रायपुर में हाई-वोल्टेज टी-20 मुकाबले का काउंटडाउन शुरू 23 जनवरी: भारत बनाम न्यूजीलैंड, आज शाम 7 बजे खुलेंगी टिकट विंडो

✍️ भागीरथी यादव     रायपुर। शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम एक बार फिर क्रिकेट के रोमांच से गुलजार होने जा रहा है। 23 जनवरी को होने वाले भारत-न्यूजीलैंड टी-20 मुकाबले के लिए आज शाम 7 बजे से टिकट बिक्री शुरू हो जाएगी। छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ (CSCS) ने Ticketgenie को आधिकारिक टिकटिंग पार्टनर नियुक्त किया है। CSCS ने साफ शब्दों में अपील की है कि दर्शक टिकट और मैच से जुड़ी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर ही भरोसा करें। सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक और अपुष्ट खबरों से सावधान रहने को कहा गया है। मैच की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और इस बार सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व होगी। सुरक्षा में कोई समझौता नहीं मैच के दौरान सुरक्षा को लेकर सख्त नियम लागू रहेंगे। पहली पारी समाप्त होने के बाद किसी भी दर्शक को स्टेडियम में प्रवेश नहीं मिलेगा। सुरक्षा के लिए 350 से अधिक प्राइवेट बाउंसर्स तैनात किए जाएंगे, वहीं CSCS के 45 अधिकारी पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर मोर्चा संभालेंगे। स्टेडियम के सभी 13 गेट्स पर लोहे की मजबूत रेलिंग लगाई गई है। खाने-पीने पर रहेगी पैनी नजर पिछले भारत-दक्षिण अफ्रीका मैच में महंगे खाद्य-पेय को लेकर उठे सवालों के बाद इस बार संघ ने सख्ती के संकेत दिए हैं। स्टेडियम के भीतर खाने-पीने की चीजों की कीमत और गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। एंट्री गेट्स पर तिहरी सुरक्षा हर एंट्री गेट पर पुलिस, प्राइवेट गार्ड्स और CSCS स्टाफ की संयुक्त तैनाती होगी। पिछली ODI में दर्शकों के रेलिंग कूदकर मैदान तक पहुंचने की घटना से सबक लेते हुए इस बार बाउंड्री लाइन पर भी अतिरिक्त बाउंसर्स तैनात रहेंगे, ताकि खिलाड़ियों की सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित हो सके। 45 सदस्यीय CSCS टीम मैदान में CSCS अध्यक्ष विजय शाह ने बताया कि पिछली सुरक्षा चूक पर BCCI ने संज्ञान लिया था। इस बार किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। 45 सदस्यीय विशेष टीम पुलिस के साथ समन्वय में पूरे मैच के दौरान तैनात रहेगी।  टीमों का कार्यक्रम भारत-न्यूजीलैंड टी-20 सीरीज का पहला मुकाबला 21 जनवरी को नागपुर में खेला जाएगा। दोनों टीमें 22 जनवरी को रायपुर पहुंचेंगी और शाम को स्टेडियम में अभ्यास सत्र करेंगी। रायपुर तैयार है… क्रिकेट प्रेमियों के लिए 23 जनवरी को रोमांच, जोश और जुनून का महाकुंभ सजने जा रहा है।

कवर्धा में देह व्यापार रैकेट का भंडाफोड़, महिला गिरफ्तार

✍️ भागीरथी यादव तुलसी पारा इलाके से चल रहा था अवैध धंधा, मोबाइल-व्हाट्सएप से तय होते थे सौदे कवर्धा। छत्तीसगढ़ के वनांचल जिले कवर्धा में पुलिस ने देह व्यापार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला को गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला कवर्धा थाना क्षेत्र के तुलसी पारा इलाके में अपने मकान से देह व्यापार का अवैध संचालन कर रही थी। पुलिस पूछताछ में महिला ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। पुलिस को शिकायत मिली थी कि आरोपी महिला अपने घर में युवक-युवतियों को किराए पर कमरे उपलब्ध कराती है और वहीं देह व्यापार का धंधा संचालित कर रही है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए थाना कवर्धा पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मौके पर दबिश दी। पुलिस टीम ने मोहल्लेवासियों से पूछताछ की और मकान की तलाशी ली। तलाशी के दौरान घर में कोई अन्य संदिग्ध व्यक्ति तो नहीं मिला, लेकिन पूछताछ में महिला टूट गई। उसने स्वीकार किया कि वह पैसों के बदले अपने मकान में देह व्यापार के लिए कमरे उपलब्ध कराती थी और ग्राहकों को लड़कियां भी मुहैया कराती थी। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी महिला मोबाइल फोन और व्हाट्सएप के जरिए ग्राहकों से संपर्क करती थी। वह लड़कियों की तस्वीरें भेजकर सौदे तय करती थी। पुलिस द्वारा जब्त किए गए मोबाइल फोन की जांच में कई संदिग्ध और तथाकथित सफेदपोश व्यक्तियों के मोबाइल नंबर भी सामने आए हैं। इस संबंध में कोतवाली थाना प्रभारी योगेश कश्यप ने बताया कि मोबाइल डेटा के आधार पर अन्य लोगों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है और जल्द ही और खुलासे हो सकते हैं। कबीरधाम पुलिस ने साफ किया है कि देह व्यापार जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएस) की धारा 170/126 एवं 135(3) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

30 फीट नीचे गिरते ही आग का गोला बनी कार

सुशील जायसवाल   तातापानी महोत्सव जा रहे दो दोस्तों की जिंदा जलकर दर्दनाक मौत कोरबा (मोरगा)। बुधवार तड़के जिले के सरहदी क्षेत्र मदनपुर में ऐसा भयावह सड़क हादसा हुआ, जिसने हर किसी का दिल दहला दिया। बिलासपुर से तातापानी महोत्सव का आनंद लेने निकले दो जिगरी दोस्तों की तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर लगभग 30 फीट नीचे पुलिया से जा गिरी। टक्कर इतनी भीषण थी कि गिरते ही कार आग का गोला बन गई। कार का दरवाजा लॉक हो जाने के कारण अंदर फंसे दोनों युवकों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला और चंद मिनटों में दोनों जिंदा जल गए। मौके पर मौजूद लोगों के सामने यह मंजर इतना डरावना था कि कोई भी पास जाने की हिम्मत नहीं कर सका। सुबह 4 बजे मौत से टकराई खुशियों की यात्रा यह दर्दनाक हादसा बांगो थाना क्षेत्र के मोरगा चौकी के पास सुबह करीब 4 बजे हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मदनपुर के पास पहुंचते ही कार (CG 10 BF 1673) अचानक अनियंत्रित हुई और सीधे पुलिया के नीचे जा गिरी। नीचे गिरते ही तेज धमाका हुआ और देखते ही देखते आग की लपटों ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया। महोत्सव की खुशी मातम में बदली हादसे में जान गंवाने वाले दोनों युवक बिलासपुर के तोरवा थाना क्षेत्र के देवरी खुर्द के निवासी थे— गोपाल चंद्र डे (42 वर्ष), पिता – मानिक चंद्र डे अरुण सेन (36 वर्ष), पिता – बनारसी लाल सेन दोनों गहरे दोस्त थे और विश्रामपुर में आयोजित तातापानी महोत्सव में शामिल होने के लिए निकले थे। घर से निकलते वक्त किसी ने नहीं सोचा था कि यह यात्रा उनकी जिंदगी की आखिरी यात्रा बन जाएगी। पुलिस पहुंची, तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था घटना की सूचना मिलते ही बांगो पुलिस और मोरगा चौकी की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक कार पूरी तरह जल चुकी थी और दोनों युवक बुरी तरह झुलस चुके थे। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी भेजकर परिजनों को सूचित किया। मोरगा पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में हादसे की वजह नींद की झपकी, तेज रफ्तार या तकनीकी खराबी मानी जा रही है। एक पल की चूक, दो परिवारों की जिंदगी उजड़ गई यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और रात के समय लंबी यात्रा के खतरों की चेतावनी देता है। खुशियों से भरी यात्रा पलभर में मातम में बदल गई और दो परिवार हमेशा के लिए अपनों से वंचित हो गए।

लिंहाईपुर में महिला की हत्या का खुलासा, पति गिरफ्तार

  कवर्धा। जिले के लिंहाईपुर गांव में महिला की संदिग्ध मौत का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने मृतका के पति को गिरफ्तार कर लिया। 12 जनवरी को सरोजनी बंजारे को गंभीर हालत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बोड़ला लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शुरुआत में मौत को सामान्य बताया गया, लेकिन जांच में हत्या का मामला सामने आया। पंडरिया थाना प्रभारी नितिन कुमार तिवारी के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने जांच के दौरान पति दीप सागर बंजारे से पूछताछ की। सख्ती से पूछताछ में आरोपी ने घरेलू विवाद के चलते पत्नी की हत्या करने की बात कबूल की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है। घटना के बाद गांव और क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।  

पाली ब्लॉक कांग्रेस की कमान सत्यनारायण पैकरा के हाथ, कार्यकर्ताओं में उत्साह

ज्ञान शंकर तिवारी     पाली। कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा निर्णय लेते हुए पार्टी नेतृत्व ने पाली ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सत्यनारायण पैकरा को सौंपी है। संगठन द्वारा जारी सूची में उनके नाम की घोषणा होते ही पाली क्षेत्र में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला। सत्यनारायण पैकरा लंबे समय से कांग्रेस संगठन से जुड़े हुए हैं और सामाजिक व राजनीतिक क्षेत्र में उनकी सक्रिय भागीदारी रही है। जमीनी स्तर पर मजबूत पकड़, संगठनात्मक अनुभव और कार्यकर्ताओं के बीच भरोसे को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने उन पर विश्वास जताया है। उनकी नियुक्ति को संगठन विस्तार और आगामी चुनावी रणनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। नियुक्ति के बाद सत्यनारायण पैकरा ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसे वे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस की नीतियों और विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाना उनकी पहली प्राथमिकता होगी, साथ ही सभी कार्यकर्ताओं को साथ लेकर संगठन को मजबूती प्रदान की जाएगी। पाली ब्लॉक के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनकी नियुक्ति का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि सत्यनारायण पैकरा के नेतृत्व में ब्लॉक कांग्रेस नई ऊर्जा के साथ कार्य करेगी और क्षेत्र में कांग्रेस की स्थिति पहले से अधिक मजबूत होगी।

राउत नाचा कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष नत्थू लाल यादव पगड़ी-साल व स्मृति चिन्ह से सम्मानित

✍️ भागीरथी यादव   कोरबा। जिला कोरबा के ग्राम मुढ़ाली में आयोजित पारंपरिक मड़ाई मेला एवं राउत नाचा कार्यक्रम सामाजिक एकता और सांस्कृतिक गौरव का सजीव उदाहरण बना। इस अवसर पर समाज सेवा के क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय जिला अध्यक्ष श्री नत्थू लाल यादव को विशेष सम्मान प्रदान किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मा. विनोद कुमार यादव, जिला पंचायत सदस्य एवं सभापति के कर-कमलों से समिति के सदस्यों की उपस्थिति में श्री नत्थू लाल यादव को स्मृति चिन्ह, पगड़ी और साल भेंट कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके निरंतर समाजसेवी योगदान और संगठनात्मक सक्रियता के लिए दिया गया। समाज सेवा को मिली नई पहचान मुख्य अतिथि विनोद कुमार यादव ने अपने उद्बोधन में कहा कि श्री नत्थू लाल यादव समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने वर्षों से सामाजिक, सांस्कृतिक और जनहित के कार्यों में सक्रिय रहकर समाज को एकजुट करने का कार्य किया है। बधाइयों का लगा तांता सम्मान समारोह के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों, समिति सदस्यों और ग्रामीणजनों ने श्री यादव को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम का वातावरण उत्साह, सम्मान और पारंपरिक लोकसंस्कृति के रंग में रंगा रहा। लोकसंस्कृति और सम्मान का संगम राउत नाचा की मनमोहक प्रस्तुति और मड़ाई मेले की परंपराओं के बीच हुआ यह सम्मान समारोह आयोजन की गरिमा को और ऊंचाई देता नजर आया।  

दर्री में गूंजेगा क्रिकेट का रोमांच

    स्व. गौरव सरकार मेमोरियल ओपन क्रिकेट टूर्नामेंट–2026 का भव्य आगाज 24 जनवरी से आयोजन कर्ता – विकास यादव ( सेरे गोलू) , पंकज वर्मा    दर्री। क्रिकेट प्रेमियों के लिए दर्री क्षेत्र से बड़ी खुशखबरी सामने आई है। युवा खिलाड़ियों को मंच देने और स्वर्गीय गौरव सरकार की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के उद्देश्य से “स्व. गौरव सरकार मेमोरियल ओपन क्रिकेट टूर्नामेंट–2026” का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता टेनिस बॉल क्रिकेट प्रारूप में खेली जाएगी, जिसमें क्षेत्र की चुनिंदा टीमें दमखम दिखाएंगी। दर्जी तहसील कार्यालय के पीछे होगा आयोजन टूर्नामेंट का आयोजन दर्री तहसील कार्यालय के पीछे स्थित मैदान में किया जाएगा। प्रतियोगिता का शुभारंभ 24 जनवरी 2026 से होगा, जबकि फाइनल मुकाबला 1 फरवरी 2026 को खेला जाएगा। सीमित टीमों के बीच होगा महामुकाबला इस रोमांचक प्रतियोगिता में केवल 16 टीमों को ही प्रवेश दिया जाएगा। एंट्री पहले आओ–पहले पाओ के आधार पर होगी। लीग मैच: 8 ओवर सेमीफाइनल व फाइनल: 10 ओवर मैच ICC नियमों (LBW को छोड़कर) और सिक्सिट बॉल से खेले जाएंगे। साथ ही एक खिलाड़ी–एक टीम का नियम सख्ती से लागू रहेगा। आकर्षक पुरस्कार खिलाड़ियों का बढ़ाएंगे उत्साह टूर्नामेंट को और भी खास बनाने के लिए आयोजकों द्वारा आकर्षक पुरस्कारों की घोषणा की गई है— 🏆 विजेता टीम: ₹11,000 🥈 उपविजेता टीम: ₹7,000 ⭐ मैन ऑफ द टूर्नामेंट: ₹1,100 एंट्री शुल्क और पंजीयन प्रत्येक टीम के लिए प्रवेश शुल्क ₹1100 निर्धारित किया गया है। सीमित स्लॉट होने के कारण आयोजकों ने टीमों से जल्द पंजीयन कराने की अपील की है। पंजीयन व जानकारी के लिए संपर्क करें 📞 7806003756 | 9827870348 📞 7898708878 | 9907828820 खेल भावना और यादों का संगम यह टूर्नामेंट न सिर्फ प्रतिस्पर्धा का मंच होगा, बल्कि स्व. गौरव सरकार को श्रद्धांजलि अर्पित करने का भी एक सार्थक प्रयास है। आयोजकों ने क्षेत्र के सभी क्रिकेट प्रेमियों से इस आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।

यात्री सुरक्षा सर्वोपरि, नियम तोड़ने वालों पर सख्ती

✍️ भागीरथी यादव   सड़क सुरक्षा माह में एमसीबी जिले में बसों की रात्रिकालीन सघन जांच एमसीबी। सड़क सुरक्षा माह–2026 के तहत यात्रियों की जान की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए परिवहन विभाग ने जिले में सख्त रुख अपनाया है। इसी क्रम में विभिन्न मार्गों पर रात्रिकालीन सघन जांच अभियान चलाकर बसों की फिटनेस, परमिट और बीमा सहित सभी आवश्यक दस्तावेजों की गहन पड़ताल की गई। दस्तावेजों की कमी और तकनीकी खामियां उजागर अभियान के दौरान कई बसों में आवश्यक दस्तावेज अधूरे पाए गए, वहीं कुछ वाहनों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और तकनीकी खामियां भी सामने आईं। ऐसे मामलों में परिवहन विभाग ने नियमानुसार चालानी कार्रवाई करते हुए वाहन संचालकों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। अधिकारियों की मौजूदगी में चला विशेष अभियान इस विशेष जांच अभियान का नेतृत्व प्रभारी परिवहन निरीक्षक मनोज भारती ने किया। उनके साथ परिवहन उप निरीक्षक डानेश्वर इनसेना, प्रधान आरक्षक विजय ठाकुर सहित परिवहन विभाग का पूरा अमला मौके पर मौजूद रहा और जांच प्रक्रिया को गंभीरता से अंजाम दिया। सिर्फ चालान नहीं, जागरूकता भी उद्देश्य इस अवसर पर प्रभारी परिवहन निरीक्षक मनोज भारती ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सड़क सुरक्षा माह का उद्देश्य केवल दंडात्मक कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना भी है। उन्होंने कहा कि यात्रियों, विशेषकर स्कूली बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा, क्योंकि यह सीधे जीवन से जुड़ा विषय है। नियमों का पालन करने की अपील परिवहन विभाग ने वाहन चालकों, स्कूल प्रबंधन और आम नागरिकों से अपील की है कि वे सभी यातायात नियमों का पूर्ण पालन करें, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाएं और अपने वाहनों को तकनीकी रूप से सुरक्षित व नियमसम्मत रखें, ताकि सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सके।

शिक्षा के मंदिर में श्रम का शोषण

ज्ञान शंकर तिवारी      पाली ब्लॉक के शासकीय स्कूल में बच्चों से कराया जा रहा काम, शिक्षकों की लापरवाही कैमरे में कैद पाली। ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था पहले से ही कई चुनौतियों से जूझ रही है, लेकिन जब स्कूल—जो बच्चों के भविष्य की नींव होते हैं—वहीं उनके अधिकारों का हनन होने लगे, तो यह पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े करता है। ऐसा ही एक शर्मनाक मामला पाली विकासखंड के ग्राम सफलवा के आश्रित मोहल्ला राहा में संचालित शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला से सामने आया है, जहाँ शिक्षा के नाम पर बच्चों से श्रमिक कार्य कराए जाने का आरोप सामने आया है। पढ़ाई छोड़, बाल्टी और झाड़ू थामते बच्चे मिली जानकारी के अनुसार विद्यालय में पदस्थ एक शिक्षिका रोज़ की तरह दोपहर लगभग 3 बजे बिना किसी पूर्व सूचना के विद्यालय छोड़कर चली गईं। वहीं स्कूल में मौजूद दूसरे शिक्षक द्वारा बच्चों से बाल्टी में पानी भरवाना, कक्षा की साफ-सफाई कराना जैसे कार्य कराए जा रहे थे। यह पूरा दृश्य पाली के मीडिया प्रतिनिधि द्वारा मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड किया गया, जिससे मामले की गंभीरता और स्पष्ट हो गई। सवालों से बचते शिक्षक, मीडिया से अभद्र व्यवहार जब इस पूरे मामले पर संबंधित शिक्षक से जवाब मांगा गया, तो उन्होंने अपनी गलती स्वीकार करने के बजाय मीडिया से अभद्र भाषा में बातचीत की। “स्कूल में कैसे आ गए”, “किसने अनुमति दी” जैसे शब्दों का प्रयोग करते हुए न केवल जवाबदेही से बचने की कोशिश की गई, बल्कि पत्रकारिता की मर्यादा को भी ठेस पहुंचाई गई। बाल अधिकारों का खुला उल्लंघन यह घटना केवल एक विद्यालय की नहीं, बल्कि ग्रामीण इलाकों में शिक्षा व्यवस्था की कड़वी सच्चाई को उजागर करती है। जिन बच्चों के हाथों में किताब और कलम होनी चाहिए, वे स्कूल में श्रम करने को मजबूर हैं। यह स्थिति बाल अधिकारों और शिक्षा के अधिकार अधिनियम—दोनों का सीधा उल्लंघन है। निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि शिक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था आखिर कहां है? क्या इस तरह की गतिविधियां पहले भी होती रही हैं? और क्या संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी थी? अब विभागीय कार्रवाई की कसौटी अब देखना यह होगा कि शिक्षा विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और दोषी शिक्षकों के खिलाफ क्या ठोस कार्रवाई की जाती है। यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो “शिक्षा का मंदिर” कहलाने वाले विद्यालयों की गरिमा लगातार धूमिल होती चली जाएगी।  

कागज़ों में तीन शिक्षक, ज़मीनी हकीकत में चपरासी संभाल रहा स्कूल

✍️ भागीरथी यादव   जनकपुर ब्लॉक के सरकारी विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था की पोल खुली एमसीबी। देश की सबसे बड़ी शिक्षा व्यवस्था होने का दावा करने वाली सरकारी प्रणाली की जमीनी सच्चाई एक बार फिर सामने आई है। छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर जिले के जनकपुर ब्लॉक स्थित ग्राम पंचायत कमर्जी के शासकीय प्राथमिक विद्यालय में हालात इतने बदतर हैं कि कागज़ों में तैनात शिक्षक स्कूल से नदारद हैं और बच्चों की पढ़ाई एक चपरासी के भरोसे छोड़ दी गई है। विद्यालय में कुल 68 छात्र अध्ययनरत हैं। शिक्षा विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक यहां एक प्रधान पाठक और दो सहायक शिक्षक पदस्थ हैं। लेकिन जब दोपहर लगभग 2 बजे विद्यालय का जायजा लिया गया, तो सच्चाई चौंकाने वाली थी। खुला स्कूल, भटकते बच्चे, खाली कक्षाएं विद्यालय भवन खुला मिला, बच्चे परिसर में इधर-उधर घूमते नजर आए, लेकिन कक्षाओं में पढ़ाने वाला कोई शिक्षक मौजूद नहीं था। ग्रामीणों ने बताया कि तीनों शिक्षक बिना किसी सूचना और अनुमति के अनुपस्थित हैं। न समय तय है, न जवाबदेही—बस स्कूल चल रहा है कागज़ों में। 68 बच्चों का भविष्य एक चपरासी के हवाले सबसे गंभीर और चिंताजनक तथ्य यह सामने आया कि पूरे विद्यालय की जिम्मेदारी एक चपरासी के भरोसे छोड़ दी गई है। यह व्यक्ति पढ़ाने के लिए नियुक्त नहीं है, फिर भी वही बच्चों की निगरानी और विद्यालय संचालन संभाल रहा है। यह स्थिति न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि बच्चों के भविष्य के साथ खुला खिलवाड़ भी है। शिक्षा का अधिकार या मज़ाक? यह मामला केवल शिक्षकों की गैरहाजिरी का नहीं, बल्कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम के खुले उल्लंघन का है। जब शिक्षक स्कूल से गायब रहते हैं, तो सिर्फ कक्षाएं ही खाली नहीं होतीं—बच्चों का भरोसा, उनका उत्साह और उनके सपने भी धीरे-धीरे टूटने लगते हैं। दावों और ज़मीनी सच्चाई में गहरी खाई सरकार एक ओर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्कूलों के उन्नयन के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी ओर ऐसे विद्यालय इस बात की गवाही दे रहे हैं कि कई सरकारी स्कूल महज़ कागज़ी औपचारिकता बनकर रह गए हैं। अब सवालों के घेरे में शिक्षा विभाग सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या शिक्षा विभाग इस गंभीर लापरवाही पर कार्रवाई करेगा? क्या बिना सूचना अनुपस्थित शिक्षकों पर निलंबन की गाज गिरेगी? या फिर यह मामला भी अन्य शिकायतों की तरह फाइलों में दबा दिया जाएगा? यह प्रकरण केवल एक स्कूल तक सीमित नहीं है, बल्कि उस पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है, जो गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों की शिक्षा के साथ रोज़ाना समझौता कर रही है।

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