Korba Breaking NH-130 पर रफ्तार का कहर, तान नदी पुल बना हादसे का गवाह देखें वीडियो…

सुशील जायसवाल   गलत साइड से आई पिकअप ने कार को मारी सीधी टक्कर, कार के उड़े परखच्चे—बाल-बाल टली बड़ी अनहोनी कोरबी चोटिया कटघोरा–अंबिकापुर राष्ट्रीय राजमार्ग NH-130 पर सोमवार शाम उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब बांगे थाना क्षेत्र अंतर्गत गुरसिया के पास तान नदी पुल के समीप तेज रफ्तार और लापरवाही ने एक बड़े हादसे को जन्म दे दिया। शाम करीब 6 बजे कार और पिकअप वाहन (TATA MAX) के बीच हुई आमने-सामने की जबरदस्त भिड़ंत में कार के चीथड़े उड़ गए, हालांकि किस्मत अच्छी रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार कटघोरा से अंबिकापुर की ओर जा रही थी, जबकि अंबिकापुर से कटघोरा की दिशा में तेज रफ्तार से आ रही पिकअप वाहन गलत साइड में घुस गई। तान नदी पुल के पास दोनों वाहनों की सीधी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहन सड़क पर बुरी तरह क्षतिग्रस्त अवस्था में जा गिरे। हादसे के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार और भगदड़ मच गई। स्थानीय लोगों ने सराहनीय तत्परता दिखाते हुए घायलों को वाहन से बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। दुर्घटना में पिकअप चालक को मामूली चोटें आईं, जिसे उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। दुर्घटनाग्रस्त पिकअप वाहन का नंबर CG-08-AJ-1635 बताया गया है। सूचना मिलते ही बांगे थाना पुलिस मौके पर पहुंची, क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाकर यातायात बहाल कराया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 👉 यह हादसा एक बार फिर NH-130 पर तेज रफ्तार और लापरवाही से ड्राइविंग के खतरे की चेतावनी दे गया। देखें वीडियो… 🎥

36 मोड़ की खाई में मिली रहस्यमय महिला की लाश, सड़ी-गली हालत ने बढ़ाई हत्या की आशंका

✍️ भागीरथी यादव   एमसीबी/चिरमिरी। एमसीबी जिले के चिरमिरी–बिलासपुर मार्ग पर स्थित चर्चित 36 मोड़ के पास जंगल की गहरी खाई में एक अज्ञात महिला का सड़ा-गला शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। शव की स्थिति देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि महिला की मौत कई दिन पहले हो चुकी है। स्थानीय लोगों द्वारा शव देखे जाने की सूचना मिलते ही चिरमिरी पुलिस मौके पर पहुंची। दुर्गम और घने जंगल वाले क्षेत्र में कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने शव को खाई से बाहर निकलवाया और मौके पर पंचनामा कार्रवाई पूरी की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रारंभिक जांच में पुलिस को ऐसा कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं मिला है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि महिला की मौत हत्या है या दुर्घटना। हालांकि घटनास्थल की परिस्थितियां कई सवाल खड़े कर रही हैं। आशंका जताई जा रही है कि महिला को ऊपर से खाई में फेंका गया हो सकता है, जिससे मामला संदिग्ध बन गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो पाएगा। फिलहाल मृतका की शिनाख्त नहीं हो सकी है। पहचान के लिए आसपास के थाना क्षेत्रों में गुमशुदगी की रिपोर्ट खंगाली जा रही है और स्थानीय लोगों से पूछताछ की जा रही है। इस रहस्यमय घटना के बाद से 36 मोड़ और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए हर एंगल से जांच शुरू कर दी है।

कांकेर पुलिस की बड़ी सफलता: रायपुर रेलवे स्टेशन के पास से आरोपी गिरफ्तार

    कांकेर। अपराधियों पर शिकंजा कसते हुए कांकेर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। आरोपी की तलाश और गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक निखिल अशोक राखेचा (भा.पु.से.) के निर्देश पर विशेष टीमों का गठन किया गया था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशीष बंचोर के मार्गदर्शन एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस शुभम तिवारी के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी निरीक्षक रमेश जायसवाल के नेतृत्व में पुलिस ने सघन कार्रवाई शुरू की। लगातार प्रयासों और सायबर सेल की तकनीकी सहायता से थाना अंतागढ़ पुलिस ने फरार आरोपी गुलशन निषाद (30 वर्ष), निवासी संजयपारा, अंतागढ़ को रायपुर रेलवे स्टेशन के पास घेराबंदी कर धर दबोचा। आरोपी को 19 जनवरी 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस की इस त्वरित और सुनियोजित कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंप है। कांकेर पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि कानून से भागना अब आसान नहीं, हर आरोपी तक पहुंचकर उसे सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा। स

एनएच-30 पर भीषण सड़क हादसा: कार–बाइक टक्कर में अधेड़ की मौत, अंधेरे चौक बना जानलेवा

✍️ भागीरथी यादव     कांकेर। कांकेर जिले में नेशनल हाईवे-30 एक बार फिर मौत का गवाह बना। चारामा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रतेसरा के पास कार और बाइक की आमने-सामने की टक्कर में एक अधेड़ व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई। हादसा 19 जनवरी की शाम करीब 7 से 8 बजे के बीच हुआ। मिली जानकारी के अनुसार कांकेर से चारामा की ओर जा रही कार की टक्कर ग्राम रतेसरा से हाईवे पर निकल रही बाइक से हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलते ही चारामा थाना की पेट्रोलिंग पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को तत्काल चारामा अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान अरुण यादव, निवासी ग्राम बाबू दबेना के रूप में हुई है। घटना स्थल गांव का मुख्य चौक बताया जा रहा है, जो सीधे नेशनल हाईवे से जुड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि यहां स्ट्रीट लाइट की कोई व्यवस्था नहीं होने से अंधेरे में अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। स्थानीय लोगों ने कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस हादसे के बाद गांव में शोक का माहौल है। आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल स्ट्रीट लाइट और सुरक्षा उपाय किए जाएं, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को इस तरह अपनों को न खोना पड़े।

कबीरधाम में दहेज की बलि: पत्नी की पिटाई के बाद जहर देकर हत्या, पति गिरफ्तार

  कबीरधाम। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले से दहेज प्रताड़ना की एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। लोहारा थाना क्षेत्र के महाराटोला गांव में दहेज की मांग ने एक विवाहिता की जान ले ली। मायके पक्ष का आरोप है कि पति ने पहले पत्नी के साथ बेरहमी से मारपीट की और फिर जहर पिलाकर उसकी हत्या कर दी। जानकारी के अनुसार आरोपी पति जोहन साहू ने वारदात के बाद खुद को बचाने के लिए पत्नी लोकेश्वरी को लोहारा अस्पताल में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया। इधर, मृतका के मायके पक्ष ने एसपी कार्यालय पहुंचकर ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। पिता का कहना है कि दहेज को लेकर लोकेश्वरी को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था और ससुराल के अन्य सदस्य भी इस घटना में शामिल हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह बघेल ने बताया कि आरोपी पति को जेल भेज दिया गया है और ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों की भूमिका की जांच जारी है। दोषी पाए जाने पर सभी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा है। एक बार फिर दहेज की काली प्रथा ने एक बेटी की जिंदगी छीन ली, जिसने समाज और कानून दोनों को झकझोर कर रख दिया है।

खैरागढ़ में ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क का भंडाफोड़, ‘शिवा बुक’ एप से करोड़ों का अवैध खेल

  खैरागढ़। मोबाइल और इंटरनेट के सहारे ऑनलाइन सट्टा अब संगठित साइबर अपराध का रूप ले चुका है। खैरागढ़ जिले में उजागर हुए ‘शिवा बुक’ ऑनलाइन सट्टा एप ने दिखा दिया कि एक क्लिक से कैसे करोड़ों का अवैध कारोबार खड़ा किया जा रहा है। पुलिस जांच में सामने आया कि इस एप के जरिए क्रिकेट, फुटबॉल, कैसीनो गेम और लाइव मैचों पर देशभर में दांव लगवाए जा रहे थे। पहचान छुपाने के लिए आरोपी एप का नाम बदलकर ‘100 पैनल’ और ‘फेयर प्ले’ रखते रहे। सोशल मीडिया के जरिए लोगों को जोड़कर फर्जी बैंक खातों में पैसे मंगाए जाते थे। खैरागढ़ प्रकरण में 8 से 10 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन के सबूत मिले हैं। गुरुग्राम तक फैले नेटवर्क पर पुलिस की कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि डिजिटल सट्टा अब भी कानून की पकड़ से बाहर नहीं है। पुलिस का संदेश स्पष्ट है—ऑनलाइन सट्टा न सिर्फ अवैध है, बल्कि युवाओं और परिवारों के भविष्य के लिए घातक भी। अब हाईटेक अपराधियों पर सख्त शिकंजा तय है।

कोरबा पुलिस में बड़ी कार्रवाई: गैंगरेप पीड़िता की शिकायत न लेने पर दो आरक्षक निलंबित

✍️ भागीरथी यादव   कोरबा, 20 जनवरी। महिलाओं से जुड़े अपराधों के प्रति लापरवाही पर कोरबा पुलिस में कड़ा संदेश देते हुए पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने बांकीमोंगरा थाना में पदस्थ दो आरक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई गैंगरेप पीड़िता की शिकायत दर्ज न करने जैसी गंभीर चूक के चलते की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार आरक्षक क्रमांक 127 राकेश मेहता एवं आरक्षक क्रमांक 771 राजेन्द्र राज पर आरोप है कि गैंगरेप की शिकार महिला न्याय की उम्मीद लेकर थाने पहुंची थी, लेकिन ड्यूटी पर तैनात दोनों आरक्षकों ने न तो उसकी शिकायत दर्ज की और न ही आवेदन लिया। पीड़िता को थाने से लौटा देना पुलिस कर्तव्य का खुला उल्लंघन माना गया। यह मामला हाल ही में सामने आए गैंगरेप प्रकरण से जुड़ा है, जिसमें डायल 112 के चालक और पीड़िता के प्रेमी को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। प्रारंभिक जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि घटना के तुरंत बाद पीड़िता ने पुलिस से मदद मांगी थी, लेकिन उदासीनता के चलते उसकी फरियाद अनसुनी रह गई। मामले की जांच पूरी होने के बाद पुलिस अधीक्षक ने इसे गंभीर लापरवाही करार देते हुए दोनों आरक्षकों को निलंबित करने का आदेश जारी किया। एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “महिलाओं से जुड़े अपराधों में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी चाहे किसी भी पद पर हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है।” इस कार्रवाई के बाद जिले के पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। सभी थानों को महिलाओं से संबंधित शिकायतों के त्वरित पंजीयन और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि पीड़ित की अनदेखी अब किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी।

गर्डर डी-लॉन्चिंग कार्य से रेल यातायात प्रभावित बिलासपुर रेल मंडल में 3 दिन तक 6 पैसेंजर ट्रेनें रद्द

✍️ भागीरथी यादव     बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर रेल मंडल में एक बार फिर रेल यात्रियों की परेशानी बढ़ने वाली है। समपार फाटक पर गर्डर डी-लॉन्चिंग कार्य के चलते 23 से 25 जनवरी तक कुल 6 पैसेंजर ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। इस दौरान बिलासपुर–रायगढ़–बिलासपुर और बिलासपुर–कोरबा–बिलासपुर मेमू लोकल ट्रेनें नहीं चलेंगी, जिससे रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को खासा दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार, जांजगीर नैला–चांपा सेक्शन के बीच किलोमीटर संख्या 672/27–673/02 पर स्थित समपार फाटक संख्या 343 (खोखसा फाटक) में गर्डर डी-लॉन्चिंग का कार्य किया जाना है। इस कार्य के लिए ट्रैफिक सह पावर ब्लॉक लिया जाएगा, जिसके कारण दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से चलने और गुजरने वाली कई ट्रेनें प्रभावित रहेंगी। बीच रास्ते समाप्त होंगी दो ट्रेनें गर्डर डी-लॉन्चिंग के कारण दो मेमू पैसेंजर ट्रेनों को आंशिक रूप से रद्द किया गया है। 23 और 25 जनवरी को गाड़ी संख्या 68861 गोंदिया–झारसुगुड़ा मेमू पैसेंजर बिलासपुर स्टेशन में ही समाप्त होगी। बिलासपुर से झारसुगुड़ा के बीच यह ट्रेन रद्द रहेगी। इसी तरह 23 और 25 जनवरी को गाड़ी संख्या 68862 झारसुगुड़ा–गोंदिया मेमू पैसेंजर बिलासपुर स्टेशन से प्रारंभ होगी और झारसुगुड़ा से बिलासपुर के बीच इसका परिचालन नहीं होगा। पहले भी झेलनी पड़ी थी यात्रियों को परेशानी गौरतलब है कि इससे पहले भी 17 और 18 जनवरी को बिलासपुर–रायगढ़–बिलासपुर और बिलासपुर–कोरबा–बिलासपुर मेमू लोकल ट्रेनों को दो दिनों के लिए रद्द किया गया था। उस दौरान कोटमीसोनार–जयरामनगर सेक्शन में ट्रैफिक ब्लॉक लेकर मेंटेनेंस कार्य किया गया था, जिससे यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। लगातार हो रहे रेल कार्यों और ट्रेनों की रद्दीकरण से खासकर दैनिक यात्रियों, नौकरीपेशा लोगों और छात्रों की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से वैकल्पिक साधनों का उपयोग करने और यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी लेने की अपील की है।

घरेलू सहायिका निकली चोर, सीसीटीवी ने खोला राज बांकीमोंगरा में सिलसिलेवार चोरी का पुलिस ने किया पर्दाफाश

    कोरबा/बांकीमोंगरा। कोरबा जिले के बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र में एक ही मकान से लगातार हो रही चोरी की घटनाओं का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाली कोई बाहर की नहीं, बल्कि घर में काम करने वाली घरेलू महिला ही थी। पुलिस ने महिला के साथ चोरी का माल खरीदने वाले व्यक्ति को भी गिरफ्तार कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बांकीमोंगरा मुख्य मार्ग स्थित भानु डेंटल क्लिनिक के प्रथम तल में निवासरत कमल किशोर दुबे के घर से बीते कुछ समय से नगदी और जेवरात रहस्यमय तरीके से गायब हो रहे थे। बार-बार सामान गायब होने पर संदेह गहराया, जिसके बाद दुबे ने घर में सीसीटीवी कैमरे लगवाए। कैमरे लगाए जाने की जानकारी घरेलू कामकाज करने वाली महिला माना बाई को नहीं थी। सीसीटीवी लगने के बावजूद चोरी की घटनाएं जारी रहीं। जब फुटेज की जांच की गई तो चौंकाने वाला सच सामने आया—महिला स्वयं चोरी करते हुए कैमरे में कैद हो गई। इसके बाद पीड़ित ने बांकीमोंगरा थाने में शिकायत दर्ज कराई। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और आरोपी महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में महिला ने चोरी की घटनाओं को स्वीकार करते हुए बताया कि उसने चुराए गए जेवरात पुरुषोत्तम सोनी को बेच दिए थे। पुलिस ने इस आधार पर पुरुषोत्तम सोनी को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने 3600 रुपये नगद, एक जोड़ी झुमके और एक जोड़ी पायल बरामद की है। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है। यह मामला एक बार फिर घरेलू सहायकों के सत्यापन और सतर्कता की जरूरत पर सवाल खड़े करता है।

**SECL दीपका पर संविधान की अनदेखी के आरोप

ज्ञान शंकर तिवारी    भू-विस्थापितों का फूटा आक्रोश — “कोल बेरिंग एक्ट नहीं, मनमानी से चल रहा प्रशासन”** कोरबा। छत्तीसगढ़ की ऊर्जा राजधानी कहे जाने वाले कोरबा जिले में विकास की चकाचौंध के पीछे भू-विस्थापितों का गहरा दर्द अब सड़कों पर उतर आया है। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के दीपका क्षेत्र प्रबंधन पर भारतीय संविधान, कोल बेरिंग एक्ट और पेसा कानून की खुली अवहेलना के गंभीर आरोप लगे हैं। भू-विस्थापितों और मूल निवासियों का कहना है कि दीपका परियोजना में कानून नहीं, बल्कि “तानाशाही सोच” से फैसले थोपे जा रहे हैं। ग्रामीणों ने दो टूक कहा है — “हमारे लिए संविधान सर्वोपरि है और न्यायालय ही हमारे मंदिर हैं, लेकिन SECL प्रबंधन इसे मानने को तैयार नहीं।” अनुसूचित क्षेत्र में कानून की अनदेखी का आरोप कोरबा जिला भारतीय संविधान की पाँचवीं अनुसूची के अंतर्गत पूर्ण रूप से अनुसूचित क्षेत्र घोषित है। यहां पेसा कानून (PESA Act, 1996) लागू होता है, जिसके तहत जल-जंगल-जमीन पर ग्राम सभा को निर्णायक अधिकार प्राप्त हैं। आरोप है कि दीपका विस्तार परियोजना में ग्राम सभाओं की सहमति के बिना ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई, जो सीधे-सीधे संविधान और पेसा कानून का उल्लंघन है। आंदोलन की आग को हवा देने वाले मुख्य मुद्दे भेदभाव का आरोप भू-विस्थापितों का कहना है कि SECL प्रबंधन SC-ST-OBC वर्ग के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपना रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि यहां कोल बेरिंग एक्ट 1957 की जगह “हिटलरशाही” और “मनमानी नीति” से फैसले लिए जा रहे हैं। भूमि अधिग्रहण और मुआवजा विवाद कोल बेरिंग एक्ट के अनुसार यदि किसी गांव की अधिकांश जमीन अधिग्रहित हो जाती है, तो शेष भूमि भी अनुपयोगी हो जाती है, ऐसी स्थिति में पूरी जमीन का मुआवजा, नौकरी और पुनर्वास अनिवार्य है। ग्रामीणों का दावा है कि SECL इन प्रावधानों को जानबूझकर नजरअंदाज कर रहा है। खनन के बाद जमीन वापसी का नियम ठंडे बस्ते में नियमों के मुताबिक खनन के बाद जमीन को 5 फीट उपजाऊ मिट्टी डालकर किसानों को लौटाना होता है, लेकिन धरातल पर इसका पालन कहीं नजर नहीं आता। 1991-92 पुनर्वास नीति लागू करने की मांग प्रदर्शनकारियों की स्पष्ट मांग है कि 1991-92 की पुनर्वास नीति के तहत हर खाताधारी और पट्टाधारी को नौकरी दी जाए, चाहे उसकी जमीन एक-दो डिसमिल ही क्यों न हो। हरदी बाजार भू-अधिग्रहण बना टकराव का केंद्र दीपका विस्तार परियोजना के तहत ग्राम हरदी बाजार में जारी भूमि अधिग्रहण को ग्रामीणों ने पूरी तरह अवैध बताया है। प्रशासन द्वारा निर्माण रोकने के लिए जारी नोटिस को ग्रामीणों ने सिरे से खारिज कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि — धारा 3-4 के प्रकाशन से पहले कोई त्रिपक्षीय बैठक नहीं हुई वर्ष 2002 से 2022 तक की पूरी अधिग्रहण प्रक्रिया शून्य और अवैध है मुआवजा 2025-26 की नई गाइडलाइन के अनुसार दिया जाए गाइडलाइन रेट्स का तुलनात्मक आंकड़ा 2019-20: बिना कॉलम मकान ₹662 कॉलम वाला ₹828 प्रति वर्गफुट 2024-25: बिना कॉलम ₹1150 कॉलम वाला ₹1750 2025-26 (वर्तमान): RCC मकान ₹1150 स्कूल/दुकान ₹1700 गोदाम ₹1550 प्रति वर्गफुट ग्रामीणों का कहना है कि इन्हीं दरों पर मुआवजा मिलना चाहिए। ग्रामीणों की दो टूक चेतावनी (बाइट) “जब दीपका प्रोजेक्ट की ब्लास्टिंग से हमारे घर जर्जर हो रहे हैं, तो मरम्मत पर रोक क्यों? जब अधिग्रहण ही अवैध है, तो नोटिस भी अवैध है। हम इसे स्वीकार नहीं करेंगे।” ‘हड़प नीति’ का आरोप, कानूनी लड़ाई की तैयारी समाजसेवी मनीराम भारती ने SECL की कार्यप्रणाली की तुलना अंग्रेजों की ‘हड़प नीति’ से करते हुए इसे असंवैधानिक बताया है। मनीराम भारती का बयान: “SECL विस्तार के नाम पर किसानों की संपत्ति हड़प रहा है। यदि संविधान और कानून के अनुसार मुआवजा व बसाहट नहीं दी गई, तो माननीय न्यायालय इस अवैध अधिग्रहण को ध्वस्त कर देगा।” इस संबंध में मांग पत्र और विरोध की प्रतियां 📌 कलेक्टर कोरबा 📌 एसडीएम पाली 📌 तहसीलदार हरदी बाजार 📌 SECL दीपका क्षेत्र के महाप्रबंधक को सौंप दी गई हैं।

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