसी निर्दोष नागरिक के साथ इस तरह की हिंसा अस्वीकार्य है।” मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही परिजनों को तत्काल केरल भेजा गया और रामनारायण का पार्थिव शरीर सम्मानपूर्वक उनके गृह ग्राम लाने की व्यवस्था की गई है। मंगलवार को पार्थिव शरीर हवाई मार्ग से छत्तीसगढ़ लाया जाएगा। सवाल जो रह गए… एक गरीब मजदूर, जो अपने परिवार का भविष्य संवारने निकला था, वह कभी वापस नहीं लौट सका। यह घटना एक बार फिर सवाल खड़े करती है— क्या शक, नफरत और अफवाहें इंसान की जान से बड़ी हो गई हैं? अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या रामनारायण को और उसके परिवार को सच में न्याय मिले
कोनी में अपराधियों पर पुलिस का शिकंजा
✍️ भागीरथी यादव शांति भंग की साजिश नाकाम, 4 शातिर बदमाश BNSS की धारा 170 में जेल भेजे गए बिलासपुर। आम नागरिकों की सुरक्षा और क्षेत्र में स्थायी शांति बनाए रखने के उद्देश्य से कोनी थाना पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ बड़ा और निर्णायक अभियान चलाया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में की गई इस सख्त कार्रवाई के तहत क्षेत्र के चार चिन्हित शातिर गुंडा बदमाशों को प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया गया। पुलिस प्रशासन ने इस कार्रवाई के जरिए कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले असामाजिक तत्वों को साफ संदेश दिया है कि क्षेत्र में किसी भी तरह की अवैध गतिविधि, भय फैलाने या शांति भंग करने की कोशिश को कदापि बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अपराध से पहले कार्रवाई, पुलिस की सक्रिय रणनीति कोनी थाना प्रभारी के नेतृत्व में गठित विशेष निगरानी टीम लगातार आपराधिक प्रवृत्ति वाले व्यक्तियों की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। इसी दौरान मुखबिर तंत्र से सूचना मिली कि कुछ आदतन अपराधी क्षेत्र में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने त्वरित घेराबंदी कर चार संदिग्धों को हिरासत में लिया। इनके पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड और वर्तमान गतिविधियों का विश्लेषण करने के बाद पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170 के तहत कार्रवाई की, जिसका उद्देश्य संज्ञेय अपराध होने से पहले ही उसे रोकना है। BNSS 170 : अपराधियों के लिए चेतावनी पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई अपराध के बाद नहीं, बल्कि अपराध से पहले हस्तक्षेप की नीति का हिस्सा है, जिससे क्षेत्र में शांति और नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा कायम किया जा सके। जिन पर कसी कार्रवाई, उनके नाम पुलिस द्वारा प्रतिबंधित और जेल भेजे गए आरोपियों में शामिल हैं— लक्की भारत (27 वर्ष), पिता: श्रीकांत भारत, निवासी: आवासपारा सेंदरी (काली मंदिर के पास) भोलू यादव उर्फ राकेश यादव (26 वर्ष), पिता: सरजू यादव, निवासी: गोदामपारा, कोनी भीमशंकर वर्मा (20 वर्ष), पिता: इतवारी वर्मा, निवासी: घुटकु, कोनी सुनील यादव (20 वर्ष), पिता: संतोष यादव, निवासी: यादवपारा, कोनी फिलहाल कोनी थाना क्षेत्र में अतिरिक्त गश्त और निगरानी बढ़ा दी गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आगे भी असामाजिक तत्वों के खिलाफ ऐसी कठोर और निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी।
थाने से 200 मीटर दूर खून की वारदात
✍️ भागीरथी यादव पत्थर से कुचलकर युवक की निर्मम हत्या, नाबालिग आरोपी हिरासत में कबीरधाम/पंडरिया। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में कानून-व्यवस्था को झकझोर देने वाली सनसनीखेज हत्या की वारदात सामने आई है। पंडरिया नगरपालिका क्षेत्र के घोघरा पारा में बीती रात एक युवक की पत्थर से बेरहमी से कुचलकर हत्या कर दी गई। चौंकाने वाली बात यह है कि यह वारदात पुलिस थाना से महज 200 मीटर की दूरी पर हुई, जिससे क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल व्याप्त है। मृतक की पहचान कुनाल पुरकर (22 वर्ष) के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार रविवार देर रात किसी बात को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि गुस्से में आए हमलावर ने युवक पर ताबड़तोड़ पत्थर से वार किए, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पंडरिया पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक नाबालिग आरोपी को हिरासत में ले लिया है, जिससे गहन पूछताछ की जा रही है। इस जघन्य हत्या के बाद घोघरा पारा सहित आसपास के इलाकों में भारी आक्रोश देखने को मिला। बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने पंडरिया थाना का घेराव कर आरोपी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। घटना ने एक बार फिर थाने के इतने करीब अपराध होने पर पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कोरबा–कटघोरा में पुलिस महकमे की बड़ी अदला-बदली
✍️ भागीरथी यादव सीएसपी बदले, कटघोरा को मिला नया एसडीओपी रायपुर/कोरबा। छत्तीसगढ़ शासन के गृह (पुलिस) विभाग मंत्रालय द्वारा राज्य पुलिस सेवा के 95 अधिकारियों के व्यापक तबादले किए गए हैं। इस सूची में 35 एडिशनल एसपी/उप सेनानी और 60 डीएसपी रैंक के अधिकारी शामिल हैं। इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल का सीधा असर कोरबा जिले और कटघोरा अनुभाग पर भी पड़ा है। जारी आदेश के अनुसार कोरबा के सीएसपी भूषण एक्का का तबादला कर उन्हें एसडीओपी बेमेतरा के पद पर नई जिम्मेदारी दी गई है। वहीं कटघोरा के एसडीओपी पंकज ठाकुर को स्थानांतरित कर डीएसपी पीटीएस राजनांदगांव बनाया गया है। जिला मुख्यालय में पदस्थ डीएसपी प्रतिभा मरकाम को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देते हुए डीएसपी एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट, बस्तर में पदस्थ किया गया है। कोरबा सीएसपी के पद पर अब प्रतीक चतुर्वेदी (पूर्व में डीएसपी अजाक/क्राइम, कबीरधाम) की नियुक्ति की गई है, जबकि विजय सिंह राजपूत (डीएसपी सुरक्षा, जशपुर) को कटघोरा का नया एसडीओपी बनाया गया है। इस प्रशासनिक बदलाव से कोरबा और कटघोरा क्षेत्र में पुलिस व्यवस्था को और अधिक मजबूत व प्रभावी बनाने की उम्मीद जताई जा रही है। नई पदस्थापनाओं के बाद जिले में कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर नई रणनीति के संकेत भी मिल रहे हैं।
भाई ने छीना बहन का हक, न्याय की चौखट पर पहुंची बेबस पीड़िता
✍️ भागीरथी यादव बिलासपुर। रिश्तों की डोर जब स्वार्थ और लालच से उलझ जाए, तो खून के रिश्ते भी बोझ बन जाते हैं। ऐसा ही एक मार्मिक मामला बिलासपुर जिले से सामने आया है, जहां एक सगी बहन को अपने ही भाई से न्याय की गुहार लगानी पड़ी। कोटा नगर पंचायत निवासी श्रीमती गनेशिया बाई बिंझवार आज अपनी पैतृक जमीन के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं, जबकि आरोप है कि उनके सगे भाई ने ही उनके हक पर डाका डाल दिया। तखतपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत कोड़ापुरी में स्थित लगभग पौने दो एकड़ पैतृक भूमि, जो विधिवत पारिवारिक बंटवारे में गनेशिया बाई के हिस्से में आई थी, आज उनके हाथों से फिसलती नजर आ रही है। पीड़िता का कहना है कि गांव में कम आना-जाना होने का फायदा उठाकर उनके भाई धनवान सिंह बिंझवार ने जमीन पर जबरन कब्जा कर लिया और उसे खेत में तब्दील कर फसल भी बो दी। जब बहन ने अपने अधिकार की बात उठाई, तो भाई ने न सिर्फ जमीन लौटाने से इनकार कर दिया, बल्कि धमकियों का सहारा लेकर उसे चुप कराने की कोशिश भी की। इस अन्याय ने गनेशिया बाई को अंदर तक तोड़ दिया। मानसिक पीड़ा, सामाजिक अपमान और आर्थिक नुकसान के बीच वह खुद को असहाय महसूस करने लगीं। आखिरकार हिम्मत जुटाकर उन्होंने सामाजिक संगठन आज़ाद युवा संगठन के प्रमुख इशहाक कुरैशी से संपर्क किया। संगठन के सहयोग से पीड़िता जिला कलेक्टर और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की शरण में पहुंचीं, जहां उन्होंने लिखित ज्ञापन सौंपकर अपने हक की गुहार लगाई। ज्ञापन में अवैध कब्जा हटाने, जमीन वापस दिलाने और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए जिला कलेक्टर ने तुरंत संज्ञान लिया और संबंधित एसडीएम से चर्चा कर शीघ्र जांच व उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रशासन की इस तत्परता से गनेशिया बाई की आंखों में उम्मीद की एक नई चमक दिखाई देने लगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे पारिवारिक विवादों में अक्सर महिलाएं और कमजोर वर्ग ही सबसे ज्यादा पीड़ित होते हैं। समय पर प्रशासनिक हस्तक्षेप ही उन्हें न्याय दिला सकता है। अब सबकी नजरें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं, ताकि एक बहन को उसका छीना हुआ हक वापस मिल सके और रिश्तों पर लगे इस दाग को इंसाफ से धोया जा सके।
















