खैरागढ़ में ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क का भंडाफोड़, ‘शिवा बुक’ एप से करोड़ों का अवैध खेल
खैरागढ़। मोबाइल और इंटरनेट के सहारे ऑनलाइन सट्टा अब संगठित साइबर अपराध का रूप ले चुका है। खैरागढ़ जिले में उजागर हुए ‘शिवा बुक’ ऑनलाइन सट्टा एप ने दिखा दिया कि एक क्लिक से कैसे करोड़ों का अवैध कारोबार खड़ा किया जा रहा है। पुलिस जांच में सामने आया कि इस एप के जरिए क्रिकेट, फुटबॉल, कैसीनो गेम और लाइव मैचों पर देशभर में दांव लगवाए जा रहे थे। पहचान छुपाने के लिए आरोपी एप का नाम बदलकर ‘100 पैनल’ और ‘फेयर प्ले’ रखते रहे। सोशल मीडिया के जरिए लोगों को जोड़कर फर्जी बैंक खातों में पैसे मंगाए जाते थे। खैरागढ़ प्रकरण में 8 से 10 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन के सबूत मिले हैं। गुरुग्राम तक फैले नेटवर्क पर पुलिस की कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि डिजिटल सट्टा अब भी कानून की पकड़ से बाहर नहीं है। पुलिस का संदेश स्पष्ट है—ऑनलाइन सट्टा न सिर्फ अवैध है, बल्कि युवाओं और परिवारों के भविष्य के लिए घातक भी। अब हाईटेक अपराधियों पर सख्त शिकंजा तय है।
कोरबा पुलिस में बड़ी कार्रवाई: गैंगरेप पीड़िता की शिकायत न लेने पर दो आरक्षक निलंबित
✍️ भागीरथी यादव कोरबा, 20 जनवरी। महिलाओं से जुड़े अपराधों के प्रति लापरवाही पर कोरबा पुलिस में कड़ा संदेश देते हुए पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने बांकीमोंगरा थाना में पदस्थ दो आरक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई गैंगरेप पीड़िता की शिकायत दर्ज न करने जैसी गंभीर चूक के चलते की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार आरक्षक क्रमांक 127 राकेश मेहता एवं आरक्षक क्रमांक 771 राजेन्द्र राज पर आरोप है कि गैंगरेप की शिकार महिला न्याय की उम्मीद लेकर थाने पहुंची थी, लेकिन ड्यूटी पर तैनात दोनों आरक्षकों ने न तो उसकी शिकायत दर्ज की और न ही आवेदन लिया। पीड़िता को थाने से लौटा देना पुलिस कर्तव्य का खुला उल्लंघन माना गया। यह मामला हाल ही में सामने आए गैंगरेप प्रकरण से जुड़ा है, जिसमें डायल 112 के चालक और पीड़िता के प्रेमी को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। प्रारंभिक जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि घटना के तुरंत बाद पीड़िता ने पुलिस से मदद मांगी थी, लेकिन उदासीनता के चलते उसकी फरियाद अनसुनी रह गई। मामले की जांच पूरी होने के बाद पुलिस अधीक्षक ने इसे गंभीर लापरवाही करार देते हुए दोनों आरक्षकों को निलंबित करने का आदेश जारी किया। एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “महिलाओं से जुड़े अपराधों में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी चाहे किसी भी पद पर हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है।” इस कार्रवाई के बाद जिले के पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। सभी थानों को महिलाओं से संबंधित शिकायतों के त्वरित पंजीयन और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि पीड़ित की अनदेखी अब किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी।
गर्डर डी-लॉन्चिंग कार्य से रेल यातायात प्रभावित बिलासपुर रेल मंडल में 3 दिन तक 6 पैसेंजर ट्रेनें रद्द
✍️ भागीरथी यादव बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर रेल मंडल में एक बार फिर रेल यात्रियों की परेशानी बढ़ने वाली है। समपार फाटक पर गर्डर डी-लॉन्चिंग कार्य के चलते 23 से 25 जनवरी तक कुल 6 पैसेंजर ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। इस दौरान बिलासपुर–रायगढ़–बिलासपुर और बिलासपुर–कोरबा–बिलासपुर मेमू लोकल ट्रेनें नहीं चलेंगी, जिससे रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को खासा दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार, जांजगीर नैला–चांपा सेक्शन के बीच किलोमीटर संख्या 672/27–673/02 पर स्थित समपार फाटक संख्या 343 (खोखसा फाटक) में गर्डर डी-लॉन्चिंग का कार्य किया जाना है। इस कार्य के लिए ट्रैफिक सह पावर ब्लॉक लिया जाएगा, जिसके कारण दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से चलने और गुजरने वाली कई ट्रेनें प्रभावित रहेंगी। बीच रास्ते समाप्त होंगी दो ट्रेनें गर्डर डी-लॉन्चिंग के कारण दो मेमू पैसेंजर ट्रेनों को आंशिक रूप से रद्द किया गया है। 23 और 25 जनवरी को गाड़ी संख्या 68861 गोंदिया–झारसुगुड़ा मेमू पैसेंजर बिलासपुर स्टेशन में ही समाप्त होगी। बिलासपुर से झारसुगुड़ा के बीच यह ट्रेन रद्द रहेगी। इसी तरह 23 और 25 जनवरी को गाड़ी संख्या 68862 झारसुगुड़ा–गोंदिया मेमू पैसेंजर बिलासपुर स्टेशन से प्रारंभ होगी और झारसुगुड़ा से बिलासपुर के बीच इसका परिचालन नहीं होगा। पहले भी झेलनी पड़ी थी यात्रियों को परेशानी गौरतलब है कि इससे पहले भी 17 और 18 जनवरी को बिलासपुर–रायगढ़–बिलासपुर और बिलासपुर–कोरबा–बिलासपुर मेमू लोकल ट्रेनों को दो दिनों के लिए रद्द किया गया था। उस दौरान कोटमीसोनार–जयरामनगर सेक्शन में ट्रैफिक ब्लॉक लेकर मेंटेनेंस कार्य किया गया था, जिससे यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। लगातार हो रहे रेल कार्यों और ट्रेनों की रद्दीकरण से खासकर दैनिक यात्रियों, नौकरीपेशा लोगों और छात्रों की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से वैकल्पिक साधनों का उपयोग करने और यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी लेने की अपील की है।
घरेलू सहायिका निकली चोर, सीसीटीवी ने खोला राज बांकीमोंगरा में सिलसिलेवार चोरी का पुलिस ने किया पर्दाफाश
कोरबा/बांकीमोंगरा। कोरबा जिले के बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र में एक ही मकान से लगातार हो रही चोरी की घटनाओं का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाली कोई बाहर की नहीं, बल्कि घर में काम करने वाली घरेलू महिला ही थी। पुलिस ने महिला के साथ चोरी का माल खरीदने वाले व्यक्ति को भी गिरफ्तार कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बांकीमोंगरा मुख्य मार्ग स्थित भानु डेंटल क्लिनिक के प्रथम तल में निवासरत कमल किशोर दुबे के घर से बीते कुछ समय से नगदी और जेवरात रहस्यमय तरीके से गायब हो रहे थे। बार-बार सामान गायब होने पर संदेह गहराया, जिसके बाद दुबे ने घर में सीसीटीवी कैमरे लगवाए। कैमरे लगाए जाने की जानकारी घरेलू कामकाज करने वाली महिला माना बाई को नहीं थी। सीसीटीवी लगने के बावजूद चोरी की घटनाएं जारी रहीं। जब फुटेज की जांच की गई तो चौंकाने वाला सच सामने आया—महिला स्वयं चोरी करते हुए कैमरे में कैद हो गई। इसके बाद पीड़ित ने बांकीमोंगरा थाने में शिकायत दर्ज कराई। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और आरोपी महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में महिला ने चोरी की घटनाओं को स्वीकार करते हुए बताया कि उसने चुराए गए जेवरात पुरुषोत्तम सोनी को बेच दिए थे। पुलिस ने इस आधार पर पुरुषोत्तम सोनी को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने 3600 रुपये नगद, एक जोड़ी झुमके और एक जोड़ी पायल बरामद की है। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है। यह मामला एक बार फिर घरेलू सहायकों के सत्यापन और सतर्कता की जरूरत पर सवाल खड़े करता है।
**SECL दीपका पर संविधान की अनदेखी के आरोप
ज्ञान शंकर तिवारी भू-विस्थापितों का फूटा आक्रोश — “कोल बेरिंग एक्ट नहीं, मनमानी से चल रहा प्रशासन”** कोरबा। छत्तीसगढ़ की ऊर्जा राजधानी कहे जाने वाले कोरबा जिले में विकास की चकाचौंध के पीछे भू-विस्थापितों का गहरा दर्द अब सड़कों पर उतर आया है। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के दीपका क्षेत्र प्रबंधन पर भारतीय संविधान, कोल बेरिंग एक्ट और पेसा कानून की खुली अवहेलना के गंभीर आरोप लगे हैं। भू-विस्थापितों और मूल निवासियों का कहना है कि दीपका परियोजना में कानून नहीं, बल्कि “तानाशाही सोच” से फैसले थोपे जा रहे हैं। ग्रामीणों ने दो टूक कहा है — “हमारे लिए संविधान सर्वोपरि है और न्यायालय ही हमारे मंदिर हैं, लेकिन SECL प्रबंधन इसे मानने को तैयार नहीं।” अनुसूचित क्षेत्र में कानून की अनदेखी का आरोप कोरबा जिला भारतीय संविधान की पाँचवीं अनुसूची के अंतर्गत पूर्ण रूप से अनुसूचित क्षेत्र घोषित है। यहां पेसा कानून (PESA Act, 1996) लागू होता है, जिसके तहत जल-जंगल-जमीन पर ग्राम सभा को निर्णायक अधिकार प्राप्त हैं। आरोप है कि दीपका विस्तार परियोजना में ग्राम सभाओं की सहमति के बिना ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई, जो सीधे-सीधे संविधान और पेसा कानून का उल्लंघन है। आंदोलन की आग को हवा देने वाले मुख्य मुद्दे भेदभाव का आरोप भू-विस्थापितों का कहना है कि SECL प्रबंधन SC-ST-OBC वर्ग के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपना रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि यहां कोल बेरिंग एक्ट 1957 की जगह “हिटलरशाही” और “मनमानी नीति” से फैसले लिए जा रहे हैं। भूमि अधिग्रहण और मुआवजा विवाद कोल बेरिंग एक्ट के अनुसार यदि किसी गांव की अधिकांश जमीन अधिग्रहित हो जाती है, तो शेष भूमि भी अनुपयोगी हो जाती है, ऐसी स्थिति में पूरी जमीन का मुआवजा, नौकरी और पुनर्वास अनिवार्य है। ग्रामीणों का दावा है कि SECL इन प्रावधानों को जानबूझकर नजरअंदाज कर रहा है। खनन के बाद जमीन वापसी का नियम ठंडे बस्ते में नियमों के मुताबिक खनन के बाद जमीन को 5 फीट उपजाऊ मिट्टी डालकर किसानों को लौटाना होता है, लेकिन धरातल पर इसका पालन कहीं नजर नहीं आता। 1991-92 पुनर्वास नीति लागू करने की मांग प्रदर्शनकारियों की स्पष्ट मांग है कि 1991-92 की पुनर्वास नीति के तहत हर खाताधारी और पट्टाधारी को नौकरी दी जाए, चाहे उसकी जमीन एक-दो डिसमिल ही क्यों न हो। हरदी बाजार भू-अधिग्रहण बना टकराव का केंद्र दीपका विस्तार परियोजना के तहत ग्राम हरदी बाजार में जारी भूमि अधिग्रहण को ग्रामीणों ने पूरी तरह अवैध बताया है। प्रशासन द्वारा निर्माण रोकने के लिए जारी नोटिस को ग्रामीणों ने सिरे से खारिज कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि — धारा 3-4 के प्रकाशन से पहले कोई त्रिपक्षीय बैठक नहीं हुई वर्ष 2002 से 2022 तक की पूरी अधिग्रहण प्रक्रिया शून्य और अवैध है मुआवजा 2025-26 की नई गाइडलाइन के अनुसार दिया जाए गाइडलाइन रेट्स का तुलनात्मक आंकड़ा 2019-20: बिना कॉलम मकान ₹662 कॉलम वाला ₹828 प्रति वर्गफुट 2024-25: बिना कॉलम ₹1150 कॉलम वाला ₹1750 2025-26 (वर्तमान): RCC मकान ₹1150 स्कूल/दुकान ₹1700 गोदाम ₹1550 प्रति वर्गफुट ग्रामीणों का कहना है कि इन्हीं दरों पर मुआवजा मिलना चाहिए। ग्रामीणों की दो टूक चेतावनी (बाइट) “जब दीपका प्रोजेक्ट की ब्लास्टिंग से हमारे घर जर्जर हो रहे हैं, तो मरम्मत पर रोक क्यों? जब अधिग्रहण ही अवैध है, तो नोटिस भी अवैध है। हम इसे स्वीकार नहीं करेंगे।” ‘हड़प नीति’ का आरोप, कानूनी लड़ाई की तैयारी समाजसेवी मनीराम भारती ने SECL की कार्यप्रणाली की तुलना अंग्रेजों की ‘हड़प नीति’ से करते हुए इसे असंवैधानिक बताया है। मनीराम भारती का बयान: “SECL विस्तार के नाम पर किसानों की संपत्ति हड़प रहा है। यदि संविधान और कानून के अनुसार मुआवजा व बसाहट नहीं दी गई, तो माननीय न्यायालय इस अवैध अधिग्रहण को ध्वस्त कर देगा।” इस संबंध में मांग पत्र और विरोध की प्रतियां 📌 कलेक्टर कोरबा 📌 एसडीएम पाली 📌 तहसीलदार हरदी बाजार 📌 SECL दीपका क्षेत्र के महाप्रबंधक को सौंप दी गई हैं।
समय से पहले बंद मिला आयुष्मान आरोग्य मंदिर, मरीज लौटे मायूस स्टाफ नदारद, स्वास्थ्य सेवाओं पर उठे सवाल
ज्ञान शंकर तिवारी कोरबा। कोरबा जिले के मुड़ापार स्थित शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर में स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल सोमवार शाम उस समय खुल गई, जब निर्धारित समय के भीतर पहुंचे मरीजों को केंद्र का मुख्य द्वार बंद मिला। शाम करीब 7:00 बजे स्वास्थ्य केंद्र पर ताला लटका हुआ था, जबकि डॉक्टर एवं अन्य स्टाफ पूरी तरह अनुपस्थित पाए गए। इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचे मरीजों को बिना उपचार लौटना पड़ा। सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को झेलनी पड़ी, जो देर शाम तक केंद्र खुलने का इंतजार करते रहे। कई मरीजों ने बताया कि नियमित समय में भी स्टाफ की अनुपस्थिति अब आम बात हो चुकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई बार समय से पहले स्वास्थ्य केंद्र बंद मिलने की शिकायतें सामने आ चुकी हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। घटना से नाराज क्षेत्रवासियों ने जिला स्वास्थ्य प्रशासन से मांग की है कि लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं, केंद्र की नियमित निगरानी की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि आम जनता को शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके। अब सवाल यह है कि आम जनता के लिए खोले गए आयुष्मान आरोग्य मंदिर आखिर किसके भरोसे चल रहे हैं? यदि समय पर इलाज नहीं मिला, तो “स्वास्थ्य सुरक्षा” की मंशा केवल कागजों तक ही सीमित रह जाएगी।
**छिंदपुर में लो-वोल्टेज का कहर, जनजीवन अस्त-व्यस्त
ज्ञान शंकर तिवारी 10 दिन में समाधान नहीं तो CSPDCL कार्यालय का घेराव तय** कोरबा/पाली (लोक सदन)। पाली विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत छिंदपुर में जर्जर विद्युत व्यवस्था ग्रामीणों के लिए गंभीर संकट बन गई है। उपस्वास्थ्य केंद्र से लेकर प्राथमिक शाला तक महज एक सिंगल केबल के सहारे बिजली आपूर्ति की जा रही है, जिससे लगातार ओवरलोड और लो-वोल्टेज की स्थिति निर्मित हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि इसी एक केबल पर वेल्डिंग मशीन जैसे भारी उपकरण चलाए जाने से वोल्टेज बार-बार गिर रहा है। नतीजतन मोटर पंप बंद हो जा रहे हैं और घंटों बिजली गुल रहती है। इससे पेयजल आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाएं और स्कूली गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। समस्या को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता कृष्णानंद राठौर ने बताया कि करीब चार माह पूर्व CSPDCL दीपका कार्यालय में सहायक अभियंता को लिखित शिकायत सौंपी गई थी, लेकिन आज तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। विभागीय उदासीनता से ग्रामीणों में आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों की ओर से कार्यपालन अभियंता, CSPDCL कोरबा को ज्ञापन सौंपकर मांग की गई है कि छिंदपुर में अलग से नई विद्युत केबल लाइन बिछाई जाए, जिससे ओवरलोड और लो-वोल्टेज की समस्या का स्थायी समाधान हो सके। ज्ञापन में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि 10 दिनों के भीतर समस्या का निराकरण नहीं किया गया, तो ग्रामीण CSPDCL दीपका कार्यालय का घेराव करेंगे, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी विभाग की होगी। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है, ताकि गांव को इस लंबे समय से चली आ रही समस्या से राहत मिल सके।
पाली | धवईहापारा में राज्य स्तरीय कबड्डी महाकुंभ का भव्य समापन, खेल भावना और जनउत्साह का अद्भुत संगम
ज्ञान शंकर तिवारी पाली विकासखंड के ग्राम धवईहापारा में आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता का समापन 18 जनवरी की देर रात लगभग 12 बजे फाइनल मुकाबले के साथ भव्य और रोमांचक अंदाज़ में हुआ। ठंड और देर रात के बावजूद बड़ी संख्या में दर्शकों की मौजूदगी ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। पूरा क्षेत्र खेल उत्सव और जोश से सराबोर नजर आया। प्रतियोगिता में राज्य के विभिन्न गांवों से आई टीमों ने उत्कृष्ट खेल कौशल, अनुशासन और जुझारूपन का शानदार प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों की ऊर्जा और समर्पण ने यह स्पष्ट कर दिया कि ग्रामीण अंचलों में भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिभाएं मौजूद हैं, जिन्हें सही मंच और प्रोत्साहन मिलने की आवश्यकता है। प्रतियोगिता के परिणाम 🥇 प्रथम स्थान : हरनमुंडी 🥈 द्वितीय स्थान : बिंझरापारा 🥉 तृतीय स्थान : देवगांव 🏅 चतुर्थ स्थान : धवईहापारा व्यक्तिगत पुरस्कार ⭐ बेस्ट रेडर : मनीष उईके (हरनमुंडी) ⭐ बेस्ट केचर : संदीप मरावी (हरनमुंडी) ⭐ बेस्ट ऑलराउंडर : मनोज पटेल (देवगांव) फाइनल मुकाबला दर्शकों के लिए सांसें रोक देने वाला रहा। दोनों टीमों ने अंतिम क्षण तक कड़ा संघर्ष किया। तालियों की गड़गड़ाहट और उत्साहवर्धन के नारों ने खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया और मुकाबले को यादगार बना दिया। जनसेवा और खेल प्रोत्साहन की मिसाल बने कौशल नेटी इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र क्रमांक 09, श्री कौशल नेटी की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की शोभा बढ़ाई। उन्होंने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में युवाओं को अनुशासन, संघर्ष, मेहनत और लक्ष्य के प्रति निष्ठा का संदेश दिया। कार्यक्रम का सबसे सराहनीय पहलू तब सामने आया, जब श्री नेटी ने बिना किसी औपचारिक घोषणा के अपनी ओर से आयोजन समिति को ₹5000 की सहयोग राशि प्रदान की। उनकी यह पहल उनके सरल स्वभाव, खेल प्रेम और जनसेवा की भावना को दर्शाती है। आयोजकों एवं क्षेत्रवासियों ने इस सहयोग के लिए उनका हृदय से आभार व्यक्त किया। जनता के विश्वास पर खरे उतरते जनप्रतिनिधि उल्लेखनीय है कि कौशल नेटी ने पुलिस विभाग में सेवा देने के बाद अपने पद से इस्तीफा देकर जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा। जनता और युवाओं ने उन पर भरोसा जताया और आज वे उस विश्वास पर खरे उतरते हुए क्षेत्र में आयोजित सामाजिक, खेल एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनकी सहभागिता से क्षेत्र में सकारात्मक और प्रेरक संदेश जा रहा है। धवईहापारा की यह राज्य स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता न केवल खेल आयोजन रही, बल्कि ग्रामीण प्रतिभा, सामाजिक सहभागिता और जनप्रतिनिधियों की सक्रियता का जीवंत उदाहरण बनकर उभरी।
कानून के रक्षक पर दाग: कटघोरा थाने में पदस्थ एसआई पर छेड़खानी का मामला, गिरफ्तार
✍️ भागीरथी यादव वर्दी की आड़ में धमकी और उत्पीड़न का आरोप, न्यायिक रिमांड पर भेजा गया कोरबा। जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने पुलिस महकमे की साख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कटघोरा थाना क्षेत्र में पदस्थ सब-इंस्पेक्टर शिव प्रसाद कोसरिया के खिलाफ उसी थाने में छेड़खानी का अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी एसआई को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पीड़िता महिला ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि आरोपी एसआई उसके पति को अवैध शराब के मामले में जेल भेजने की धमकी देकर लगातार फोन पर परेशान करता था। महिला के अनुसार, आरोपी ने अपने पद और प्रभाव का दुरुपयोग करते हुए उस पर दबाव बनाया और भय का माहौल पैदा किया। मामला रविवार रात और गंभीर हो गया, जब आरोप है कि एसआई शराब के नशे में महिला के घर पहुंचा और जबरन छेड़खानी करने की कोशिश की। घटना से डरी महिला ने साहस दिखाते हुए थाने पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की लिखित शिकायत दर्ज कराई। महिला की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने बीएनएस की धारा 354 के तहत मामला दर्ज किया और आरोपी सब-इंस्पेक्टर को तत्काल हिरासत में ले लिया। बाद में उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर भेजने के आदेश दिए गए। कटघोरा थाना प्रभारी डीएन तिवारी ने बताया कि प्रकरण में कानून के अनुसार त्वरित कार्रवाई की गई है। आरोपी एसआई की गिरफ्तारी के साथ ही आगे की जांच जारी है। इस घटना से जिले भर में चर्चा का माहौल है। वर्दीधारी अधिकारी पर लगे गंभीर आरोपों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जब कानून के रक्षक ही कानून तोड़ें, तो आम जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। पुलिस प्रशासन के लिए यह मामला बड़ी परीक्षा बन गया है।
जनसमस्याओं पर फूटा कांग्रेस का गुस्सा, कलेक्टर कार्यालय का किया घेराव
✍️ भागीरथी यादव एमसीबी में प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ सड़क पर उतरी जनता, समाधान तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी एमसीबी। जिले में लगातार बढ़ती जनसमस्याओं और प्रशासन की निष्क्रियता के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी ने मंगलवार को जोरदार प्रदर्शन किया। पहले विशाल आम सभा के माध्यम से जनता की पीड़ा को मंच से उठाया गया, फिर सैकड़ों कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर प्रशासन को चेताया कि अब उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पूरे कार्यक्रम के दौरान आक्रोश, नाराजगी और बदलाव की मांग साफ झलकती रही। आम सभा को संबोधित करते हुए कोरबा लोकसभा सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने कहा कि भाजपा शासन में आम जनता की आवाज को सुनने वाला कोई नहीं है। मनरेगा को कमजोर करना, किसानों पर दबाव बनाना, गरीबों के घर उजाड़ना, दूषित पानी से हो रही मौतें और लगातार बिजली कटौती सरकार की असफल नीतियों का परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हर अन्याय के खिलाफ जनता के साथ खड़ी है और यह संघर्ष रुकने वाला नहीं है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कलेक्टर कार्यालय जनता की समस्याओं को केवल कागजों तक सीमित कर रहा है। धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही, जिससे आम नागरिक परेशान हैं। कांग्रेस ने आज के घेराव के जरिए स्पष्ट कर दिया है कि यदि हालात नहीं बदले, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। पूर्व विधायक गुलाब कमरों ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक दल का नहीं, बल्कि पूरे जिले की आवाज है। गरीब, किसान, मजदूर और कर्मचारी वर्ग लगातार शोषण का शिकार हो रहा है और कांग्रेस उनकी लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ेगी। एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडे ने युवाओं की भागीदारी को आंदोलन की ताकत बताते हुए कहा कि बेरोजगारी और अवसरों की कमी से युवा निराश हैं। आज युवाओं की मौजूदगी यह संकेत है कि अब अन्याय के खिलाफ नई ऊर्जा के साथ संघर्ष होगा। विधायक प्रत्याशी रमेशचंद्र सिंह ने कहा कि दूषित पेयजल और अघोषित बिजली कटौती ने जनता का जीना दूभर कर दिया है। सरकार और प्रशासन इन मुद्दों से आंखें मूंदे हुए हैं, जिसका जवाब जनता आने वाले समय में देगी। मनेंद्रगढ़ शहर ब्लॉक अध्यक्ष सौरव मिश्रा ने कहा कि यह घेराव चेतावनी है, यदि शीघ्र समाधान नहीं मिला तो आंदोलन जिले भर में फैलाया जाएगा। इस प्रदर्शन में पूर्व विधायक विनय जायसवाल, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष प्रभा पटेल, राजकुमार केसरवानी, मनेंद्रगढ़ ग्रामीण अध्यक्ष रामनरेश पटेल, चिरमिरी ब्लॉक अध्यक्ष शिवांश जैन सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता और आम नागरिक शामिल रहे। आम सभा और कलेक्टर कार्यालय घेराव ने यह स्पष्ट कर दिया कि जनता अब खामोश नहीं रहेगी। जनसमस्याओं के समाधान तक कांग्रेस का संघर्ष लगातार और निर्णायक रूप से जारी रहेगा।
















